Agra Desk, tajnews.in | Wednesday, May 20, 2026, 11:15:00 AM IST

आगरा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के एक विवादित और कथित अपमानजनक बयान को लेकर ब्राह्मण समाज में भारी रोष और आक्रोश व्याप्त हो गया है। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में एकजुट हुए प्रबुद्ध समाज के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मधु भारद्वाज के कुशल नेतृत्व में दर्जनों पदाधिकारियों ने आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल से मुलाकात की। समाज के लोगों ने जिलाधिकारी को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपकर सपा प्रवक्ता के खिलाफ धार्मिक और सामाजिक भावनाएं भड़काने के आरोप में सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। ब्राह्मण महासभा का साफ कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता को समाज के किसी वर्ग विशेष पर अमर्यादित टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। यदि इस मामले में त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई, तो पूरे प्रदेश में एक बहुत बड़ा जनांदोलन शुरू किया जाएगा।

राजकुमार भाटी के विवादित बयान से भड़का प्रबुद्ध समाज, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर अक्सर सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करते हैं। ताजा विवाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के एक हालिया बयान से शुरू हुआ है। आरोप है कि एक सार्वजनिक मंच से चर्चा के दौरान उन्होंने ब्राह्मण समाज के प्रति कुछ ऐसी बातें कहा जो अमर्यादित, अपमानजनक और विद्वेष फैलाने वाली थीं। इस बयान के सोशल मीडिया पर प्रसारित होते ही आगरा सहित पूरे उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। समाज के लोगों का कहना है कि यह बयान जानबूझकर राजनीतिक लाभ लेने के लिए दिया गया है।
इसी विवादित टिप्पणी के विरोध में मंगलवार दोपहर को अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के बैनर तले समाज के लोग आगरा के कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर समाज के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। समाज के बुद्धिजीवियों का कहना है कि ब्राह्मणों ने हमेशा समाज को दिशा देने और सबको साथ लेकर चलने का काम किया है। ऐसे में किसी जिम्मेदार राजनीतिक दल के मुख्य प्रवक्ता द्वारा ऐसी भाषा का उपयोग करना उनकी संकीर्ण मानसिकता को पूरी तरह उजागर करता है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे अपने आत्मसम्मान के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता बिल्कुल नहीं करेंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मधु भारद्वाज के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिले पदाधिकारी
कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन के बाद अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। इस पूरे अभियान का नेतृत्व महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मधु भारद्वाज स्वयं कर रही थीं। डॉ. मधु भारद्वाज ने जिलाधिकारी मनीष बंसल से मुलाकात के दौरान उन्हें समाज के भीतर बढ़ रहे भारी गुस्से और असंतोष से पूरी तरह अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह कतई नहीं है कि आप किसी जाति या धर्म को नीचा दिखाने का कुत्सित प्रयास करने लगें।
महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को सौंपे गए मांग पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का यह कृत्य समाज में वैमनस्यता और नफरत फैलाने की श्रेणी में आता है। इसलिए उनके खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बहुत ही गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने समाज के प्रतिष्ठित लोगों को आश्वस्त किया कि कानून के दायरे में रहकर इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।

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महिला शक्ति ने संभाली कमान, आंदोलन को और तेज करने की दी चेतावनी
इस पूरे विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण महासभा की महिला इकाई की बहुत ही सक्रिय और सराहनीय भागीदारी देखने को मिला। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद महिला नेताओं ने राजनेताओं की इस अमर्यादित भाषा शैली पर गहरा दुख व्यक्त किया। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से ममता पचौरी, नीलम बृजेश शर्मा, वंदना तिवारी और आरती शर्मा उपस्थित रहीं। इन महिला पदाधिकारियों ने एक सुर में कहा कि समाज का कोई भी वर्ग अब ऐसी अपमानजनक टिप्पणियों को मूकदर्शक बनकर बर्दाश्त बिल्कुल नहीं करेगा।
महिला नेताओं ने राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व से भी यह अपील की है कि वे अपने प्रवक्ताओं को टीवी डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर बोलने के लिए एक कड़ा प्रोटोकॉल तय करें। वोट बैंक की घटिया राजनीति के चक्कर में किसी प्राचीन और गौरवशाली समाज को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, महासभा के वरिष्ठ पुरुष पदाधिकारियों अरुण सारस्वत और प्रभुदत्त शर्मा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सपा प्रवक्ता ने अपने इस विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी नहीं मांगी, तो महासभा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर समाजवादी पार्टी के खिलाफ बड़ा लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए पूरी तरह विवश होंगे।

जातिगत बयानों से बिगड़ता सामाजिक सौहार्द, सख्त कानून की जरूरत
आगरा के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक विचारकों का मानना है कि चुनाव और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन इसके लिए सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार हमेशा प्रतिबद्ध रही है। भड़काऊ और जातिगत टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सरकार पूर्व में भी कई कड़े एक्शन ले चुकी है। ब्राह्मण महासभा को पूरा भरोसा है कि इस मामले में भी प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित कानूनी कदम उठाएगा।
ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अंत में कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर मीडिया कर्मियों से बात करते हुए अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि सनातनी संस्कृति और ब्राह्मण समाज का इतिहास हमेशा त्याग और लोक कल्याण का रहा है। इतिहास गवाह है कि जिसने भी समाज का अपमान किया है, उसे जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा सबक सिखाया है। इस अवसर पर महासभा के कई अन्य युवा कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे, जिन्होंने डॉ. मधु भारद्वाज के नेतृत्व में अपनी पूरी निष्ठा व्यक्त की। पूरा कलेक्ट्रेट परिसर मंगलवार दोपहर को सामाजिक एकता के नारों से काफी देर तक गूंजता रहा। आगरा की इस पावन नगरी में सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतने की नितांत आवश्यकता है।

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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