यूपी में आतंकी साजिश नाकाम, दुबई से जुड़े मॉड्यूल के तार

Uttar Pradesh Desk, tajnews.in | 📍लखनऊ, उत्तर प्रदेश | Sunday, April 5, 2026, 07:15:30 AM IST

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक बहुत ही खौफनाक और बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, यूपी एटीएस ने देश भर में आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले एक बड़े स्लीपर मॉड्यूल को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। दरअसल, इस पूरे खौफनाक आतंकी नेटवर्क का मास्टरमाइंड दुबई में बैठकर अपना काला कारोबार चला रहा था। गौरतलब है कि, जांच एजेंसियों ने चार खूंखार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार करके लखनऊ रेलवे स्टेशन पर होने वाले एक बड़े ब्लास्ट को रोक दिया है। इसलिए, पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भारी हाई अलर्ट पर रखा गया है। चूंकि गिरफ्तार आतंकियों के तार सीधे पाकिस्तान के खतरनाक हैंडलर्स से जुड़े हुए पाए गए हैं। नतीजतन, एटीएस की रडार पर अब कई अन्य संदिग्ध चेहरे भी आ गए हैं। इसके अलावा, एटीएस ने कुशीनगर से भी आईएसआईएस (ISIS) के एक संदिग्ध एजेंट को गिरफ्तार किया है।

HIGHLIGHTS
  • बड़ी साजिश नाकाम: यूपी एटीएस ने 4 संदिग्धों को पकड़कर लखनऊ रेलवे स्टेशन पर ब्लास्ट का बड़ा प्लान पूरी तरह फेल किया।
  • दुबई का मास्टरमाइंड: मेरठ का रहने वाला आकिब दुबई में बैठकर इस पूरे खूंखार आतंकी मॉड्यूल को चला रहा था।
  • पाकिस्तानी कनेक्शन: सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को पाकिस्तानी हैंडलर्स से जोड़कर उनकी भारी ब्रेनवाशिंग की जा रही थी।
  • आईएसआईएस एजेंट गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस और यूपी एटीएस ने कुशीनगर से रिजवान नाम के एक पुराने संदिग्ध को दबोचा।

लखनऊ रेलवे स्टेशन को दहलाने की थी खौफनाक साजिश

उत्तर प्रदेश पुलिस की एटीएस विंग ने एक बहुत बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया है। दरअसल, एटीएस ने बृहस्पतिवार को मेरठ निवासी साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, और गौतमबुद्धनगर निवासी विकास उर्फ रौनक और लोकेश को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि, ये सभी खूंखार आरोपी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर एक भारी विस्फोट करने की खतरनाक साजिश रच रहे थे। इसलिए, समय रहते इनकी गिरफ्तारी से हजारों निर्दोष लोगों की जान सुरक्षित बच गई।

चूंकि ये आतंकी रेलवे सिग्नल बॉक्स और गैस सिलेंडरों से भरे वाहनों में भयंकर आगजनी करने वाले थे। नतीजतन, एटीएस की इस अचूक कार्रवाई ने उनके पूरे आतंकी मंसूबे पर पानी फेर दिया। इसके अलावा, एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने इस पूरे ऑपरेशन की बहुत ही विस्तृत और अहम जानकारी मीडिया को दी। मुख्य रूप से, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना कोई और नहीं, बल्कि मेरठ का ही रहने वाला आकिब है।

दुबई में बैठा आकिब चला रहा था पूरा नेटवर्क

इस आतंकी मॉड्यूल का सबसे बड़ा और मुख्य चेहरा दुबई में सुरक्षित बैठा हुआ है। दरअसल, मेरठ निवासी आकिब काफी लंबे समय से दुबई को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाए हुए है। गौरतलब है कि, आकिब ने ही गिरफ्तार आरोपी साकिब का संपर्क सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स से करवाया था। इसलिए, आकिब की भूमिका इस पूरे राष्ट्रविरोधी नेटवर्क में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और खतरनाक मानी जा रही है।

चूंकि वह भारत में युवाओं को भड़काकर देश के खिलाफ एक बड़ा विद्रोह पैदा करना चाहता है। नतीजतन, साकिब ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ने के बाद उन्हें भारत की अति संवेदनशील जानकारियां उपलब्ध करवानी शुरू कर दी थीं। इसके अलावा, जांच एजेंसियों ने इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर (FIR) में आकिब का नाम मुख्य रूप से शामिल किया है। अंततः, अब एटीएस दुबई में बैठे इस मास्टरमाइंड पर अपना कड़ा शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर रही है।

सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ आकिब का जलवा

दुबई में बैठा मास्टरमाइंड आकिब सोशल मीडिया का बहुत ही शातिर तरीके से इस्तेमाल कर रहा था। दरअसल, वह इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं का भारी ब्रेनवॉश करता था। गौरतलब है कि, आकिब ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर खतरनाक हथियारों के साथ अपनी कई भड़काऊ तस्वीरें डाली हैं। इसलिए, जांच एजेंसियों ने जब उसकी प्रोफाइल खंगाली, तो उन्हें कई तस्वीरों में उसके हाथ में एके-47 (AK-47) जैसी घातक राइफलें नजर आईं।

चूंकि एक आम नागरिक के पास ऐसे हथियार होना बिल्कुल नामुमकिन और गैरकानूनी है। नतीजतन, जांच अधिकारियों को यह पक्का यकीन हो गया है कि आकिब पाकिस्तान के बड़े और खूंखार आतंकी संगठनों के सीधे संपर्क में है। इसके अलावा, सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने सोशल मीडिया की इन्हीं आपत्तिजनक तस्वीरों के आधार पर अपनी इस बड़ी तफ्तीश को शुरू किया था। इसके परिणामस्वरूप, यह पूरा खौफनाक मॉड्यूल जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया।

