National Desk, 🌐 tajnews.in | Saturday, 25 July, 2026, 12:15:00 PM IST.

tajnews.in | नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं और इन पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि हाल ही में उनकी अनशन पर बैठे छात्रों से मुलाकात हुई थी, जिसमें आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि ये मांगें उनकी नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों की हैं।
पहली मांग का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में सामने आई अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य पर पड़े असर की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि केवल मंत्रालय बदलने जैसी कार्रवाई की जाती है तो वह स्वीकार्य नहीं होगी।
दूसरी मांग के संबंध में राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज और अन्य कार्रवाई में घायल हुए छात्रों के मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
तीसरी मांग का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े घटनाक्रम को लेकर देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
मेट्रो बंद करो।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 25, 2026
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी – पेपर लीक।
प्रेस वार्ता से पहले कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते दिखाई दिए। पोस्ट में कहा गया कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है।
छात्रों के साथ 👇🏼
— Congress (@INCIndia) July 25, 2026
हम हमेशा खड़े थे, हैं और रहेंगे pic.twitter.com/A6XoZNIiQ2
इससे पहले भी राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए मेट्रो, सड़कें और इंटरनेट जैसी सेवाएं बंद की जा सकती हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में सरकार विफल रही है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया।
उधर, दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में दोनों पक्षों के लोगों के घायल होने की सूचना है। अधिकारियों के अनुसार, कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
यह भी पढ़ें

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777




