‘3 इडियट्स’ का फुंसुख वांगडू सोनम वांगचुक पर बेस्ड नहीं: आमिर खान के खुलासे के बाद वांगचुक का वीडियो वायरल, बोले— ‘फिल्म से जुड़ाव पर गर्व नहीं’

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Entertainment Desk, 🌐 [tajnews.in] | Saturday, 18 July, 2026, 12:13:00 PM IST

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tajnews.in | नई दिल्ली: बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 इडियट्स’ और उसके मुख्य किरदार ‘फुंसुख वांगडू’ को लेकर सिनेमा जगत में वर्षों से चली आ रही एक बहुत बड़ी गलतफहमी पर सुपरस्टार आमिर खान ने विराम लगा दिया है। इन दिनों जंतर-मंतर पर 21 दिनों से कड़े अनशन पर बैठे लद्दाख के शिक्षाविद व क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों से सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बीच यह विधिक और फिल्मी विवाद अचानक सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गया है। आमिर खान ने एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट किया है कि वर्ष 2009 की सुपरहिट फिल्म ‘3 इडियट्स’ का उनका प्रतिष्ठित किरदार सोनम वांगचुक की जिंदगी पर आधारित नहीं है। इस बयान के बाद सोनम वांगचुक का भी एक पुराना वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे खुद इस बात को स्वीकार करते नजर आ रहे हैं।

HIGHLIGHTS
  1. फिल्मी भ्रम का अंत: ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट और लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल के विन्यास में आमिर खान ने कहा— सोनम वांगचुक पर बेस्ड नहीं था फुंसुख वांगडू का रोल।
  2. पुराना वीडियो वायरल: केबीसी (KBC) में महानायक अमिताभ बच्चन के सामने सोनम वांगचुक ने कहा था— फिल्म से नाम जुड़ने पर मुझे कोई गर्व नहीं।
  3. लेखकों का रुख: आमिर ने खुलासा किया कि फिल्म निर्माण के समय न तो उन्हें, न निर्देशक राजकुमार हिरानी को और न ही लेखक अभिजात को सोनम के बारे में कोई जानकारी थी।
  4. क्रिटिक्स की नजर: सोशल मीडिया पर आमिर के इस बयान की तीखी आलोचना हो रही है, परंतु आमिर ने वांगचुक के सामाजिक कार्यों की सराहना की है।

केबीसी (KBC) के मंच पर अमिताभ बच्चन के सामने वांगचुक का बड़ा बयान

आमिर खान की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक का ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का एक बेहद पुराना विजुअल क्लिप जमकर साझा किया जा रहा है। उस ऐतिहासिक एपिसोड में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने वांगचुक से सीधे सवाल पूछते हुए कहा था कि 3 इडियट्स फिल्म में जो मुख्य भूमिका आमिर खान ने फुंसुक वांगड़े के नाम से निभाई थी, वह शायद आपसे प्रभावित थी, क्या यह सच है? इस पर सोनम वांगचुक ने बेहद सादगी और मुस्तैदी से जवाब देते हुए कहा था कि अगर आप प्रभावित कहें तो मैं मना नहीं करूँगा। ज्यादातर लोग कहते हैं कि वह फिल्म मुझ पर ही बेस्ड है, लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल नहीं मानता।

सोनम वांगचुक ने आगे कहा था कि मैं नहीं चाहता कि इस देश में लोग किसी भी वास्तविक मानवीय कार्य को तब तक न मानें जब तक कि वह किसी कमर्शियल फिल्म से न जुड़ जाए। यदि यह किरदार मुझ पर आधारित हो भी, तो मुझे इस पर कोई गर्व नहीं है और यदि नहीं भी है, तो इसमें मुझे कोई पछतावा या मलाल नहीं दिखता। वांगचुक का यह स्पष्ट दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि वे रील लाइफ की लोकप्रियता से कहीं ऊपर उठकर रियल लाइफ में समाज के लिए जमीनी काम करने को तरजीह देते हैं।

ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट के इवेंट में आमिर खान का विधिक स्पष्टीकरण

लंदन में आयोजित ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट के एक विशेष इवेंट के दौरान जब आमिर खान से इस विषय पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि असल में यह सच नहीं है और यह समाज में फैली एक बड़ी गलतफहमी है। आमिर ने बताया कि जब वे इस ऐतिहासिक फिल्म की शूटिंग और पटकथा पर काम कर रहे थे, तब तक उन्हें सोनम वांगचुक के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने हाल ही में फिल्म के एक अन्य अभिनेता ओमी वैद्य (चतुर) का वीडियो देखा था जिसमें उन्होंने ऐसा दावा किया था, लेकिन वह विन्यास पूरी तरह गलत है।

सुपरस्टार ने कहा कि न तो उन्हें, न राजू (राजकुमार हिरानी) को और न ही पटकथा लेखक अभिजात जोशी को इस किरदार को गढ़ते समय सोनम के अस्तित्व का पता था। हालांकि, आमिर ने सोनम वांगचुक के प्रति पूरा सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि मिस्टर सोनम लद्दाख में जो काम कर रहे हैं, वह वैसे भी बहुत ही सराहनीय और अद्भुत है। उनकी और उनके ऐतिहासिक कार्यों की इज्जत करने के लिए यह कतई आवश्यक नहीं है कि वे ‘3 इडियट्स’ के काल्पनिक किरदार पर ही आधारित हों।

भारतीय शिक्षा प्रणाली पर कटाक्ष थी फिल्म ‘3 इडियट्स’

विधिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो वर्ष 2009 में रिलीज हुई ‘3 इडियट्स’ भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जाती है। राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आमिर खान के साथ आर. माधवन और शरमन जोशी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं, जबकि करीना कपूर, बोमन ईरानी, मोना सिंह और ओमी वैद्य ने सहायक कलाकारों के रूप में अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया था।

यह फिल्म दो समानांतर समय-सीमाओं—एक वर्तमान काल में और दूसरी दस वर्ष पुरानी इंजीनियरिंग कॉलेज के दिनों की कहानी के विन्यास पर आधारित थी। फिल्म में भारतीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के भीतर मौजूद पितृसत्तात्मक सोच, रट्टा मार पढ़ाई की प्रवृत्ति और दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली पर एक तीखा व मर्मस्पर्शी कटाक्ष किया गया था। इस फिल्म का अंत लद्दाख के एक स्कूल में होता है, जहां मुख्य किरदार फुंसुख वांगडू बच्चों को रोबोटिक्स और नवोन्मेष सिखाता नजर आता है, जिसके चलते ही दर्शकों ने इसे भूलवश सोनम वांगचुक के ‘सेकमोल’ (SECMOL) संस्थान से जोड़कर देख लिया था।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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