Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Friday, 29 May 2026, 02:45:12 PM IST

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से रिश्तों को कलंकित और रूह को कंपा देने वाली एक बेहद दर्दनाक दास्तां सामने आई है। भावनपुर थाना क्षेत्र की गोकुलधाम सोसाइटी में रहने वाली 12वीं की होनहार छात्रा खुशी उर्फ खुशबू की सोते समय तकिये से मुंह और गला दबाकर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले में अब मृतका के भीषण शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के चौंकाने वाले राज खुले हैं। पुलिस अभिरक्षा में जेल जा चुके कसाई पिता कपिल शर्मा और जल्लाद सौतेली मां पिंकी के क्रूर कारनामों की गवाही देते हुए सोसाइटी के पड़ोसियों और मृतका के ननिहाल पक्ष ने बताया कि मासूम बच्ची को अक्सर फ्लैट के भीतर बंधक बनाकर दोनों आरोपी बाहर घूमने चले जाते थे। हद तो तब पार हो गई जब घर की सफाई के दौरान एक साधारण सा कछुआ (खिलौना) टूट जाने पर सौतेली मां ने बेलन और डंडों से खुशी को लहूलुहान होने तक पीटा और लगातार तीन दिनों तक काल कोठरी जैसे कमरे में भूखा-प्यासा बंद रखा।
प्राप्त विवरण के अनुसार, हापुड़ के पन्नापुरी निवासी खुशी के मामा भूपेंद्र शर्मा और मौसी अपनी भांजी की नृशंस हत्या की वारदात के बाद बुधवार को गोकुलधाम सोसाइटी में इंसाफ की गुहार लगाने और साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज हासिल करने पहुंचे थे। जब सोसाइटी के कैमरे बंद मिले, तो उन्होंने पड़ोसियों से बात की, जिसके बाद वहां रहने वाली महिलाओं और सुरक्षाकर्मियों का दर्द छलक पड़ा। पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि पांच दिन पहले उनके बच्चे के जन्मदिन की पार्टी थी, जिसमें खुशी भी आई थी। खुशी की आंख पर गहरा और नीला चोट का निशान देखकर जब उन्होंने सौतेली मां पिंकी से पूछा, तो उसने बहाना बना दिया कि वह बाथरूम में फिसलकर गिर गई थी। मगर जब अकेले में खुशी से प्यार से पूछा गया, तो उसने रोते हुए आपबीती सुनाई कि सफाई करते समय उसके हाथ से खिलौना टूट गया था, जिसके जुर्म में उसे डंडे व बेलन से बेरहमी से पीटा गया और तीन दिन तक दाने-दाने को तरसाया गया।
सोसाइटी के अन्य निवासियों ने बताया कि पापी पिता कपिल और सौतेली मां जब भी बाहर सिनेमा देखने या घूमने जाते थे, तो बड़ी चालाकी से खुशी को फ्लैट के अंदर बंद कर कुंडी लगा देते थे। इसके बावजूद वह जब भी किसी पड़ोसी से मिलती थी, तो हमेशा मुस्कुराकर आदरपूर्वक प्रणाम करती थी। पुलिस जब वारदात के बाद हत्यारे पिता को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने फ्लैट पर लाई, तो गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी का खून खौल उठा और उसने हत्यारे माता-पिता को समाज का कलंक बताते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। मामा भूपेंद्र शर्मा ने एक दिल दहला देने वाला ऑडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी खुशी को ननिहाल या किसी से बात करने के लिए मोबाइल फोन छूने तक नहीं देते थे। वह स्कूल की बस में किसी सहपाठी या स्टाफ से फोन मांगकर अपनी मौसी को रो-रोकर दुखड़ा सुनाती थी। ऑडियो रिकॉर्डिंग में खुशी साफ कह रही है कि सौतेली मां और पिता उस पर जबरन शादी करने का मानसिक दबाव बना रहे हैं, जिस पर उसकी मौसी उसे भागकर सीधे हापुड़ अपनी ननिहाल आने की सलाह दे रही हैं।
