मैदान, न कि बाधाएँ: औपनिवेशिक आगरा क्लब की भूमि खिलाड़ियों को मिले, एकलव्य स्टेडियम बने अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर

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Article Desk | tajnews.in | Tuesday, May 26, 2026, 04:21:56 AM IST

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Brij Khandelwal
बृज खंडेलवाल
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता
एवं पर्यावरणविद, आगरा
आगरा के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् बृज खंडेलवाल ने देश के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और आगरा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर एकलव्य स्टेडियम के विस्तार की मांग उठाई है। इस अपील में औपनिवेशिक काल के ‘आगरा क्लब’ की विशाल भूमि को सार्वजनिक खेल अवसंरचना हेतु पुनरावंटित करने का दूरदर्शी प्रस्ताव रखा गया है।
HIGHLIGHTS
  1. वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता बृज खंडेलवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र भेजकर आगरा को अंतरराष्ट्रीय खेल नगर बनाने की मांग की।
  2. एकलव्य स्टेडियम से सटे औपनिवेशिक काल के ‘आगरा क्लब’ की विशाल निजी भूमि को आम जनता और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए उपयोग करने की प्रखर अपील।
  3. सात दशकों बाद भी सीमित अभिजात्य (एलीट) वर्ग की सेवा में संलग्न ‘आगरा क्लब’ को स्वतंत्र और आधुनिक भारत की जन-आकांक्षाओं के विपरीत बताया गया।
  4. प्रस्तावित मांगें: अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्टेडियम अवसंरचना, खेल विज्ञान केंद्र, महिला व ग्रामीण एथलीटों के लिए विशेष छात्रावास तथा सुरक्षित प्रशिक्षण व्यवस्था।

प्रति,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
माननीय सांसदगण, आगरा लोकसभा एवं विधानसभा क्षेत्र

विषय: एकलव्य स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में उन्नत करने तथा औपनिवेशिक काल के आगरा क्लब की भूमि को सार्वजनिक खेल अवसंरचना हेतु पुनर्आवंटित करने के संबंध में सविनय अपील

मान्यवर,

आगरा, वह नगर जिसने संसार को ताजमहल जैसी अमर धरोहर दी, आज भी अपने युवाओं को विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना देने में असमर्थ है। यह स्थिति न केवल खेद का विषय है, अपितु इस महानगर की क्षमता और आकांक्षाओं के साथ गंभीर अन्याय भी है। आगरा के हजारों प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना परचम लहराने का स्वप्न देखते हैं, किंतु आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, योग्य कोचिंग, आवासीय व्यवस्था और उचित स्पर्धा-अवसंरचना के अभाव में उनकी प्रतिभा अपना सम्पूर्ण विकास नहीं कर पाती।

मैं विनम्रतापूर्वक भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार से सादर अनुरोध करता हूँ कि एकलव्य स्टेडियम को एक पूर्णतः सुसज्जित, अंतरराष्ट्रीय मानक के खेल परिसर में रूपांतरित किया जाए, जिसमें एथलेटिक्स, क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, इनडोर खेल एवं ओलंपिक विधाओं हेतु अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हों।

प्रस्तावित विकास में निम्नलिखित सुविधाएँ सम्मिलित की जानी चाहिए:
– अंतरराष्ट्रीय मानक की स्टेडियम अवसंरचना
– दर्शकों के लिए पर्याप्त एवं आधुनिक बैठक व्यवस्था
– खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षुओं हेतु आवासीय छात्रावास
– खेल विज्ञान केंद्र सहित आधुनिक कोचिंग अकादमियाँ
– ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र
– महिला खिलाड़ियों के लिए समर्पित एवं सुरक्षित खेल सुविधाएँ
– हरित सार्वजनिक मनोरंजन एवं व्यायाम क्षेत्र
– सुव्यवस्थित पार्किंग एवं यातायात प्रबंधन तंत्र

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इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए मैं सक्षम अधिकारियों से आग्रह करता हूँ कि स्टेडियम से सटे औपनिवेशिक काल के आगरा क्लब की विशाल भूमि को सार्वजनिक खेल एवं प्रशिक्षण प्रयोजनों हेतु पुनर्आवंटित करने पर, गंभीरता से विचार किया जाए। स्वतंत्रता के सात दशकों से भी अधिक समय बीत जाने के पश्चात् भी आगरा क्लब औपनिवेशिक विशिष्टता का प्रतीक बना हुआ है और एक सीमित अभिजात्य वर्ग की सेवा में संलग्न है। जब समूचा देश सार्वजनिक अवसंरचना के विस्तार की ओर अग्रसर है, तब नगर के केंद्र में इस प्रकार के विस्तृत निजी परिसर को बनाए रखना आधुनिक भारत की भावना और आम नागरिक की आकांक्षाओं के विपरीत प्रतीत होता है।

यह भूमि उपनिवेशकाल की सामाजिक संरचना के अवशेषों को संरक्षित करने में नहीं, अपितु भारत के भावी पीढ़ी के निर्माण में लगनी चाहिए। आज खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहे; वे राष्ट्रीय गौरव, सामाजिक समरसता, स्वास्थ्य, अनुशासन और रोजगार सृजन के शक्तिशाली साधन हैं। देश के अनेक नगर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहे हैं, किंतु अपार संभावनाओं और रणनीतिक महत्व से समृद्ध आगरा आज भी इस दौड़ में पीछे है।

आगरा के युवाओं को चाहिए: मैदान, न कि बाधाएँ। उन्हें चाहिए: अकादमियाँ, न कि औपनिवेशिक विरासत की जंजीरें। उन्हें चाहिए: अवसर, न कि उपेक्षा।

उन्नत एकलव्य स्टेडियम पश्चिमी उत्तर प्रदेश और समीपवर्ती जिलों के लिए एक सशक्त खेल-केंद्र बन सकता है। यह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन स्थल बन सकता है, निवेश आकर्षित कर सकता है, रोजगार के नए द्वार खोल सकता है, पर्यटन को नई ऊँचाइयाँ दे सकता है और देश के भविष्य के चैंपियनों को तराश सकता है। मैं माननीय प्रधानमंत्री और माननीय मुख्यमंत्री से सविनय निवेदन करता हूँ कि एकलव्य स्टेडियम के आसपास की भूमि के उपयोग की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए और आगरा को एक आधुनिक अंतरराष्ट्रीय खेल नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में दूरदर्शितापूर्ण और ठोस कदम उठाए जाएँ।

इतिहास को भविष्य का प्रेरणास्रोत होना चाहिए, उसकी बेड़ी नहीं।

सादर एवं सविनय,

बृज खंडेलवाल
सामाजिक कार्यकर्ता
आगरा, उत्तर प्रदेश
दूरभाष: 7895852750

Pawan Singh

Pawan Singh

Chief Editor, Taj News

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