Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Friday, 12 June 2026, 02:45:12 PM IST

फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद अंतर्गत आने वाले रसूलपुर थाना क्षेत्र में दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर दौड़ रही वीआईपी ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस पर अचानक हुए भीषण पथराव की घटना से देश की आंतरिक सुरक्षा और रेलवे महकमे में भारी हड़कंप मच गया है। यह सनसनीखेज वारदात उस समय घटित हुई जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के परम पूज्य सरसंघचालक मोहन भागवत इस अति-सुरक्षित शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर यात्रा कर रहे थे। पथराव के कारण ट्रेन की बोगी की एक खिड़की का भारी संगमरमरी या कांच का शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। संघ प्रमुख की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी डॉग स्क्वायड व फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ तत्काल घटना स्थल पर पहुँचे। पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद आदित्य लंघे के कुशल निर्देशन में गठित तीन विशेष जांच टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र के 50 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर कबाड़ बीनने वाले दो शातिर नाबालिग आरोपियों को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया गया है।
जीआरपी और आरपीएफ से प्राप्त विस्तृत और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शताब्दी एक्सप्रेस जैसे ही फिरोजाबाद के रसूलपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आउटर ट्रैक और झाड़ियों वाले सुनसान इलाके से गुजर रही थी, तभी अचानक रेलवे ट्रैक के किनारे खड़े कुछ उपद्रवी तत्वों ने ट्रेन की बोगियों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। एक भारी पत्थर सीधे उस खिड़की पर जाकर लगा जिसके आस-पास की बोगियों में सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा था। गनीमत यह रही कि शीशा डबल लेयर सुरक्षा का होने के कारण पत्थर बोगी के अंदर नहीं घुस पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और संघ प्रमुख पूरी तरह से सुरक्षित रहे। ट्रेन के अगले स्टेशन पर रुकते ही सुरक्षा बलों द्वारा कंट्रोल रूम को सूचना दी गई, जिसके बाद फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक आदित्य लंघे ने रसूलपुर थाना पुलिस के साथ मिलकर घटना स्थल के आस-पास के सभी रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान ने रेलवे ट्रैक के किनारे लगी विभिन्न फैक्ट्रियों, मकानों और सरकारी खंभों पर स्थापित 50 से अधिक हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को फॉरेंसिक रूप से खंगाला। इन फुटेजों का बारीकी से तकनीकी विश्लेषण करने पर तीन संदिग्ध लड़के ट्रैक के किनारे कबाड़ बीनने के बहाने घूमते हुए साफ दिखाई दिए। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा गया कि उनमें से एक लड़के ने हाथ में बड़ा पत्थर लेकर पूरी ताकत से गुजरती हुई शताब्दी एक्सप्रेस पर दे मारा। स्थानीय मुखबिरों और खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस ने फुटेज में दिख रहे लड़कों का हुलिया मिलाया और रसूलपुर के एक स्लम इलाके में दबिश देकर दो नाबालिगों को धर दबोचा। पूछताछ में पकड़े गए नाबालिगों ने कुबूल किया कि वे केवल ट्रैक के किनारे कबाड़ इकट्ठा कर रहे थे और खेल-खेल में उन्होंने ट्रेन पर पत्थर फेंका था। उन्हें इस बात की तनिक भी जानकारी या भनक नहीं थी कि उस वीआईपी ट्रेन के भीतर संघ प्रमुख मोहन भागवत सफर कर रहे हैं।
जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जब जीआरपी और आरपीएफ के क्रिमिनल रिकॉर्ड रूम को खंगाला गया, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। पकड़े गए दोनों नाबालिगों सहित उनका तीसरा फरार साथी कोई नौसिखिया नहीं हैं, बल्कि उनका एक पुराना और संगठित आपराधिक इतिहास रहा है। ये तीनों लंबे समय से रेलवे संपत्तियों की चोरी, सिग्नलों के तांबे के तार काटने और रेल यात्रियों के मोबाइल झपटने जैसी विधिक रूप से प्रतिबंधित आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने पूर्व में भी साल 2024 में इनके खिलाफ रेलवे एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा पंजीकृत कर इन्हें बाल सुधार गृह भेजा था, जहाँ से बाहर आने के बाद इन्होंने दोबारा इन वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
फिरोजाबाद पुलिस प्रशासन ने रसूलपुर थाने में रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सुरक्षा में व्यवधान डालने के विधिक प्रावधानों के तहत एक नया आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। पकड़े गए दोनों बाल अपचारियों को विधिक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के पश्चात जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (बाल कल्याण समिति) के सम्मुख पेश किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लंघे ने मीडिया को आश्वस्त किया है कि तीसरे फरार नाबालिग आरोपी की सटीक लोकेशन भी ट्रेस कर ली गई है और हमारी स्वाट (SWAT) टीम उसे भी जल्द ही कानून के शिकंजे में ले लेगी। इस सनसनीखेज कांड के बाद रेलवे प्रशासन ने दिल्ली-हावड़ा रूट के सभी संवेदनशील आउटर ट्रैकों पर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) को कड़ाई से बढ़ा दिया है ताकि भविष्य में देश के किसी भी गणमान्य नागरिक या आम रेल यात्री की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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