संत प्रेमानंद महाराज पूरी तरह स्वस्थ, आश्रम ने दी बड़ी राहत

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Religious Desk, tajnews.in | Wednesday, May 20, 2026, 06:15:00 AM IST

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ब्रजभूमि वृंदावन सहित पूरे देश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत ही सुखद, मंगलमय और राहत देने वाली खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर पिछले दो दिनों से चल रही तमाम तरह की भ्रामक चर्चाओं और चिंताओं को पूरी तरह खारिज करते हुए श्री राधा केलिकुंज आश्रम प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि परम पूज्य संत प्रेमानंद महाराज बिल्कुल स्वस्थ और सानंद हैं। आश्रम ने भक्तों से इंटरनेट मीडिया पर फैलाई जा रही किसी भी प्रकार की अवांछित अफवाहों पर ध्यान न देने की विशेष अपील की है। हाल ही में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और डॉक्टरों की सलाह के बाद महाराज की दैनिक भोर कालीन पदयात्रा, एकांतिक दर्शन और एकांतिक वार्तालाप को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था। इस स्थगन के बाद से ही भक्तों में उनके स्वास्थ्य को लेकर भारी बेचैनी देखी जा रही थी। आश्रम द्वारा जारी ताजा संदेश में कहा गया है कि महाराज के स्वास्थ्य में बहुत तेजी से सुधार हो रहा है और आगामी कुछ ही दिनों के भीतर उनकी अलौकिक पदयात्रा और दिव्य सत्संग संवाद दोबारा पूर्ण रूप से शुरू कर दिए जाएंगे।

आश्रम संदेश के मुख्य बिंदु
  • महाराज जी बिल्कुल स्वस्थ: श्री राधा केलिकुंज आश्रम ने आधिकारिक बयान जारी कर महाराज के स्वास्थ्य को पूरी तरह उत्तम और स्थिर बताया है।
  • अफवाहों से बचने की सख्त सलाह: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘भक्तिमार्ग’ पर पोस्ट अपलोड कर भ्रामक खबरों और अटकलों पर पूर्ण विराम लगाया गया।
  • जल्द शुरू होगी भोर पदयात्रा: डॉक्टरों के परामर्श पर अस्थायी रूप से रोकी गई भोर कालीन पदयात्रा और एकांतिक वार्तालाप जल्द दोबारा प्रारंभ होगा।
  • करोड़ों भक्तों ने ली राहत की सांस: दर्शन स्थगित होने से मायूस होकर लौट रहे देश-विदेश के श्रद्धालुओं में इस सुखद समाचार से भारी हर्ष की लहर है।

सोशल मीडिया पर उड़ती चर्चाओं के बीच केलीकुंज आश्रम का बड़ा आधिकारिक संदेश

वृंदावन के सुप्रसिद्ध और देश-विदेश में विख्यात संत प्रेमानंद महाराज की आध्यात्मिक आभा से आज पूरा विश्व सराबोर है। उनके मुखारविंद से निकलने वाली दिव्य वाणी और राधा नाम संकीर्तन को सुनने के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मथुरा और वृंदावन की पावन धरती पर पहुंचते हैं। सोमवार को जब आश्रम के परिकरों (शिष्यों) द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से यह घोषणा की गई कि महाराज का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उनकी प्रतिदिन की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा और एकांतिक दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जा रहा है, तो पूरे ब्रज क्षेत्र में अचानक चिंता का माहौल बन गया था।

इस अचानक की गई घोषणा के बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराज के स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की भ्रामक अटकलें और मनगढ़ंत खबरें बहुत तेजी से वायरल होने लगी थीं। देश भर में फैले उनके करोड़ों अनुयायी और भक्त उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए मंदिरों में विशेष प्रार्थना और पूजा-अर्चना करने लगे थे। इसी भारी बेचैनी और अफवाहों के बाजार को पूरी तरह शांत करने के लिए मंगलवार को श्री राधा केलीकुंज आश्रम के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘भक्तिमार्ग’ पर एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सुखद संदेश अपलोड किया गया। इस संदेश ने भक्तों की सभी चिंताओं को पूरी तरह से दूर कर दिया है।

21 वर्षों से किडनी की बीमारी से लड़ रहे संत, डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह

आश्रम प्रबंधन और महाराज के नजदीकी परिकरों के अनुसार, यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि पूज्य संत प्रेमानंद महाराज पिछले लगभग 21 वर्षों से किडनी की एक बेहद गंभीर और असाध्य बीमारी से लगातार जूझ रहे हैं। उनकी दोनों किडनियां पूरी तरह से काम करना बंद कर चुकी हैं और वे नियमित रूप से डायलिसिस की प्रक्रिया से गुजरते हैं। इस गंभीर शारीरिक कष्ट और अत्यधिक पीड़ा के बावजूद महाराज के आत्मबल और भक्ति मार्ग में कभी कोई कमी बिल्कुल नहीं देखी गई। वे हर दिन बिना किसी नागा के अपने भक्तों के कल्याण के लिए सत्संग और पदयात्रा करते आए हैं।

ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, पिछले दिनों भीषण गर्मी और अत्यधिक वर्कलोड के कारण उनके शरीर में कुछ सामान्य कमजोरी और अस्वस्थता देखी गई थी। दिल्ली और मथुरा के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए पूर्ण विश्राम (बेड रेस्ट) करने की कड़े शब्दों में सलाह दी थी। डॉक्टरों का मानना था कि अत्यधिक चलने और लगातार संवाद करने से उनके शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। इसी चिकित्सकीय परामर्श का सम्मान करते हुए आश्रम ने बहुत ही एहतियात के तौर पर उनकी सौभरि वन की पदयात्रा और एकांतिक वार्तालाप को कुछ समय के लिए रोका था। आश्रम ने साफ किया है कि यह केवल एक अस्थायी व्यवस्था है और महाराज की सेहत को लेकर किसी भी तरह की कोई गंभीर या चिंताजनक बात कतई नहीं है।

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सौभरि वन में भोर की वह अलौकिक पदयात्रा, मायूस होकर लौट रहे थे श्रद्धालु

संत प्रेमानंद महाराज की दैनिक चर्या अद्भुत और कठोर साधना का एक प्रत्यक्ष उदाहरण है। वे रोज भोर में अत्यंत तड़के (रात्रि करीब तीन बजे) श्रीराधे हित केली कुंज आश्रम से बाहर निकलते हैं। आश्रम से कार द्वारा जाने के बाद वे प्रसिद्ध सौभरि वन में करीब डेढ़ किलोमीटर की लंबी पदयात्रा करते हैं। इस भोर कालीन पदयात्रा के दौरान सड़क के दोनों किनारों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उनके एक दर्शन पाने और उनके चरणों की धूल मस्तक पर लगाने के लिए घंटों पहले से कड़ा इंतजार करते हैं। सामान्य दिनों में भी यह संख्या बीस हजार से अधिक होती है, जो वीकेंड पर लाखों में पहुंच जाती है।

जब सोमवार और मंगलवार को महाराज इस पदयात्रा पर नहीं निकले और आश्रम के परिकरों ने उनके न आने का दुखद समाचार लाउडस्पीकर से दिया, तो दूर-दूर से आए श्रद्धालु पूरी तरह मायूस हो गए थे। कई महिला और बुजुर्ग भक्त तो भावुक होकर रोने भी लगे थे। भक्त बिना दर्शन किए ही भारी मन से अपने गंतव्यों की ओर लौट रहे थे। लेकिन अब आश्रम द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए गए इस कड़क और प्रामाणिक स्पष्टीकरण के बाद वृंदावन में मौजूद सभी श्रद्धालुओं ने बहुत बड़ी राहत की सांस ली है। कलेक्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी आश्रम के इस कदम की सराहना की है क्योंकि इससे अफवाहों के कारण उत्पन्न होने वाली कानून व्यवस्था की स्थिति पर स्वतः ही नियंत्रण लग गया है।

आध्यात्मिक शांति और सत्संग का केंद्र बना केलिकुंज, जल्द गूंजेगी दिव्य वाणी

वृंदावन पहुंचने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं का साफ कहना है कि महाराज जी की पदयात्रा, उनके दिव्य सत्संग और एकांतिक वार्तालाप से उन्हें जो असीम आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है, वह संसार के किसी अन्य वैभव में बिल्कुल नहीं मिल सकती। क्रिकेटर विराट कोहली, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसी महान विभूतियां भी हाल ही में महाराज के केलीकुंज आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद और अमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त कर चुकी हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर पूरा देश बेहद संवेदनशील रहता है।

आश्रम प्रबंधन ने अंत में सभी भक्तों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि पूज्य महाराज जी की इस अनवरत साधना और सेवा यात्रा को सुचारू बनाए रखने के लिए केवल और केवल प्रामाणिक सोशल मीडिया पेजों पर आने वाली सूचनाओं को ही सच मानें। वाट्सऐप या अन्य अनधिकृत ग्रुपों में तैरने वाले संदेशों पर कतई भरोसा न करें। महाराज जी इस समय पूरी तरह आनंद में हैं और श्री राधा रानी के नाम जप में लीन हैं। बहुत जल्द ही वे अपनी उसी चिर-परिचित मुस्कान और अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सौभरि वन की कुंज गलियों में पदयात्रा करते हुए भक्तों के बीच दोबारा नजर आएंगे। तब तक के लिए भक्तों से संयम बनाए रखने और अपने-अपने स्थानों पर रहकर नाम जप करने का विशेष अनुरोध किया गया है।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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