National Desk, 🌐 tajnews.in | Sunday, 26 July, 2026, 10:36:19 AM IST.

tajnews.in | भोपाल: दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में आयोजित एक समारोह में वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र शर्मा को वर्ष 2026 के ‘लोकजतन सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ‘शैली स्मृति व्याख्यानमाला’ का भी शुभारंभ हुआ, जिसमें मीडिया, पत्रकारिता और सिनेमा की सामाजिक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ व्यंग्यकार एवं कवि वीरेन्द्र जैन ने की। प्रदेश के वरिष्ठ संपादक डॉ. राम विद्रोही ने राजेंद्र शर्मा को सम्मान-पत्र प्रदान किया। वर्ष 1979 से पत्रकारिता में सक्रिय राजेंद्र शर्मा कई पुस्तकों के लेखक, विभिन्न समाचार पत्रों के स्तंभकार और ‘लोकलहर’ के संपादक रहे हैं।
सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन वर्तमान समय में पत्रकारिता सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया और जनता के बीच विश्वास का संकट गहराया है, जिससे मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि मीडिया पर बड़ी पूंजी के बढ़ते प्रभाव और बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य ने पत्रकारिता की दिशा को प्रभावित किया है। हालांकि, उन्होंने स्वतंत्र पत्रकारों, यूट्यूब आधारित पत्रकारिता और युवा पत्रकारों की सराहना करते हुए कहा कि अनेक पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी जनसरोकार के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं।
समारोह में कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 के ‘लोकजतन सम्मान’ से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला को भी सम्मान-पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने का कार्य नहीं, बल्कि समाज और जनता के प्रति जवाबदेही का दायित्व भी है। उनके अनुसार, सच्ची पत्रकारिता हमेशा जनपक्षधर और प्रतिबद्ध होती है।
‘लोकजतन’ के संपादक बादल सरोज ने बताया कि यह सम्मान हर वर्ष पत्रिका के संस्थापक संपादक शैलेन्द्र शैली की जयंती पर उन पत्रकारों को दिया जाता है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी निर्भीक पत्रकारिता की परंपरा को आगे बढ़ाया है।
समारोह के साथ शुरू हुई ‘शैली स्मृति व्याख्यानमाला’ के प्रथम व्याख्यान में प्रख्यात फिल्म समीक्षक एवं कला-संस्कृति अध्येता जवरीमल्ल पारख ने सिनेमा की सामाजिक भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सिनेमा समाज पर गहरा प्रभाव डालने वाला माध्यम है और इसका उपयोग सकारात्मक तथा नकारात्मक दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने इतिहास, समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर बनने वाली फिल्मों के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सिनेमा के माध्यम से तथ्यों और दृष्टिकोणों की प्रस्तुति समाज पर व्यापक असर डालती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अनेक फिल्मकार आज भी सामाजिक सरोकारों और यथार्थपरक विषयों पर सार्थक फिल्में बना रहे हैं तथा सिनेमा की सकारात्मक भूमिका को आगे बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कथाकार एवं संस्कृतिकर्मी मनोज कुलकर्णी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संध्या शैली ने व्यक्त किया। समारोह में पत्रकार, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा विभिन्न जन आंदोलनों से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे।
आयोजकों के अनुसार, ‘शैली स्मृति व्याख्यानमाला’ की यह श्रृंखला 7 अगस्त तक जारी रहेगी। इसके तहत मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में तीन दर्जन से अधिक संवाद और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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