‘जिंदा हूं साहब’: आगरा में बेटों की रोंगटे खड़े कर देने वाली करतूत, पिता को कागजों में ‘मृत’ दिखाकर हड़प ली करोड़ों की जमीन, अब दे रहे जहर देने की धमकी

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Agra Desk, 🌐 [tajnews.in] | Sunday, 19 July, 2026, 10:29:00 AM IST.

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tajnews.in | आगरा: ताजनगरी के फतेहाबाद क्षेत्र से रिश्तों को पूरी तरह तार-तार कर देने वाला एक अत्यंत सनसनीखेज और हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। संपत्ति और जमीन की अंधी हवस में दो सगे बेटों ने अपने ही जीवित वृद्ध पिता को सरकारी कागजों में ‘मृत’ घोषित करवा दिया। इस जालसाजी के सहारे बेटों ने पिता के मालिकाना हक वाली करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक कृषि भूमि को चुपचाप अपने नामों पर ट्रांसफर करवा लिया। शनिवार को जब तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में यह 70 वर्षीय बुजुर्ग खुद को जीवित बताते हुए अफसरों के सामने न्याय की गुहार लगाने पहुंचा, तो वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित पिता ने अपने बेटों पर न केवल घर से बेदखल करने, बल्कि अब सच सामने आने पर जहर देकर जान से मारने की खौफनाक साजिश रचने का भी बेहद संगीन आरोप लगाया है।

HIGHLIGHTS
  1. रिश्तों का कत्ल: फतेहाबाद तहसील के सम्पूर्ण समाधान दिवस में खुद के जीवित होने का सबूत लेकर पहुंचे 70 वर्षीय बुजुर्ग परसादी
  2. करोड़ों की जमीन हड़पी: लुधियाना मजदूरी करने गए पिता को मृत दर्शाकर दो सगे बेटों ने मौजा सारंगपुर की साढ़े तीन हेक्टेयर से अधिक भूमि अपने नाम कराई।
  3. जान का गंभीर खतरा: बुजुर्ग का आरोप— हक मांगने पर घर से निकाला, भूखा रखा और अब सच छिपाने के लिए दे रहे जहर देकर मारने की धमकी।
  4. प्रशासनिक आश्वासन: तहसीलदारों और राजस्व विभाग की टीम ने शिकायती पत्र का संज्ञान लेकर मामले की निष्पक्ष जांच व कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया।

25 वर्ष पूर्व मजदूरी करने गए थे लुधियाना, पीछे से बेटों ने सरकारी विन्यास में किया खेल

फतेहाबाद तहसील और पीड़ित बुजुर्ग से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, ताजगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बिल्लोचपुरा के मूल निवासी परसादी (70) पुत्र सुखलाल ने शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित होकर तहसीलदार को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा। पीड़ित ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि मौजा सारंगपुर, तहसील फतेहाबाद में उसके नाम से गाटा संख्या 165 रकबा 2.0670 हेक्टेयर तथा गाटा संख्या 91 रकबा 1.5090 हेक्टेयर अत्यंत उपजाऊ कृषि भूमि सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज थी। लगभग 25 वर्ष पूर्व परिवार के भरण-पोषण के लिए वे अपने गांव से मजदूरी करने पंजाब के लुधियाना शहर चले गए थे, जहां वे लंबे समय तक मेहनत-मजदूरी करते रहे।

इसी लंबी अनुपस्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए उनके दोनों सगे बेटों ने स्थानीय स्तर पर साठगांठ कर राजस्व अभिलेखों में अपने पिता को मृत घोषित करवा दिया। जालसाजी का यह विन्यास इस कदर बुना गया कि परसादी का नाम वरासत के नाम पर सरकारी खतौनी से पूरी तरह कटवाकर दोनों बेटों ने उस पूरी पैतृक भूमि को कानूनी रूप से अपने-अपने नामों पर दर्ज करा लिया। हाल ही में जब वृद्ध परसादी पंजाब से वापस अपने मूल पैतृक गांव लौटे, तो उन्हें इस महा-धोखाधड़ी की भयंकर जानकारी हुई। बुजुर्ग ने स्पष्ट किया कि वे शारीरिक व मानसिक रूप से पूरी तरह जीवित हैं। उन्होंने जीवन में कभी भी अपनी इस पैतृक भूमि का न तो कोई विक्रय किया है और न ही किसी के पक्ष में कोई वसीयतनामा निष्पादित किया है।

दाने-दाने को मोहताज पिता भटक रहा दर-दर, तहसीलदार ने दिए जांच के सख्त आदेश

वृद्ध पिता ने शिकायती पत्र में बेटों की क्रूरता का वर्णन करते हुए बताया कि जब उन्होंने अपने जीवित होने का दावा किया और बेटों से अपनी मेहनत की जमीन वापस मांगी, तो दोनों बेटों ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर उन्हें लाठियों के बल पर घर से बाहर खदेड़ दिया। बेटों ने उन्हें भोजन और पानी देना तक बंद कर दिया है। पीड़ित का अत्यंत चौकाने वाला आरोप है कि अब उनके दोनों बेटे इस भयंकर कानूनी अपराध को छिपाने के उद्देश्य से उन्हें रास्ते से हटाने के लिए खाने में जहर देकर जान से मारने की खुली धमकियां दे रहे हैं। इस भयानक प्रताड़ना के कारण बुजुर्ग इस ढलती उम्र में अपने ही घर-परिवार से बेदखल होकर रिश्तेदारों के यहाँ और सड़कों पर लावारिसों की तरह जीवन यापन करने को विवश हैं।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित पीड़ित पिता ने तहसीलदार से इस पूरे धोखाधड़ी सिंडिकेट की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषी बेटों के साथ-साथ इसमें संलिप्त रहे संबंधित हल्का लेखपाल व राजस्व कर्मियों के खिलाफ भी जालसाजी की धाराओं में कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता और मानवाधिकारों के हनन को देखते हुए तहसीलदार ने पीड़ित बुजुर्ग को त्वरित सुरक्षा का भरोसा दिया है। उन्होंने राजस्व निरीक्षकों और क्षेत्रीय पुलिस को तुरंत मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने तथा तीन कार्यदिवस के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि धोखाधड़ी से कराई गई वरासत को तत्काल निरस्त कर बुजुर्ग का नाम दोबारा रिकॉर्ड में बहाल किया जा सके।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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