शिकोहाबाद में खूनी मुठभेड़: गाजियाबाद से भाग रहे दो दुर्दांत इनामी लुटेरे पुलिस एनकाउंटर में ढेर, मासूम स्कूली बच्चे को बनाया था बंधक

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Friday, 17 July, 2026, 08:52:00 PM IST.

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tajnews.in | फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में शुक्रवार को पुलिस और बदमाशों के बीच एक बेहद खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली विधिक मुठभेड़ हुई। गाजियाबाद से भागकर ट्रेन के जरिए झारखंड जाने की फिराक में जुटे दो दुर्दांत और इनामी लुटेरों को पुलिस कमिश्नरेट और एसओजी की संयुक्त टीम ने मार गिराया है। एनकाउंटर के दौरान बदमाशों की ओर से की गई अंधाधुंध और ताबड़तोड़ फायरिंग में दो पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से एक जांबाज सिपाही के पेट में गोली लगने के कारण उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। पुलिस से बचने के लिए इन शातिर अपराधियों ने प्राथमिक विद्यालय में घुसकर एक मासूम छात्र को बंधक बना लिया था और उसकी आड़ लेकर गोलियां बरसा रहे थे। इस खूनी संघर्ष और गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा।

HIGHLIGHTS
  1. दो इनामी ढेर: शिकोहाबाद में फिरोजाबाद और इटावा पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में लुटेरे सुमित यादव और अंकित उर्फ सीपू एनकाउंटर में मारे गए।
  2. दो सिपाही घायल: बदमाशों की गोली से एसओजी सिपाही डेविड चौहान और पुष्पेंद्र घायल, डेविड के पेट में गोली लगने से हालत नाज़ुक।
  3. मासूम को बनाया ढाल: नीम खेरिया प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवॉल लांघकर घुसे बदमाशों ने बच्चे को बंधक बनाकर पुलिस पर की सीधे फायरिंग।
  4. अपराधिक इतिहास: मारे गए हिस्ट्रीशीटर सुमित यादव पर लूट, डकैती व गैंगस्टर एक्ट सहित करीब 26 संगीन विधिक मुकदमे दर्ज थे।

झारखंड-संभलपुर एक्सप्रेस से कूदे बदमाश, बाइक लूटकर स्कूल में ली पनाह

फिरोजाबाद पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विधिक और स्थलीय विवरण के अनुसार, बीती 3 जुलाई 2026 को इटावा के थाना इकदिल क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी में एक doctor से दिनदहाड़े सोने की चेन लूटने की सनसनीखेज वारदात हुई थी। इस घटना में वांछित 25-25 हजार रुपये के इनामी बदमाश अंकित उर्फ सीपू (निवासी मोतीगंज, भरथना, इटावा) और थाना चौबिया के एक अन्य लूट कांड में फरार हिस्ट्रीशीटर सुमित यादव उर्फ विवेक (निवासी नगला हरनाथ, सैफई, इटावा) के संबंध में खुफिया इनपुट मिला था। इनपुट के अनुसार दोनों गाजियाबाद से झारखंड-संभलपुर एक्सप्रेस के जरिए राज्य से बाहर भागने की फिराक में थे। इटावा की एसओजी और सर्विलांस टीम ट्रेन का सुराग लगाते हुए शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। करीब सुबह 11 बजे जैसे ही स्टेशन पर ट्रेन रुकी, भारी पुलिस बल को देखकर दोनों अपराधियों ने चलती ट्रेन से नीचे छलांग लगा दी और सीधे फायरिंग झोंक दी।

बदमाशों की पहली गोली एसओजी सिपाही डेविड चौहान (निवासी उम्मेदपुर, सकीट, एटा) के पेट में जा लगी, जबकि दूसरी गोली सिपाही पुष्पेंद्र के दाहिने कंधे को चीरती हुई निकल गई। अपने दो साथियों के खून से लथपथ होने के बावजूद पुलिस टीम ने अदम्य साहस दिखाते हुए पीछा जारी रखा। स्टेशन से भागकर बदमाशों ने स्वामी नगर के पास एक राजमिस्त्री से हथियार के बल पर मोटरसाइकिल लूटी, लेकिन कुछ ही दूरी पर उसका पेट्रोल खत्म हो गया। बाइक बंद होते ही दोनों दौड़ते हुए प्राथमिक विद्यालय नीम खेरिया के भीतर बाउंड्रीवॉल कूदकर दाखिल हो गए। वहाँ स्कूल ड्रेस में मौजूद एक मासूम बच्चे को गर्दन से पकड़कर बंधक बना लिया और उसे अपनी ढाल बनाकर पुलिस पर गोलियां बरसाने लगे। पुलिस टीम ने सूझबूझ से पहले मासूम बच्चे को सुरक्षित रूप से मुक्त कराया, जिसके बाद घबराए बदमाश अलग-अलग दिशाओं में भागे।

चरी के खेतों में दोतरफा घेराबंदी, एडीजी और एसएसपी ने संभाला मोर्चा

भाग रहे बदमाशों को दबोचने के लिए पुलिस विन्यास ने दोतरफा घेराबंदी की। एसओजी इटावा की टीम ने नीम खेरिया के एक घने चरी के खेत में अंकित उर्फ सीपू को विधिक मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं, दूसरी तरफ भाग रहे दुर्दांत सुमित यादव को शिकोहाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नगला कनही गांव के एक खेत में ललकारा, जहां जवाबी फायरिंग में वे भी ढेर हो गए। घटना की भीषणता और संवेदनशीलता को देखते हुए एडीजी आगरा जोन एस. के. भगत, डीआईजी आगरा शैलेश कुमार पांडेय, डीआईजी कानपुर परिक्षेत्र यमुना प्रसाद, एसएसपी फिरोजाबाद आदित्य लांग्हे और एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया।

एडीजी आगरा जोन ने बताया कि मारा गया सुमित यादव सैफई थाने का चिन्हित हिस्ट्रीशीटर था, जिसके खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट सहित करीब 26 संगीन मामले दर्ज थे। अंकित उर्फ सीपू के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट और डकैती प्रभावित क्षेत्र अधिनियम के तहत कई विधिक केस लंबित थे। घायल सिपाही डेविड का इलाज आगरा के एक उच्च चिकित्सालय में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस एनकाउंटर के दौरान स्थानीय ग्रामीणों सुग्रीव सिंह, शिवराज सिंह और स्वामी नगर निवासी मिथुन कुमार ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सादे कपड़ों में दौड़ रही पुलिस टीम की मदद के लिए बिना वक्त गंवाए अपनी मोटरसाइकिलें सौंप दीं, जिससे पुलिस अपराधियों को चरी के खेतों में घेरने में सफल रही। गांव नीमखेरिया और नगला कनही में दिनदहाड़े हुई इस भीषण गोलाबारी के बाद से पूरे क्षेत्र में कड़ा सन्नाटा पसरा हुआ है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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