आगरा के खेल पुरोधा कौशलेंद्र पाल सिंह का निधन: हॉकी और फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी व पूर्व खेल अधिकारी ने ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक की लहर

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Agra Desk, 🌐 [tajnews.in] | Sunday, 19 July, 2026, 02:54:00 AM IST.

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tajnews.in | आगरा: ताजनगरी के खेल जगत के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय शनिवार को हमेशा-हमेशा के लिए बंद हो गया। आगरा और समूचे उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने वाले महान पुरोधा, उत्कृष्ट हॉकी खिलाड़ी तथा खेल विभाग के पूर्व खेल अधिकारी कौशलेंद्र पाल सिंह का दुखद निधन हो गया है। उन्होंने खिलाड़ी, समर्पित प्रशिक्षक और शिक्षक के रूप में अपनी संपूर्ण जिंदगी खेल के मैदान को विधिक रूप से समर्पित कर दी थी। उनके महाप्रयाण की खबर आग की तरह फैलते ही आगरा विश्वविद्यालय सहित पूरे प्रदेश के खेल प्रेमियों और हॉकी जगत में कड़े शोक की गहरी लहर दौड़ गई। दिवंगत खेल अधिकारी का पार्थिव शरीर शनिवार को बरेली से उनके आगरा स्थित शास्त्रीपुरम आवास पर लाया गया, जहां उनके अंतिम दर्शनों के लिए सैकड़ों खेल प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों का तांता लग गया।

HIGHLIGHTS
  1. अतुलनीय खेल सफर: उत्तर प्रदेश खेल विभाग के पूर्व खेल अधिकारी और नामचीन हॉकी व फुटबॉल खिलाड़ी कौशलेंद्र पाल सिंह का शनिवार को निधन।
  2. संतोष ट्रॉफी में जलवा: फुटबॉल के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय टूर्नामेंट संतोष ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की टीम का किया था विधिक प्रतिनिधित्व, केरल में टीम को पहुंचाया क्वार्टर फाइनल तक।
  3. प्रतिभाओं के शिल्पकार: यूपी स्पोर्ट्स हॉस्टल के मुख्य कोच और आगरा विश्वविद्यालय के बीपीएड (B.P.Ed.) विभाग में व्याख्याता के रूप में दीं लंबी सेवाएं।
  4. दिग्गजों ने जताया शोक: पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान जगबीर सिंह सहित खेल जगत की नामचीन हस्तियों ने इसे आगरा के लिए एक अपूरणीय और कड़ी क्षति बताया।

हॉकी और फुटबॉल दोनों विन्यासों में मनवाया लोहा, संतोष ट्रॉफी में रचा था इतिहास

उनके समकालीन और साथी दिग्गज खिलाड़ी शैलेश कुमार सिंह ने अश्रुपूर्ण आंखों से उनके विधिक और ऐतिहासिक खेल सफर की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि कौशलेंद्र पाल सिंह पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी ऐसे विरले खिलाड़ी थे जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल और राज्य स्तर पर हॉकी खेल विन्यास में अपनी अद्भुत तकनीक का लोहा मनवाया था। हॉकी के मैदान पर उन्होंने विश्वविद्यालय की टीम का गौरवशाली नेतृत्व किया, वहीं देश की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल चैंपियनशिप ‘संतोष ट्रॉफी’ में वे उत्तर प्रदेश की मुख्य टीम के सबसे भरोसेमंद सदस्य रहे। उनके विन्यास में उत्तर प्रदेश फुटबॉल टीम ने केरल में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान ऐतिहासिक व आक्रामक प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर देश भर के खेल समीक्षकों को चौंका दिया था।

मैदान से संन्यास लेने के बाद भी खेल के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ। उन्होंने उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स हॉस्टल में मुख्य कोच के रूप में कड़ा दायित्व संभाला और ग्रामीण व शहरी अंचलों से आने वाले अनेक प्रतिभाशाली नौजवान खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय फलक तक पहुँचाया। वे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर (आगरा) विश्वविद्यालय के होनहार पूर्व छात्र रहे और बाद में उसी परिसर में अपनी मातृसंस्था की सेवा के लिए मुख्य कोच व बीपीएड (शारीरिक शिक्षा विभाग) में व्याख्याता (लेक्चरर) के विधिक पद पर नियुक्त हुए, जहाँ उन्होंने हजारों छात्रों को खेल के विधिक नियमों और कड़े अनुशासन की शिक्षा दी।

शास्त्रीपुरम आवास पर उमड़ा जनसैलाब, जगबीर सिंह सहित खेल हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

जैसे ही उनका पार्थिव शरीर शास्त्रीपुरम स्थित उनके पैतृक निवास पर पहुंचा, समूचा माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। खेल पुरोधा को विधिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन जगबीर सिंह विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कौशलेंद्र पाल सिंह का जाना केवल आगरा ही नहीं, बल्कि समूचे देश के खेल विन्यास के लिए एक वज्रपात है। वे एक कुशल मार्गदर्शक थे जिन्होंने हमेशा खिलाड़ियों के हितों की विधिक रक्षा की।

शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में जिला हॉकी संघ के सचिव संजय गौतम, पूर्व दिग्गज खिलाड़ी पवन सिंह, जितेंद्र तोमर, वी एस राव, गौतम बनर्जी, धर्मेंद्र जैन, दलीप सिंह, संजय जैन, अजीत चतुर्वेदी और राजीव सोई आदि खेल प्रशासनिक हस्तियां शामिल रहीं। सभी ने एक सुर में कहा कि खेल मैदानों में उनके द्वारा छोड़ी गई तकनीकी विरासत और खिलाड़ियों को निखारने का उनका अनूठा विन्यास हमेशा आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा। स्थानीय खेल संघों ने उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर अपनी विधिक श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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