नृशंस हत्याकांड के इतिहास को खंगालते हुए मामा भूपेंद्र शर्मा ने गंभीर आरोप लगाया कि यह कपिल के घर में तीसरी संदिग्ध मौत है। वर्ष 2009 में उनकी बहन प्रीति का विवाह कपिल से हुआ था, जिसने वर्ष 2017 में संदिग्ध परिस्थितियों में दम तोड़ दिया। मौत से पहले प्रीति ने अपनी मां को लिखे पत्र में ससुराल में भारी उत्पीड़न और जान के खतरे का जिक्र किया था, जिससे साफ है कि उसकी भी हत्या की गई थी। प्रीति की मौत के महज छह महीने बाद कपिल ने पिंकी से दूसरा ब्याह कर लिया। करीब दो साल पहले पिंकी के गर्भ से एक दूसरी बेटी ने जन्म लिया, लेकिन जब वह महज सात महीने की हुई, तो उसकी भी अत्यंत संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पड़ोसियों के मुताबिक, पिंकी चाहती थी कि उसके बेटा पैदा हो। जब उसके बेटी हुई, तो वह अपनी खीझ और नफरत मासूम खुशी पर निकालने लगी और दिन-रात कपिल के कान भरकर उसे अपनी ही सगी बेटी के खून का प्यासा बना दिया।
घटनाक्रम के मुताबिक, परतापुर स्थित एक नामचीन दूध डेयरी के प्लांट में काम करने वाला कपिल सोमवार रात नाइट ड्यूटी पर गया था। मंगलवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे जब वह घर लौटा, तो उसने देखा कि सोसाइटी का नाइट गार्ड गहरी नींद में सो रहा है। इसे मुफीद मौका मानकर वह फ्लैट में घुसा और पिंकी को जगाया। दोनों ने मिलकर गहरी नींद में सो रही 12वीं की छात्रा खुशी के कमरे का रुख किया। सौतेली मां पिंकी ने बिस्तर पर खुशी के दोनों पैर पूरी ताकत से दबोच लिए और सगे बाप कपिल ने उसके मुंह और नाक पर तकिया रखकर अपना पूरा वजन डाल दिया। मासूम खुशी तड़पती रही, पैर पटकती रही, लेकिन कसाई पिता तब तक तकिया दबाकर बैठा रहा जब तक कि उसकी अंतिम सांस थम नहीं गई।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से दोनों ने सुबह तड़के ही खुशी के शव को कार की पिछली सीट पर डाला और मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-3 स्थित अपने पिता जगमोहन शर्मा के घर पहुंचे। वहां उन्होंने आनन-फानन में अंतिम यात्रा वाली प्राईवेट बस बुक की और अन्य परिजनों को गुमराह कर शव को सीधे गढ़मुक्तेश्वर के बृजघाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर राख में तब्दील कर दिया ताकि कोई फॉरेंसिक सबूत न बच सके। मंगलवार दोपहर जब ननिहाल पक्ष को किसी पड़ोसी के जरिए इस मौत की सूचना मिली, तो वे भागकर जागृति विहार पहुंचे। जब उन्होंने कपिल और उसके भाई-पिता को घेरा कि तुमने हमारी भांजी को मार डाला, तो आरोपियों ने उलटा ननिहाल पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों से हमला कर मारपीट कर दी।
थाना प्रभारी जोगेंद्र सिंह सैनी ने बताया कि दोनों मुख्य आरोपियों ने अपना गुनाह पूरी तरह कबूल कर लिया है और उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया कातिल तकिया बरामद कर लिया गया है। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि इस खौफनाक वारदात में साक्ष्य छिपाने, शव को जबरन गायब करने और अंतिम संस्कार में शामिल होकर सच दबाने के मामले में मृतका के दादा जगमोहन शर्मा और चाचा की भूमिका की जांच की जा रही है। साक्ष्य मिलते ही इस जघन्य हत्याकांड में शामिल अन्य सभी मददगारों को भी सह-आरोपी बनाकर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। ननिहाल पक्ष आज मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर अन्य दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करेगा।

Thakur Pawan Singh
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