मथुरा के महोली गांव में वर्चस्व की खूनी जंग: परिक्रमा मार्ग पर सेवा शिविर लगाने को लेकर दो गुटों में अंधाधुंध फायरिंग, चार को लगी गोली, छावनी बना इलाका

खबर शेयर कीजिए

Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Friday, 29 May 2026, 01:20:18 PM IST

Taj News Logo
Taj News
Uttar Pradesh Desk

मथुरा: उत्तर प्रदेश के श्रीकृष्ण जन्मभूमि जनपद मथुरा से एक बेहद सनसनीखेज और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली हिंसक वारदात सामने आई है। मथुरा के महोली गांव में परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारा और सेवा शिविर लगाने के विवाद को लेकर दो गुटों के बीच वर्चस्व की खूनी जंग छिड़ गई। रंजिश के चलते दोनों पक्षों की ओर से करीब 30 मिनट तक खुलेआम अंधाधुंध फायरिंग और भारी पथराव किया गया, जिससे धार्मिक क्षेत्र में आए श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। इस भीषण बवाल के दौरान गोलीबारी की चपेट में आने से चार लोगों को गंभीर रूप से गोलियां लगी हैं, जबकि कुल छह लोग लहूलुहान होकर चोटिल हुए हैं। घटना की भयावहता की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने पूरे गांव में व्यापक कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर भारी मात्रा में अवैध असलाह बरामद किए हैं और दस उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है।

HIGHLIGHTS
  1. यमुना बैराज: ताज के डाउनस्ट्रीम में ₹500 करोड़ से अधिक की लागत वाले प्रोजेक्ट की मांग।
  2. सिर्सी ज्ञापन: मुख्यमंत्री और पीएम को भेजा गया 5-सूत्रीय मांग पत्र; नदियों को ‘लीगल पर्सन’ मानने पर जोर।
  3. बैराज के फायदे: जल स्तर में 10-12 फीट की वृद्धि, ताज की नींव को मजबूती और आगरा में वाटर टूरिज्म।
  4. नदी अदालत: सिर्सी रैली ने ‘नदी संरक्षण न्यायाधिकरण’ (River Protection Tribunal) के गठन की उठाई मांग।

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महोली क्षेत्र के वर्तमान पार्षद राजवीर उर्फ गुड्डी और दूसरे पक्ष के चंद्रपाल के मध्य पिछले करीब छह महीने से स्थानीय वर्चस्व और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को लेकर गंभीर गतिरोध चल रहा था। आधा साल पहले भी दोनों के बीच तीखी झड़प हुई थी, जिसे तत्कालीन समय में ग्रामीणों ने सामाजिक हस्तक्षेप से शांत करा दिया था, परंतु अंदरूनी रंजिश पूरी तरह समाप्त नहीं हुई थी। बुधवार को भी दोनों पक्षों के समर्थक आपस में भिड़ गए थे और दोनों ओर से ईंट-पत्थर चले थे, जिसे स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह नियंत्रित किया था।

Local Residents and Police Gathering at the Communal Violence Site in Maholi Village Mathura

बृहस्पतिवार को अधिकमास के पावन अवसर पर चंद्रपाल गुट के लोगों ने मुख्य परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक शीतल पेय प्याऊ और सेवा शिविर स्थापित किया था। इसी बीच, पुरानी खुन्नस के तहत पार्षद राजवीर के समर्थक और परिजन भी ठीक उसी स्थान के समीप फल तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री का वितरण करने पहुंच गए। सुबह करीब 11 बजे दोनों पक्षों के कारिंदों के बीच वितरण स्थल की सीमा और वर्चस्व को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने इतना उग्र रूप धारण कर लिया कि दोनों ओर से लोग छतों और सड़कों पर अवैध असलाह लहराते हुए आ गए।

Overturned Equipment and Bricks Scattered Across the Holy Parikrama Marg Following the Clash

