नीट विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- ‘युवाओं की भावनाओं का सम्मान करता हूं’

खबर शेयर कीजिए

National Desk, 🌐 tajnews.in | Saturday, 25 July, 2026, 03:10:00 PM IST.

Taj News Logo
Taj News
National Desk

tajnews.in | नई दिल्ली: नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद और देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे इस्तीफे में कहा कि देश के युवाओं की भावनाओं और अपेक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है।

HIGHLIGHTS
  1. बड़ा सियासी घटनाक्रम: नीट विवाद और छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
  2. युवाओं का सम्मान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर कहा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया फैसला।
  3. शुरुआत से ली जिम्मेदारी: पत्र में लिखा- नीट घटनाक्रम की जिम्मेदारी स्वीकार की, परीक्षा माफिया के खिलाफ उठाए कड़े कदम।
  4. री-एग्जाम और नतीजे: सीबीआई जांच, कंप्यूटर बेस्ड मोड का ऐलान और 21 जून को सफल पुनर्परीक्षा के बाद दिया त्यागपत्र।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए इस्तीफा पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उनके अनुसार, मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि वह हमेशा देश के युवाओं की आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का सम्मान करते रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिलने पर उन्होंने आभार व्यक्त किया।

इस्तीफा पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी। परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया और अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड में कराने की घोषणा की गई।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराना थी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन तथा छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से समन्वित प्रयास किए गए, जिसके बाद 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा आयोजित हुई।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी इससे पीछे नहीं हटे। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा माफिया की वजह से किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो और किसी के साथ अन्याय न होने पाए।

उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अनेक प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के प्रदर्शन, विपक्ष के हमलों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग लगातार तेज हो रही थी।

यह भी पढ़ें

इतिहास का वो अद्भुत स्वाद: कैसे चाट, गोल गप्पे बने भारत की सबसे लोकतांत्रिक डिश | बृज खंडेलवाल पासपोर्ट है, नागरिकता नहीं! भारतीय पहचान का नया गणित | वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल का प्रहार काफी हुआ है, बहुत बाकी है! चमकते एक्सप्रेसवे, जर्जर इंसाफ़: क्या सिर्फ़ सड़कें विकसित होने से देश विकसित होता है? | बृज खंडेलवाल सुप्रीम कोर्ट ने पैदल चलने को मौलिक अधिकार बनाया, अब परीक्षा आगरा की है | बृज खंडेलवाल का विशेष विश्लेषण “जनता मालिक, प्रतिनिधि सेवक: लोकतंत्र में वास्तविक VIP कौन?” | डॉ प्रमोद कुमार का विशेष विश्लेषण
Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


खबर शेयर कीजिए

Leave a Comment