Agra Desk, tajnews.in | Saturday, May 2, 2026, 06:15:10 PM IST

आगरा: ताजनगरी के हृदय स्थल विजय नगर में आज एक नई और वैचारिक क्रांति की नींव रखी गई। आर्य केंद्रीय सभा आगरा द्वारा आज दिनांक 2 मई 2026 को नई पीढ़ी के चरित्र निर्माण हेतु ‘संस्कारशाला’ का विधिवत और भव्य शुभारंभ किया गया। नॉर्थ विजय नगर कॉलोनी स्थित नमिता शर्मा के निवास पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में आगरा के सभी प्रतिष्ठित आर्यजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आज के इस ‘स्क्रीन और मोबाइल’ युग में, जहाँ बच्चे अपनी संस्कृति और नैतिक मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं, वहाँ वैदिक सनातन संस्कारों की महती आवश्यकता पर सभी वक्ताओं ने विशेष बल दिया। इस संस्कारशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल शिक्षित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें एक श्रेष्ठ और उत्तरदायी मनुष्य बनाना है। उपस्थित जनसमूह ने मुक्त कंठ से इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की सबसे बड़ी जरूरत करार दिया।


राम और कृष्ण जैसे वीर योद्धा बनाने का संकल्प
समारोह के दौरान वक्ताओं ने इतिहास के उन पन्नों को याद किया जिनसे भारत की पहचान बनी है। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि आज हमें फिर से उन्हीं संस्कारों की आवश्यकता है जिनसे राम, कृष्ण, स्वामी दयानंद, स्वामी श्रद्धानंद, वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, लाला लाजपत राय और भगत सिंह जैसे वीर योद्धा और महान व्यक्तित्व बने। ये वे महापुरुष थे जिन्होंने कठिन संघर्षों के बीच अपने जीवन को ढाला और समाज, राष्ट्र व धर्म को एक नई दिशा प्रदान की। आज फिर से वही बौद्धिक और चारित्रिक ऊर्जा हमारे बच्चों में प्रवाहित करना इस संस्कारशाला का मूल मंत्र है।


नमिता शर्मा के निवास पर यह संस्कारशाला निरंतर हर रविवार को सायं 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसमें 6 से 16 वर्ष तक के बालक-बालिकाएं भाग ले सकते हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यहाँ शिक्षा पूरी तरह निशुल्क होगी ताकि समाज का हर वर्ग अपने बच्चों को इन संस्कारों से जोड़ सके। कार्यक्रम में उपस्थित आर्य समाज के विद्वानों ने कहा कि आज के बच्चे ही भारत का भविष्य हैं, यदि भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना है तो वैदिक सनातन संस्कारों का बीजारोपण आज ही करना होगा।
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संध्या, योग और नैतिक शिक्षा का अनूठा पाठ
संस्कारशाला का पाठ्यक्रम केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। इसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। बच्चों को संध्या, यज्ञ और वैदिक प्रार्थनाओं का अभ्यास कराया जाएगा। इसके साथ ही, उनके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग और प्राणायाम की विशेष कक्षाएं होंगी। नैतिक शिक्षा के अंतर्गत महापुरुषों की जीवनियां सुनाई जाएंगी ताकि बच्चे वीरता और साहस के गुणों को आत्मसात कर सकें।


संस्कारशाला की एक और अनूठी विशेषता ‘स्किल डेवलपमेंट’ और ‘सिविल डिफेंस’ की ट्रेनिंग है। बालिकाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई और आत्मनिर्भर बनने के अन्य कौशल सिखाए जाएंगे। वहीं सिविल डिफेंस और मोटिवेशनल स्पीच के माध्यम से बच्चों के भीतर आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भरी जाएगी। आचरण और व्यवहार की शुद्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि जब एक बच्चा संस्कारित होता है, तो पूरा परिवार और आने वाला समाज उन्नत होता है।


सामूहिक अपील और संपर्क का माध्यम
कार्यक्रम के अंत में सभी गणमान्य अतिथियों ने इस अभियान को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया। नमिता शर्मा ने सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को हर रविवार इस संस्कारशाला में अवश्य भेजें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक क्लास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सीखने का एक केंद्र है। जो भी अभिभावक अपने बच्चों का पंजीकरण कराना चाहते हैं या अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, वे सीधे नमिता शर्मा से उनके मोबाइल नंबर (9319346748) पर संपर्क कर सकते हैं।

आर्य केंद्रीय सभा आगरा की इस पहल ने विजय नगर सहित पूरे ताजनगरी में एक सकारात्मक चर्चा छेड़ दी है। लोगों का मानना है कि ऐसी संस्कारशालाएं हर कॉलोनी और हर मोहल्ले में होनी चाहिए ताकि हमारी नई पीढ़ी पश्चिमी अंधानुकरण के बजाय अपनी वैदिक विरासत पर गर्व कर सके। आज का यह शुभारंभ समारोह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ है। सभा ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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