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रक्षा प्रतिष्ठानों और हिंदू नेताओं की कराई गई रेकी

गिरफ्तार किए गए इन संदिग्ध आतंकियों के निशाने पर प्रदेश के कई अहम और बड़े संस्थान थे। दरअसल, इन आतंकियों ने उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख रक्षा प्रतिष्ठानों और कैंट इलाकों की बहुत ही बारीकी से रेकी की थी। गौरतलब है कि, उन्होंने उन अति संवेदनशील इलाकों के खुफिया वीडियो बनाकर अपने पाकिस्तानी आकाओं को भेजे थे। इसलिए, राष्ट्र की सुरक्षा के लिए यह एक बहुत बड़ी और भारी सेंधमारी मानी जा रही है。

चूंकि उनके निशाने पर सिर्फ इमारतें ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई नामचीन हिंदुत्ववादी और धार्मिक नेता भी पूरी तरह शामिल थे। नतीजतन, उन्होंने इन नेताओं की दैनिक गतिविधियों और सुरक्षा घेरे से जुड़ी तमाम गुप्त जानकारियां भी जुटाई थीं। इसके अलावा, जैसे-जैसे एटीएस की तफ्तीश आगे बढ़ रही है, इस मॉड्यूल के कई नए और चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो रहे हैं। अंततः, आरोपियों के पास से बरामद किए गए मोबाइल फोन में इन सारी रेकी के अहम साक्ष्य पुलिस को मिल गए हैं।

हैंडलर्स भेजते थे लोकेशन, खाते में आती थी भारी रकम

यह पूरा आतंकी नेटवर्क एक बहुत ही सुनियोजित और हाई-टेक तरीके से अपना काम कर रहा था। दरअसल, पाकिस्तानी हैंडलर्स सबसे पहले गूगल मैप (Google Map) के जरिए टार्गेट की सटीक लोकेशन साकिब को भेजते थे। गौरतलब है कि, लोकेशन मिलने के बाद साकिब अपने साथियों के साथ मिलकर उन स्थानों पर जाकर खुफिया वीडियो तैयार करता था। इसलिए, वह इन वीडियो को सुरक्षित इंटरनेट ऐप्स के जरिए वापस पाकिस्तान भेज देता था।

चूंकि इस देश विरोधी काम के बदले में हैंडलर्स उन्हें बहुत मोटी रकम ट्रांसफर करते थे। नतीजतन, पैसों के लालच में इन युवाओं ने अपने ही देश के साथ भारी गद्दारी की। इसके अलावा, अंदेशा है कि इस खौफनाक मॉड्यूल से कई और युवा भी जुड़े हो सकते हैं, जो चंद रुपयों के लिए देश की जानकारी बेच रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, एटीएस अब इन खातों में आए हुए पैसों के पूरे ट्रेल (Money Trail) की बहुत ही गहराई से जांच कर रही है।

एटीएस को मिली पांच दिन की रिमांड, खुलेंगे गहरे राज

एटीएस की टीम ने इन सभी खूंखार आरोपियों को शनिवार के दिन कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया। दरअसल, जांच एजेंसी ने अदालत से आरोपियों की लंबी कस्टडी रिमांड की भारी मांग की थी। गौरतलब है कि, अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए एटीएस को पूरे पांच दिन की रिमांड तुरंत मंजूर कर दी है। इसलिए, अब एटीएस के तेजतर्रार अधिकारी इन आतंकियों से अपने विशेष तरीके से कड़ी पूछताछ करेंगे।

चूंकि इस पूछताछ में कई बड़े और गहरे राज उगलवाने की पूरी संभावना है। नतीजतन, यह पता लगाया जाएगा कि इस खौफनाक मॉड्यूल में और कौन-कौन से गद्दार शामिल हैं। इसके अलावा, जांच एजेंसी यह भी जानने की कोशिश करेगी कि वे और कौन-कौन सी बड़ी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। अंततः, पांच दिन की इस रिमांड के बाद कई नए और चौंकाने वाले खुलासे देश के सामने आ सकते हैं।

कुशीनगर में आईएसआईएस का खूंखार संदिग्ध एजेंट गिरफ्तार

एटीएस का यह कड़ा एक्शन सिर्फ मेरठ और लखनऊ तक ही बिल्कुल सीमित नहीं रहा है। दरअसल, यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बहुत बड़ा संयुक्त ऑपरेशन चलाकर कुशीनगर से भी एक संदिग्ध को दबोचा है। गौरतलब है कि, शनिवार देर शाम पडरौना कोतवाली क्षेत्र के छावनी कस्बे से आईएसआईएस (ISIS) के संदिग्ध एजेंट रिजवान अहमद को गिरफ्तार किया गया। इसलिए, उसे तुरंत ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दिल्ली स्पेशल सेल अपने साथ ले गई है।

चूंकि रिजवान अहमद का आपराधिक इतिहास बहुत पुराना और खतरनाक रहा है। नतीजतन, साल 2015 और फिर 2017 से 2023 तक वह विस्फोट के मामले में जेल की हवा खा चुका है। इसके अलावा, जेल से बाहर आते ही वह दोबारा युवाओं का ब्रेनवॉश करने के गंदे काम में जुट गया था। अंततः, रिजवान के पास से कई आपत्तिजनक सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने उसे दिल्ली के एक मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया है।

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Pawan Singh

Pawan Singh

Chief Editor, Taj News

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