धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दीपके का ऐलान, बोले- सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी

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National Desk, 🌐 tajnews.in | Saturday, 25 July, 2026, 05:49:09 PM IST.

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tajnews.in | नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में नया मोड़ आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन स्थल से छात्रों को संबोधित करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया और कहा कि संगठन की सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

HIGHLIGHTS
  1. लोकतंत्र की जीत: अभिजीत दीपके बोले- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों की एकजुटता की बड़ी सफलता है।
  2. आंदोलन जारी रहेगा: सीजेपी ने स्पष्ट किया कि जब तक बाकी मांगें पूरी नहीं होंगी, प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।
  3. दो प्रमुख मांगें: मुकदमे वापसी, पुलिस कार्रवाई की जांच और पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग।
  4. धर्मेंद्र प्रधान का रुख: युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए ली नैतिक जिम्मेदारी, सीबीआई जांच व सीबीटी मोड का उल्लेख।

मंच से संबोधन के दौरान अभिजीत दीपके ने ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाए और कहा कि लंबे समय से यह कहा जाता रहा कि सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन छात्रों की एकजुटता ने यह धारणा बदल दी। उनके अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष की बड़ी सफलता है।

अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस टिप्पणी में उन्हें ‘कॉकरोच’ कहा गया था, उससे आंदोलन को और मजबूती मिली। दीपके ने दावा किया कि यदि वह टिप्पणी नहीं होती तो शिक्षा मंत्री का इस्तीफा संभव नहीं होता। यह उनकी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया थी, जिसे उन्होंने मंच से संबोधन के दौरान व्यक्त किया।

अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि संगठन की दो प्रमुख मांगें अभी भी लंबित हैं। पहली मांग प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने तथा कथित पुलिस कार्रवाई की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की है। दूसरी मांग उन छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की है, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या की। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी दोहराई।

उधर, इस्तीफे के बाद जारी अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से कभी मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने लिखा कि हाल के घटनाक्रम से उनका मन दुखी है, लेकिन वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं और भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और छात्रों का भविष्य किसी भी कानूनी या अन्य जटिलताओं में नहीं उलझना चाहिए।

पूर्व शिक्षा मंत्री ने अपने पत्र में कहा कि नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी, परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित कराई तथा भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड में कराने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों के हितों की रक्षा करना और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करना रही।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अभिजीत दीपके के नए ऐलान के बाद अब सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच आगे होने वाली वार्ता तथा शेष मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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