Education Desk, tajnews.in | Sunday, May 3, 2026, 08:35:10 PM IST

आगरा: देशभर के मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा NEET UG 2026 आज दिनांक 3 मई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस वर्ष लगभग 22 से 23 लाख छात्र-छात्राओं ने डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए इस अग्निपरीक्षा में भाग लिया। उत्तर भारत की प्रमुख कोचिंग संस्था मोशन एकेडमी के डायरेक्टर अरुण शर्मा ने इस वर्ष के प्रश्न पत्र का सूक्ष्म विश्लेषण साझा किया है। उनके अनुसार, नीट 2026 का पेपर कुल मिलाकर मध्यम (Moderate) स्तर का रहा। जहाँ जीवविज्ञान (Biology) ने छात्रों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी, वहीं भौतिक विज्ञान (Physics) के पेचीदा सवालों ने परीक्षार्थियों का काफी समय लिया। पेपर का मुख्य केंद्र बिंदु एक बार फिर NCERT की पाठ्यपुस्तकें ही रहीं, जो यह सिद्ध करता है कि बुनियादी तैयारी ही सफलता की असली कुंजी है।

विषय-वार विश्लेषण: किस सेक्शन में कितने पानी में रहे छात्र?

अरुण शर्मा ने विस्तार से बताते हुए कहा कि नीट यूजी 2026 की परीक्षा का पैटर्न पूरी तरह पारंपरिक रहा। इसमें 180 मिनट (3 घंटे) में 180 प्रश्नों का उत्तर देना था, जहाँ प्रत्येक सही उत्तर के लिए +4 अंक और गलत उत्तर के लिए -1 की नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान था। उन्होंने तीनों मुख्य विषयों का गहन विश्लेषण निम्नलिखित रूप में प्रस्तुत किया है:
1. जीवविज्ञान (Biology): यह खंड उन छात्रों के लिए संजीवनी साबित हुआ जिन्होंने NCERT को अपना आधार बनाया था। जेनेटिक्स (Genetics), इकोलॉजी (Ecology) और ह्यूमन फिजियोलॉजी (Human Physiology) से अधिक प्रश्न पूछे गए। अधिकांश प्रश्न प्रत्यक्ष थे, जिससे छात्रों को समय बचाने में मदद मिली। इसे सबसे स्कोरिंग सेक्शन माना जा रहा है।
2. रसायन विज्ञान (Chemistry): केमिस्ट्री का स्तर आसान से मध्यम रहा। फिजिकल केमिस्ट्री के सवाल सरल थे, जबकि इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री पूरी तरह NCERT आधारित थी। हालांकि, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में कुछ प्रश्न काफी ‘ट्रिकी’ (Tricky) थे, जिन्होंने छात्रों की तार्किक क्षमता की परीक्षा ली।
3. भौतिक विज्ञान (Physics): इस साल फिजिक्स ने छात्रों को सबसे ज्यादा पसीना बहाने पर मजबूर किया। अरुण शर्मा के अनुसार, मैकेनिक्स, करंट इलेक्ट्रिसिटी और मॉडर्न फिजिक्स पर मुख्य फोकस था। प्रश्न बहुत लंबे और गणना (Calculation) आधारित थे, जिसकी वजह से छात्रों को इस सेक्शन को पूरा करने में काफी समय लगा।
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NCERT का दबदबा और छात्रों की चुनौतियां
आगरा के अरुण शर्मा ने एक महत्वपूर्ण बिंदु की ओर इशारा करते हुए कहा कि एनटीए (NTA) ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह NCERT की मर्यादा से बाहर नहीं जाता। बायोलॉजी के 90% से अधिक प्रश्न सीधे लाइनों से उठाए गए थे। रसायन विज्ञान में भी यही स्थिति रही। जिन छात्रों ने मॉड्यूल या भारी-भरकम किताबों के बजाय एनसीईआरटी का बार-बार रिवीजन किया था, उनके लिए समय का प्रबंधन आसान रहा। हालांकि, फिजिक्स में ‘न्यूमेरिकल डोमिनेंस’ ने उन छात्रों को मुश्किल में डाल दिया जिनकी प्रैक्टिस कम थी।
परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्रों की प्रतिक्रिया भी मिली-जुली रही। कुछ छात्रों ने बताया कि वे सेक्शन-बी में प्रश्नों के चुनाव को लेकर थोड़े असमंजस में थे, लेकिन मोशन एकेडमी जैसी संस्थाओं में दी गई मॉक टेस्ट की ट्रेनिंग ने उन्हें इस दबाव को झेलने में मदद की। अरुण शर्मा का मानना है कि इस साल कंपटीशन बहुत कड़ा होने वाला है क्योंकि छात्रों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है और पेपर का स्तर बहुत ज्यादा कठिन नहीं था, जिससे औसत कट-ऑफ बढ़ने की संभावना है।
आंसर-की और परिणाम: आगे की क्या है राह?
एनटीए द्वारा जल्द ही परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की (Answer Key) और ओएमआर शीट की स्कैन कॉपी जारी की जाएगी। छात्र नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने उत्तरों का मिलान कर सकेंगे। अरुण शर्मा ने छात्रों को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं और आंसर-की आने का इंतजार करें। यदि किसी प्रश्न पर संदेह हो, तो उसे चुनौती देने के लिए भी पर्याप्त समय दिया जाएगा।
इस वर्ष देश-विदेश के 550 से अधिक शहरों में जिस तरह से सुचारू रूप से परीक्षा आयोजित की गई, वह एक बड़ी उपलब्धि है। आगरा में भी कई केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और जैमर्स के बीच परीक्षा संपन्न हुई। अरुण शर्मा और उनकी टीम अब छात्रों को काउंसलिंग और भविष्य की संभावनाओं के लिए मार्गदर्शन दे रही है। उनका संदेश है कि परिणाम जो भी हो, यह केवल एक परीक्षा है, जीवन का अंत नहीं। मोशन एकेडमी हमेशा उन छात्रों के साथ खड़ी है जो मेहनत और ईमानदारी से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते हैं।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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