जम्मू जाने की जिद पर सात वर्षीय बेटे ने दिव्यांग पिता पर किया हमला, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

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Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 27 July, 2026, 01:00:23 PM IST.

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tajnews.in | गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पारिवारिक विवाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में जम्मू जाने की जिद पूरी न होने पर सात वर्षीय बच्चे ने अपने दिव्यांग पिता पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

HIGHLIGHTS
  1. चौंकाने वाली घटना: गोंडा में 7 साल के मासूम ने दिव्यांग पिता पर गड़ासे से किया जानलेवा हमला।
  2. हमले का कारण: चाचा-चाची के पास जम्मू जाने की जिद पूरी न होने पर उग्र हुआ बच्चा।
  3. गंभीर हालत: लहूलुहान अवस्था में दिव्यांग पिता को मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती।
  4. विशेषज्ञों की सलाह: बाल रोग एवं मनोरोग विशेषज्ञ नूपुर पाल ने बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने की दी सलाह।

बताया गया कि घटना रविवार दोपहर की है। पिता खेत में आम के पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। इसी दौरान उनका सात वर्षीय बेटा घर से गड़ासा लेकर पहुंचा और उन पर कई वार कर दिए। चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे के हाथ से हथियार छीनकर घायल को बचाया। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां उनका उपचार जारी है।

परिजनों के अनुसार, बच्चे के चाचा और चाची जम्मू में मजदूरी करते हैं। बच्चा भी उनके साथ जम्मू जाने की जिद कर रहा था, लेकिन पिता ने उसे जाने से मना कर दिया था। परिजनों का कहना है कि इसी बात से नाराज होकर बच्चे ने यह कदम उठाया।

परिवार के मुताबिक, करीब चार वर्ष पहले बच्चे की मां दोनों बेटों को छोड़कर कहीं चली गई थी। इसके बाद पिता ने ही दोनों बच्चों का पालन-पोषण किया। उस समय छोटे बेटे की उम्र करीब तीन वर्ष थी। परिजनों ने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि एक सामान्य पारिवारिक विवाद इतना गंभीर रूप ले सकता है।

देहात कोतवाली प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के संदर्भ में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर नूपुर पाल के अनुसार, बच्चों के व्यवहार, भावनात्मक बदलाव और गुस्से जैसी प्रवृत्तियों को समय रहते समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार का वातावरण, बच्चों के सामने होने वाले झगड़े, हिंसक व्यवहार और मोबाइल या ऑनलाइन माध्यमों पर देखी जाने वाली सामग्री उनके व्यक्तित्व और व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। यदि किसी बच्चे में लगातार आक्रामकता, अत्यधिक जिद या असामान्य व्यवहार दिखाई दे तो परिवार को उससे संवाद बढ़ाने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेने में देर नहीं करनी चाहिए।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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