National Desk, tajnews.in | Wednesday, May 20, 2026, 05:32:00 AM IST

देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को लेकर इस समय की एक बहुत ही बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, अभेद्य और मजबूत बनाने के प्रयासों के तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के सांगठनिक ढांचे में एक बहुत बड़ा और अभूतपूर्व प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस बड़े ओवरहॉल के तहत चार वरिष्ठ और अनुभवी सरकारी अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर तत्काल प्रभाव से एनटीए के कोर कमांड ढांचे में शामिल किया गया है। नए सांगठनिक फेरबदल में दो बेहद तेजतर्रार संयुक्त सचिव (Joint Secretary) स्तर के आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के रूप में पूरी कमान सौंपी गई है। इसके साथ ही एजेंसी के भीतर तकनीकी शुचिता और वित्तीय पारदर्शिता को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) और चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) जैसे शीर्ष पदों के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी कर आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं।
परीक्षाओं की साख बचाने के लिए केंद्र सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नीट (NEET), नेट (NET) और कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट में पिछले कुछ समय से तकनीकी खामियों और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे। इन विवादों के कारण देश के करोड़ों होनहार छात्रों और अभिभावकों के मन में परीक्षा प्रणालियों के प्रति भारी चिंता देखी जा रही थी। छात्रों के इसी खोए हुए भरोसे को दोबारा पूरी तरह से बहाल करने और परीक्षा प्रणाली को फूलप्रूफ बनाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और कार्मिक विभाग ने बहुत ही कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाया है। बुधवार तड़के सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के भीतर अब तक का सबसे बड़ा ढांचागत परिवर्तन लागू कर दिया है।
इस बड़े फैसले के तहत एनटीए की पूरी प्रशासनिक और निर्णय लेने वाली व्यवस्था को नौकरशाही के सबसे अनुभवी और कड़क अधिकारियों के हाथों में सौंपने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार का मानना है कि केवल बाहरी सुरक्षा बढ़ाने से व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी। इसके लिए एजेंसी के अंदरूनी मैनेजमेंट और लीडरशिप टीम को अत्यधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसी उद्देश्य से देश के प्रशासनिक सेवा के चार सबसे बेहतरीन अधिकारियों को चुनकर एनटीए के थिंक टैंक का हिस्सा बनाया गया है। ये अधिकारी सीधे केंद्रीय कैबिनेट सचिवालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
दो संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी बने अतिरिक्त महानिदेशक, संभालेंगे कमान
नए सांगठनिक बदलाव के तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक (DG) की सहायता और विभिन्न परीक्षाओं के स्वतंत्र संचालन के लिए दो नए विशेष प्रशासनिक विंग बनाए गए हैं। इन दोनों विंग्स की जिम्मेदारी केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) स्तर पर काम कर रहे दो वरिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को दी गई है। इन दोनों अधिकारियों को एनटीए में अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के रूप में पदस्थापित किया गया है। यह पहली बार है जब एनटीए के शीर्ष प्रबंधन में एक साथ दो संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों की सीधी कमान लगाई गई है।
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, ये दोनों अतिरिक्त महानिदेशक परीक्षाओं के नीति निर्धारण, गोपनीय प्रश्नपत्रों के निर्माण, परीक्षा केंद्रों के चयन और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से मॉनिटर करेंगे। इनके साथ ही दो अन्य वरिष्ठ श्रेणी के अधिकारियों को प्रशासनिक निदेशक और परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) के पद पर तैनात किया गया है। अधिकारियों का यह नया कोर ग्रुप किसी भी परीक्षा के आयोजन के दौरान होने वाली हर छोटी-से-छोटी गड़बड़ी, पेपर लीक की कोशिशों और असामाजिक तत्वों के सिंडिकेट को रोकने के लिए अपनी नई कड़क नीतियां लागू करेगा।
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कंप्यूटर हैकिंग और डेटा सुरक्षा रोकने को पहली बार नियुक्त होंगे CTO और CFO
प्रशासनिक बदलावों के साथ-साथ एनटीए के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की भी एक बहुत बड़ी और वैज्ञानिक मुहिम शुरू कर दी गई है। चूंकि आजकल अधिकांश राष्ट्रीय परीक्षाएं कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) फॉर्मेट में ऑनलाइन मोड पर आयोजित होती हैं, इसलिए हैकर्स और साइबर अपराधियों द्वारा परीक्षा प्रणालियों में सेंध लगाने का खतरा लगातार बना रहता था। इसी बड़े खतरे का परमानेंट डिजिटल इलाज ढूंढने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में पहली बार पूर्णकालिक चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) की नियुक्ति करने का फैसला लिया है।
अमेरिकी और यूरोपीय देशों के परीक्षा बोर्डों की तर्ज पर नियुक्त होने वाले इस सीटीओ का मुख्य काम एनटीए के सॉफ्टवेयर को पूरी तरह सुरक्षित बनाना, अत्याधुनिक फायरवॉल का निर्माण करना और कंप्यूटर सेंटरों की रिमोट हैकिंग को 100 प्रतिशत असंभव बनाना होगा। इसके लिए देश के अग्रणी आईटी और टेक विशेषज्ञों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके साथ ही, करोड़ों रुपये के परीक्षा शुल्कों के पारदर्शी प्रबंधन और ऑडिटिंग के लिए एक नए चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) का पद भी सृजित किया गया है। सीएफओ यह सुनिश्चित करेगा कि परीक्षा केंद्रों और वेंडरों को होने वाले भुगतानों में किसी भी तरह का कोई वित्तीय भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता बिल्कुल न हो सके।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर
प्रतिष्ठित अंग्रेजी दैनिक अखबार ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित इस विशेष प्रशासनिक रिपोर्ट के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश गया है। शिक्षाविदों और कोचिंग संस्थानों का मानना है कि इन बदलावों से आने वाले समय में होने वाली सभी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम पूरी तरह विवाद रहित होंगे। सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि वे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
एनटीए की इस नई और कड़क प्रशासनिक टीम के गठन के बाद अब आगामी महीनों में होने वाली सभी परीक्षाओं के लिए नए और कड़े सुरक्षा दिशानिर्देश (SOP) तैयार किए जा रहे हैं। इसमें परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए छात्रों की बायोमेट्रिक पहचान करने और प्रश्नपत्रों को डिजिटल रूप से एन्क्रिप्टेड लॉकर में रखने जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का यह साहसिक कदम निश्चित रूप से भारत की राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली को विश्व स्तरीय और पूरी तरह विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। ताज न्यूज़ इस बड़े प्रशासनिक बदलाव, नए सीटीओ की भर्ती और आगामी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था की हर एक बड़ी अपडेट पर अपनी पैनी और बारीक नजर लगातार बनाए हुए है।

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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