Agra Desk, 🌐 [tajnews.in] | Sunday, 19 July, 2026, 12:35:00 PM IST

tajnews.in | आगरा: ताजनगरी में इंसानी जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय नकली दवा सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। आगरा की कोतवाली पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के मुख्य सरगना को धर दबोचा है। पकड़ा गया शातिर आरोपी उत्तराखंड में स्थित एक कारखाने में नामचीन दवा कंपनी की नकली दर्द निवारक दवाएं तैयार कराता था और फिर उसे अपनी फर्जी फर्म के बिलों पर बाजार में धड़ल्ले से बेचता था। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि यह सिंडिकेट अब तक बाजार में करीब 1.78 लाख पैकेट नकली दवाएं खपा चुका है। पुलिस ने आरोपी को उसके आवास से दबोचकर जेल भेज दिया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।
लाइसेंस की आड़ में चल रहा था अवैध खेल, ड्रग विभाग ने मई में मारा था छापा
कोतवाली पुलिस और औषधि विभाग से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह पूरा मामला मई महीने में तब शुरू हुआ जब औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा की अगुवाई में टीम ने आगरा के प्रसिद्ध दवा बाजार फव्वारा स्थित एक संदिग्ध फर्म पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान अमिता विहार (कमला नगर) निवासी सुरेंद्र गुप्ता के इस काले नेटवर्क का सुराग मिला था। पुलिस की गहन पड़ताल में सामने आया कि आरोपी सुरेंद्र गुप्ता ने अपने ड्रग लाइसेंस की आड़ में ‘एवरशाइन’ और ‘अवनी फार्मा’ के माध्यम से लगभग 13 हजार पैकेट असली ऑक्सल्जिन डीपी टैबलेट खरीदी थी। इसी की आड़ में उसने उत्तराखंड में एक अवैध फैक्टरी स्थापित कर हूबहू दिखने वाली डुप्लीकेट दवाओं का भारी मात्रा में निर्माण, भंडारण और अवैध क्रय-विक्रय शुरू कर दिया।
सरकारी रिकॉर्ड्स और बिलों की पड़ताल से यह भयानक सच सामने आया है कि आरोपी अब तक 1,78,000 पैकेट नकली दवाएं बाजार में बेचकर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर चुका है। औषधि विभाग और इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने जब कंबूटोला और फव्वारा स्थित श्री मेडिकल एजेंसी पर दोबारा संयुक्त रेड डाली, तो वहां ड्रग विभाग को निरीक्षण के दौरान 8,000 पैकेट नकली दवाओं का अवैध स्टॉक बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने सुरेंद्र गुप्ता के साथ-साथ अलीगढ़ निवासी मयंक गुप्ता, रुड़की (उत्तराखंड) निवासी संयम अरोड़ा और अन्नू अरोड़ा को नामजद किया था, जो इस सिंडिकेट में दवाओं के भंडारण और सप्लाई चेन का प्रबंधन संभाल रहे थे।
जमानत के लिए कोर्ट पहुंचे अन्य आरोपी, डीसीपी बोले— पूरे नेटवर्क को करेंगे ध्वस्त
विवेचना अधिकारी अंकित तोमर ने बताया कि शनिवार को मुख्य आरोपी सुरेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस कस्टडी में उससे पूछताछ के बाद यह पता लगाया जा रहा है कि नकली दवाओं का यह निर्माण उत्तराखंड में किस सटीक स्थान पर हो रहा था और आगरा के अतिरिक्त किन-किन जिलों या राज्यों के डीलरों को इसकी आपूर्ति की जा रही थी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली है कि मामले में फरार चल रहे अन्य सह-आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया है, जिसे निरस्त कराने के लिए पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है।
आगरा के पुलिस उपायुक्त (DCP) सैय्यद अली अब्बास ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से जीवन रक्षक और दर्द निवारक दवाओं की नकली खेप खपा रहा था। पुलिस की विभिन्न टीमें इस रैकेट के वित्तीय विन्यास और बैकएंड नेटवर्क की बारीकी से जांच कर रही हैं। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि जांच में मिलने वाले नए साक्ष्यों और कड़ियों के आधार पर इस रैकेट में शामिल अन्य दवा व्यापारियों पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आगरा के प्रतिष्ठित दवा बाजार की शुचिता बनी रहे और जनता को सुरक्षित दवाएं मिल सकें।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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