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों गुटों के शूटरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए मुख्य सड़क पर दौड़-दौड़ कर एक-दूसरे पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। चंद्रपाल पक्ष के लोग जहां परिक्रमा मार्ग पर मोर्चा संभालकर ताबड़तोड़ ट्रिगर दबा रहे थे, वहीं पार्षद गुट के लोग भी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। करीब आधा घंटे तक महोली गांव गोलियों की तड़तड़ाहट और चीख-पुकार से गूंजता रहा। आस्था के मार्ग पर खुलेआम अवैध हथियार लहराने और फायरिंग होने से धार्मिक यात्रा पर आए देश-विदेश के श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों में जान बचाने की भगदड़ मच गई। लोग दुकानों के शटर गिराकर और घरों के दरवाजे बंद करके छिपने को मजबूर हो गए।

SSP Shlok Kumar Along with Top Police Officers Formulating a Search Strategy at the Spot

इस भीषण फायरिंग में दोनों ओर के चार लोगों को सीधे गोलियां लगी हैं। चंद्रपाल पक्ष के रवि के पैर में और संजू के सीने में गोली धंस गई है, जबकि उनके सहयोगी राजू और मलखान सिंह गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। दूसरी तरफ, पार्षद गुट के हरिओम के सिर को चीरती हुई गोली निकल गई और सावित्री नामक महिला के हाथ में गोली लगी है, जबकि पार्षद का पुत्र रिंकू और भाई केदार लाठी-डंडों के प्रहार से गंभीर घायल हैं। सूचना पर जिले के विभिन्न थानों की क्यूआरटी और पीएसी बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और लहूलुहान घायलों को तत्काल एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया।

Damaged Properties and Empty Bullet Casings Recovered by Forensic Teams on the Ground

घटना की सूचना पाते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार भारी पुलिस लाव-लश्कर के साथ महोली गांव पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। एसएसपी ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो फुटेज और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण के माध्यम से उपद्रवियों और शूटरों की पहचान की जा रही है। छह मुख्य आरोपियों को तत्काल हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और दोनों पक्षों के विरुद्ध संगीन धाराओं के तहत पुलिस खुद वादी बनकर मुकदमा दर्ज कर रही है।

Police Search Operations Inside Houses of the Accused Recovering Illegal Weapon Cache

बवाल शांत होने के बाद पुलिस और स्वाट टीम ने पूरे महोली गांव को चारों तरफ से सील कर सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया। इस दौरान दोनों गुटों से ताल्लुक रखने वाले नामजद आरोपियों के घरों की खिड़कियां और दरवाजे खंगालते हुए पुलिस ने छह से अधिक अवैध तमंचे, कारतूस और धारदार हथियार बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि गांव में दोबारा कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पीएसी और अतिरिक्त बल तैनात कर फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। शांति भंग करने और अवैध असलाह रखने वाले प्रत्येक अपराधी पर गैंगस्टर और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Heavy Deployment of PAC and District Police Conducting Flag March Inside Maholi Village

इस बड़ी वारदात ने धार्मिक नगरियों में सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर पल रहे अवैध हथियारों के नेटवर्क पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में पूरे महोली गांव को छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें सड़कों से खोखे और सबूत जुटाने में लगी हैं, जबकि पुलिस की खुफिया विंग सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट फैलाने वालों पर नजर रख रही है। जिला प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा घेरा बढ़ाते हुए श्रद्धालुओं को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिया है।

Security Personnel Deployed Across Mathura Holy Corridor to Ensure Devotee Protection
Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Editor in Chief, Taj News


खबर शेयर कीजिए

1 thought on “मथुरा के महोली गांव में वर्चस्व की खूनी जंग: परिक्रमा मार्ग पर सेवा शिविर लगाने को लेकर दो गुटों में अंधाधुंध फायरिंग, चार को लगी गोली, छावनी बना इलाका”

Leave a Comment