Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Tuesday, 16 June 2026, 06:15:22 PM IST

आगरा: जनपद की सदर तहसील में नई ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं और विलेख लेखकों का आक्रोश फूट पड़ा है। ‘अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक संघर्ष समिति, सदर तहसील, आगरा’ के बैनर तले समस्त वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने एकजुट होकर कार्य बहिष्कार का ऐलान करते हुए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संघर्ष समिति द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से एआईजी स्टैम्प तथा उप निबंधक प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम महोदय को लिखित सूचना देकर नई व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया गया है। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक इस जटिल और अव्यावहारिक ई-पंजीकरण प्रणाली 2024 को पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जाता, तब तक तहसील परिसर में कोई भी निबंधन (रजिस्ट्री) कार्य नहीं होने दिया जाएगा। इस हड़ताल के कारण करोड़ों रुपये के राजस्व वाले रजिस्ट्री दफ्तरों में कामकाज ठप हो गया है, जिससे दूर-दराज से आए बैनामा खरीदार और विक्रेता बैरंग लौटने को मजबूर हैं।

प्राप्त जानकारी और प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन संघर्ष समिति के पत्र से उपजे विधिक और व्यावहारिक गतिरोध का परिणाम है। अधिवक्ताओं का तर्क है कि नई डिजिटल ई-पंजीकरण प्रणाली तकनीकी रूप से काफी जटिल है, जिससे न केवल आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि दस्तावेज लेखकों और वकीलों की आजीविका पर भी गंभीर संकट मंडराने लगा है। समिति द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में साफ तौर पर दर्ज है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक धरना प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने उप निबंधक कार्यालय के अधिकारियों से भी जनहित और अधिवक्ता हित में सहयोग करने तथा किसी भी प्रकार का मैन्युअल या डिजिटल निबंधन कार्य न करने का सविनीत अनुरोध किया है।

इस व्यापक आंदोलन को सफल बनाने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए संघर्ष समिति के महत्वपूर्ण सदस्यों की सूची भी जारी की गई है। इस पूरी मुहिम में शम्भुनाथ वर्मा, लाल बहादुर राजपूत, रामकृष्ण दत्त उपाध्याय, अरविन्द दुबे, आशीष कुमार यादव, इन्द्रपाल सिंह, सतीश कुमार पचौरी, राजीव उपाध्याय, मुकेश गुप्ता, लाखन सिंह बघेल, मान सिंह धाकड़, विजय शर्मा, शम्भू तोमर, मनोज कुमार, विमल तिवारी, कुलदीप शर्मा, कैलाश आर्य, दिव्यांश पाण्डेय, भगवान सिंह, शिवनन्दन शर्मा, हेमन्त जग्गी, दीपांशु जैन, विकास पाराशर, कुमारशुभ कपूर और राहुल कुमार सहित भारी संख्या में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं विलेख लेखक मुस्तैदी से डटे हुए हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और निबंधन विभाग ने उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कदम नहीं उठाए, तो इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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