आगरा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई का बदला ढर्रा: अब सीधे नहीं मिल सकेंगे फरियादी, पहले मिलेगा टोकन नंबर, दोपहर 2 बजे तक होगी सुनवाई

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Wednesday, 08 July, 2026, 02:45:10 PM IST.

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tajnews.in | आगरा: कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले फरियादियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय की जनसुनवाई व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए एक नया नियम लागू कर दिया है। इस नए आदेश के तहत अब कोई भी पीड़ित या फरियादी सीधे जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं कर सकेगा। कलेक्ट्रेट आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जनसुनवाई से पहले एक टोकन नंबर आवंटित किया जाएगा, जिसके बाद ही उनके प्रार्थना पत्रों की गहन जांच होगी। इस व्यवस्था को अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सुनवाई के समय में भी उल्लेखनीय विस्तार किया है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से आने वाले नागरिकों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिल सके।

HIGHLIGHTS
  1. टोकन व्यवस्था: कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी से सीधे मिलने पर रोक, प्रार्थना पत्र की तस्दीक और जांच रिपोर्ट के साथ ही मिलेगी एंट्री।
  2. बढ़ा जनसुनवाई का समय: पूर्व में निर्धारित सुबह 10 से 12 बजे के समय को जनहित में विस्तार देते हुए अब दोपहर 2 बजे तक किया गया।
  3. रिकॉर्ड की पड़ताल: पुरानी और लंबित शिकायतों के मामलों में पहले की निस्तारण आख्या खंगालने के बाद ही डीएम के सामने प्रस्तुत होंगे फरियादी।
  4. वैकल्पिक व्यवस्था: जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में कलेक्ट्रेट में नामित ‘दिवस अधिकारी’ दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से करेंगे जनसुनवाई।

कलेक्ट्रेट से प्राप्त सूचना के अनुसार, जिलाधिकारी मनीष बंसल ने यह महसूस किया कि कलेक्ट्रेट में उमड़ने वाली अनियंत्रित भीड़ के कारण कई बार वास्तविक पीड़ितों की समस्याओं पर गहराई से ध्यान केंद्रित करना कठिन हो जाता था। इसी के निवारण के लिए अब कलेक्ट्रेट आने वाले फरियादियों को सबसे पहले प्रतीक्षा कक्ष में बिठाकर उनके प्रार्थना पत्र की विषय-वस्तु के आधार पर एक टोकन नंबर प्रदान किया जा रहा है। जो फरियादी अपनी किसी समस्या को लेकर पहली बार कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं, उन्हें इसी नंबर के क्रमानुसार सीधे जिलाधिकारी के मुख्य कक्ष में भेजा जाएगा। इसके विपरीत, जो फरियादी अपनी शिकायत लेकर दूसरी या तीसरी बार कलेक्ट्रेट का रुख कर रहे हैं, उनके मामलों में पहले से चल रही जांच रिपोर्ट की प्रति और पुरानी निस्तारण आख्या को रिकॉर्ड से निकाला जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पहले संबंधित अधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाए गए थे।

इस नई टोकन प्रणाली के पहले ही दिन मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में भारी गहमागहमी का माहौल देखने को मिला, जहां अपनी गुहार लेकर 90 से अधिक पीड़ित और फरियादी पहुंचे थे। नए नियमों के कड़े अनुपालन के चलते कलेक्ट्रेट सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने अनुशासन बनाए रखने के लिए फरियादियों को मुख्य कक्ष के बाहर कतार में रोका और टोकन के आधार पर ही भीतर प्रवेश दिया। जिलाधिकारी ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि पहले जनसुनवाई का समय केवल दो घंटे (सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक) तय था, जिसके कारण सुदूर बाह, फतेहाबाद, खेरागढ़ और पिनाहट जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों और निर्धन ग्रामीणों की सुनवाई अक्सर छूट जाती थी। इसी अड़चन को दूर करने के लिए अब जनसुनवाई का समय बढ़ाकर दोपहर 2 बजे तक कर दिया गया है।

जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच जोड़ा है ताकि किसी भी परिस्थिति में जनता को निराश न लौटना पड़े। यदि जिलाधिकारी मनीष बंसल किसी वीआईपी प्रोटोकॉल, आकस्मिक बैठक या अपरिहार्य सरकारी दौरे के कारण मुख्यालय पर उपस्थित नहीं रहते हैं, तो कलेक्ट्रेट में नामित किए गए ‘दिवस अधिकारी’ पूरी मुस्तैदी के साथ उनके स्थान पर बैठेंगे hardware और दोपहर 2 बजे तक प्रत्येक पीड़ित की समस्याओं को सुनकर उनका ऑन-स्पॉट निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों को आश्वस्त किया है कि इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई को बिचौलियों से मुक्त कर पूरी तरह से पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े शोषित व्यक्ति को भी त्वरित न्याय की प्राप्ति सुगमता से हो सके।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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