Agra Desk, 🌐 [tajnews.in] | Sunday, 19 July, 2026, 09:24:00 AM IST.

tajnews.in | आगरा: वैश्विक महामारी कोरोना ने एक बार फिर ताजनगरी में दस्तक देकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है। आगरा जिले में संक्रमण का पहला बेहद गंभीर मामला सामने आते ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। पिछले कई दिनों से लगातार आ रही तीव्र खांसी और सांस फूलने की गंभीर समस्या से पीड़ित 77 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। निजी अस्पताल द्वारा हाथ खड़े किए जाने के बाद आनन-फानन में मरीज को सरोजनी नायडू (एस.एन.) मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित किया गया है। वर्तमान में बुजुर्ग महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें निरंतर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। चिकित्सकों ने इस पूरे मामले को अत्यधिक संवेदनशील और चिंताजनक बताया है।
सेना अस्पताल से पुष्पांजलि तक मची रही भगदड़, रिपोर्ट आते ही डॉक्टरों ने खड़े किए हाथ
स्वास्थ्य विभाग और पीड़ित परिवार से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, रकाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले हिरेंद्र कुमार (हीरो) की 77 वर्षीय माता सरूपी देवी पिछले कुछ दिनों से अचानक छाती में जकड़न, गंभीर खांसी और लगातार सांस फूलने की समस्या से अत्यंत पीड़ित चल रही थीं। हिरेंद्र कुमार अपनी माता की तेजी से बिगड़ती शारीरिक स्थिति को देखकर बेहद चिंतित हो गए और उन्हें लेकर सबसे पहले सदर स्थित सेना अस्पताल (मिलिट्री हॉस्पिटल) पहुंचे। वहाँ मौजूद चिकित्सकों ने महिला की प्राथमिक जांच करने के उपरांत फेफड़ों में संक्रमण का अंदेशा जताते हुए उन्हें तत्काल किसी बड़े मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल ले जाने की गंभीर सलाह दी। इसके पश्चात पिछले रविवार, 12 जुलाई को हिरेंद्र कुमार ने अपनी माता को आनन-फानन में शहर के नामचीन पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
पुष्पांजलि हॉस्पिटल के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने महिला की छाती का सीटी स्कैन और रक्त संबंधी कई गहन चिकित्सकीय परीक्षण करवाए। रविवार दोपहर ठीक 12 बजे जब पैथोलॉजी रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें बुजुर्ग महिला के कोरोना वायरस (Covid-19) से बुरी तरह संक्रमित होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही और केस की गंभीरता को देखते हुए पुष्पांजलि हॉस्पिटल के प्रबंधन और डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने परिजनों को परामर्श दिया कि वे मरीज की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिना कोई समय गंवाए तत्काल जयपुर अथवा लखनऊ के बड़े हायर मेडिकल सेंटर ले जाएं, जिससे बदहवास परिजन भारी तनाव में आ गए।
एस.एन. मेडिकल कॉलेज में विशेष आइसोलेशन वार्ड सक्रिय, स्थिति पर करीब से नजर
बाहर ले जाने की तात्कालिक व्यवस्था न होने के कारण हिरेंद्र कुमार अपनी अत्यंत बीमार माता को लेकर सीधे आगरा के सरकारी एस.एन. मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। चूंकि उस समय अस्पताल के भीतर कोई विशेष अथवा पृथक कोरोना वार्ड पूर्व से सक्रिय मोड में नहीं चल रहा था, इसलिए आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इस संवेदनशील मामले की सूचना दी। एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि शनिवार को पुष्पांजलि हॉस्पिटल से रेफर होकर एक अत्यंत गंभीर अवस्था की महिला मरीज हमारे चिकित्सा परिसर में पहुंची।
प्रधानाचार्य ने बताया कि मरीज के भीतर कोरोना के स्पष्ट और बेहद आक्रामक लक्षण मौजूद थे, जिसे देखते हुए तात्कालिक सुरक्षा के तहत उन्हें तुरंत इमरजेंसी के भीतर बनाए गए विशेष आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। डॉ. गुप्ता के अनुसार, मरीज के फेफड़ों में संक्रमण अधिक होने के कारण वे वर्तमान में निरंतर हाई-फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखी गई हैं। चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत उनके दोबारा से आरटी-पीसीआर (RT-PCR) सहित अन्य जरूरी कोविड टेस्ट लैब में भेजे जा रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह एक बेहद गंभीर मामला है और संपूर्ण आधिकारिक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही वायरस के नए स्वरूप (वेरिएंट) और मरीज की वास्तविक स्थिति के बारे में पूरी तरह कुछ कहा जा सकेगा। इस बीच, आगरा स्वास्थ्य विभाग ने रकाबगंज स्थित मरीज के आवास के आसपास के पूरे क्षेत्र में सैनिटाइजेशन और कांटैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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