Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Friday, 10 July, 2026, 06:10:15 PM IST.

tajnews.in | लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसूनी बादलों ने पूरी तरह से डेरा डाल दिया है, जिससे समूचे सूबे में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि सूबे में मानसून अत्यंत सक्रिय अवस्था में पहुंच चुका है, जिसके चलते नोएडा से लेकर वाराणसी तक अगले तीन से चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को खासी राहत मिली है और पारा तेजी से नीचे लुढ़का है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने खराब मौसम के मद्देनजर आम जनता को विशेष सावधानी बरतने और आकाशीय बिजली व तेज आंधी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की कड़ी हिदायत जारी की है।
आधिकारिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर से सटे नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने जहां तपती उमस पर ब्रेक लगाया है, वहीं अब यह मानसूनी सिस्टम रौद्र रूप अख्तियार करने की ओर अग्रसर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वरिष्ठ मौसम विज्ञानियों ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को राजधानी लखनऊ से लेकर ताजनगरी आगरा और धर्मनगरी वाराणसी तक सूबे के एक बड़े भौगोलिक भूभाग पर भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी-तूफान, तीव्र मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका व्यक्त करते हुए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का दायरा बढ़ने की पूरी संभावना जताई गई है।
आने वाले दो से तीन दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे भीषण गर्मी से त्रस्त आम जनमानस को बड़ी राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों ने जिन 18 मुख्य जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, उनमें प्रमुख रूप से आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, झांसी, हमीरपुर, महोबा, सहारनपुर, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर और बरेली शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है, जिससे कच्चे मकानों, टिनशेडों और कमजोर पेड़ों को क्षति पहुँच सकती है।
इसके अतिरिक्त, प्रादेशिक राजधानी लखनऊ समेत मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, गोंडा और सुल्तानपुर में गरज-चमक के साथ कड़े मानसूनी झोंके आने की चेतावनी दी गई है। वहीं नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, कासगंज, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, बांदा, ललितपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, आजमगढ़, m मऊ, गोरखपुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र के विस्तृत इलाकों में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। आईएमडी (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 9 और 10 जुलाई को जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून का मुख्य केंद्र रहेगा, वहीं 11 और 12 जुलाई से मानसूनी सिस्टम का रुख पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर मुड़ेगा, जिससे वहां के जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर निकायों को अलर्ट मोड पर रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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