सरकार और CJP के बीच सहमति के बाद जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन समाप्त

खबर शेयर कीजिए

National Desk, 🌐 tajnews.in | Saturday, 25 July, 2026, 06:29:45 PM IST.

Taj News Logo
Taj News
National Desk

tajnews.in | नई दिल्ली: नीट पेपर लीक को लेकर कई दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता के बाद प्रमुख मांगों पर सहमति बनने की घोषणा की गई। इसके बाद सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की।

HIGHLIGHTS
  1. आंदोलन समाप्त: सरकार और सीजेपी के बीच तीसरे दौर की सफल वार्ता के बाद जंतर-मंतर पर धरना खत्म।
  2. मांगों पर सहमति: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, केस वापसी और प्रभावित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजे पर बनी बात।
  3. लिखित आश्वासन: 28 जुलाई तक मांगों का लिखित दस्तावेज उपलब्ध कराने का सरकार की ओर से आश्वासन।
  4. शिक्षा सुधार प्रस्ताव: सीजेपी ने सरकार को सौंपा 5 सूत्रीय प्रस्ताव, 4 हफ्ते बाद फिर होगी समीक्षा बैठक।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में आंदोलन समाप्त करने के फैसले की जानकारी दी गई।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन की तीन प्रमुख मांगों पर सरकार ने सहमति जताई है। उनके अनुसार, पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जो पूरी हो चुकी है। दूसरी मांग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के विरुद्ध कार्रवाई न करने की थी। तीसरी मांग नीट पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन तीनों मांगों को स्वीकार किया है और 28 जुलाई तक लिखित दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

सीजेपी के प्रमुख प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की जानकारी सरकार संगठन के साथ साझा करेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सहित देशभर में आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और भविष्य में भी संगठन के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने पर भी सहमति बनी है।

सौरव दास ने बताया कि संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को पांच बिंदुओं का प्रस्ताव भी सौंपा है। इन सुझावों पर विचार-विमर्श के लिए चार सप्ताह बाद दोबारा बैठक आयोजित की जाएगी।

संयुक्त प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के मुद्दे पर सहमति बनी है, जबकि शिक्षा सुधार से जुड़े प्रस्तावों पर सरकार विस्तृत मंथन करेगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील भी की।

इसके बाद सीजेपी ने औपचारिक रूप से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना था। साथ ही आंदोलन के दौरान समर्थन देने वाले सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से किया गया।

यह भी पढ़ें

इतिहास का वो अद्भुत स्वाद: कैसे चाट, गोल गप्पे बने भारत की सबसे लोकतांत्रिक डिश | बृज खंडेलवाल पासपोर्ट है, नागरिकता नहीं! भारतीय पहचान का नया गणित | वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल का प्रहार काफी हुआ है, बहुत बाकी है! चमकते एक्सप्रेसवे, जर्जर इंसाफ़: क्या सिर्फ़ सड़कें विकसित होने से देश विकसित होता है? | बृज खंडेलवाल सुप्रीम कोर्ट ने पैदल चलने को मौलिक अधिकार बनाया, अब परीक्षा आगरा की है | बृज खंडेलवाल का विशेष विश्लेषण “जनता मालिक, प्रतिनिधि सेवक: लोकतंत्र में वास्तविक VIP कौन?” | डॉ प्रमोद कुमार का विशेष विश्लेषण
Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


खबर शेयर कीजिए

Leave a Comment