Political Desk, tajnews.in | Wednesday, May 20, 2026, 08:35:00 AM IST

देश की सियासत और राष्ट्रीय राजनीति के गलियारों से इस समय की एक बहुत ही बड़ी और बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सर्वोच्च प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र की सत्ता को लेकर एक बहुत ही बड़ा और चौंकाने वाला राजनीतिक दावा कर दिया है। कोलकाता में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने हुंकार भरी है कि आने वाले दिनों में देश की जनता केंद्र की सत्ता से भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत एनडीए सरकार को पूरी तरह से उखाड़ फेंकेगी। हालिया विधानसभा चुनाव में सत्ता से हटने के बाद विपक्ष को राष्ट्रीय स्तर पर लामबंद करने में जुटीं टीएमसी प्रमुख ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, आर्थिक नीतियों और केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि देश के भीतर अंदरूनी तौर पर बदलाव की एक बहुत बड़ी लहर चल रही है। ममता बनर्जी ने देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की उल्टी गिनती पूरी तरह शुरू हो चुकी है। इस कड़े और तीखे राजनीतिक बयान के बाद देश के राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोप का दौर बहुत तेजी से तेज हो गया है।
कोलकाता की महारैली में गरजीं टीएमसी प्रमुख, दिल्ली की सत्ता को दी सीधी चुनौती
राष्ट्रीय राजनीति में अपनी कड़क और आक्रामक शैली के लिए जानी जाने वाली पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा पूरी मजबूती से खोल दिया है। कोलकाता के ऐतिहासिक मैदान पर आयोजित अपनी पार्टी की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक और महारैली को संबोधित करते हुए उन्होंने सीधे दिल्ली के राजनीतिक समीकरणों पर प्रहार किया। उन्होंने अपने संबोधन में देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और महंगाई जैसे संवेदनशील मुद्दों को जनता के सामने प्रमुखता से रखा।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि देश की आम जनता अब सत्ता में बैठे लोगों की नीतियों से पूरी तरह ऊब चुकी है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में हुए हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और स्थानीय चुनावों के परिणाम यह साफ संकेत दे रहे हैं कि बीजेपी की लोकप्रियता का ग्राफ बहुत तेजी से नीचे गिर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि आने वाले दिनों में देश के भीतर एक बहुत बड़ा राजनीतिक गठबंधन आकार लेगा, जो केंद्र की वर्तमान सरकार को उखाड़ फेंकने में पूरी तरह सक्षम साबित होगा। उनके इस बयान के बाद दिल्ली से लेकर कोलकाता तक की राजनीतिक हलचलें रातों-रात बहुत ज्यादा तेज हो गई हैं।
केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को बनाया सबसे बड़ा मुद्दा
अपने लगभग एक घंटे लंबे तीखे भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को डराने और उनकी लोकतांत्रिक आवाज को पूरी तरह कुचलने के लिए इन सरकारी एजेंसियों को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को जानबूझकर झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की साजिश रची जा रही है।
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, ममता बनर्जी ने जनसभा में मौजूद भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि वे जेल जाने या किसी भी जांच से डरने वाली बिल्कुल नहीं हैं। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब-जब देश में तानाशाही प्रवृत्तियों ने सिर उठाने का प्रयास किया है, तब-तब भारत की जागरूक जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से उसका कड़ा और मुकम्मल जवाब दिया है। टीएमसी प्रमुख ने साफ किया कि बंगाल की धरती ने हमेशा देश को नई दिशा दिखाने का काम किया है और इस बार भी वे देश से इस दमनकारी राजनीतिक व्यवस्था को हटाने के लिए किसी भी हद तक जाकर संघर्ष करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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इंडिया टुडे की विशेष रिपोर्ट: राष्ट्रीय स्तर पर नए समीकरणों की बुनावट शुरू
प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार संस्थान ‘इंडिया टुडे’ की विशेष राजनीतिक विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार सुबह आया ममता बनर्जी का यह बयान महज एक तिकड़मी टिप्पणी बिल्कुल नहीं है। इसके पीछे विपक्षी खेमे (INDIA Alliance) की एक बहुत ही सोची-समझी और बारीक रणनीतिक बुनावट काम कर रही है। बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अब पूरी तरह से स्वतंत्र होकर राष्ट्रीय मोर्चे पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। देश के कई क्षेत्रीय क्षत्रप और गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री पिछले कुछ दिनों से परदे के पीछे लगातार एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए हैं। वामपंथी दलों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी टीएमसी के शीर्ष रणनीतिकारों की गोपनीय बैठकें संपन्न हुई हैं।
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद देश के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के एक बहुत बड़े और सर्वस्वीकार्य चेहरे के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं। उनके इस कड़े दावे ने उन कयासों को भी हवा दे दी है कि आगामी महीनों में संसद के भीतर और बाहर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष एक बेहद आक्रामक और साझा रणनीति के तहत काम करेगा। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय दलों की मजबूत स्थिति ही केंद्र की एनडीए सरकार के लिए सबसे बड़ी कूटनीतिक और राजनीतिक चुनौती बनने जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी का तीखा पलटवार, दावे को बताया हताशा की पराकाष्ठा
ममता बनर्जी के इस सनसनीखेज दावे पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी बिना कोई वक्त गंवाए बहुत ही तीखा और कड़ा पलटवार किया है। बीजेपी के केंद्रीय प्रवक्ताओं ने नई दिल्ली में एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूर्व मुख्यमंत्री के दावों को पूरी तरह से हवा में उड़ा दिया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि टीएमसी प्रमुख का यह बयान देश की जनता के जनादेश का खुला अपमान है। केंद्र की सरकार देश के करोड़ों नागरिकों के पूर्ण बहुमत और अटूट भरोसे के दम पर सुशासन और विकास के कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रही है।
सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में जनता ने भाजपा की विकास नीतियों के पक्ष में ऐतिहासिक जनादेश दिया है और वहां की पूर्व मुख्यमंत्री अपनी बड़ी राजनीतिक हार और हताशा से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मनगढ़ंत और झूठे दावे कर रही हैं। बीजेपी ने साफ किया कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र प्रथम के विजन और कल्याणकारी नीतियों के साथ चट्टान की तरह मजबूत खड़ी है। विपक्ष चाहे जितने भी अपवित्र और जाली गठबंधन बना ले, वे देश के विकास की इस रफ्तार को कतई नहीं रोक पाएंगे। आगरा सहित पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी इस बड़े बयान को लेकर चर्चाओं का बाजार पूरी तरह से गर्म हो गया है। ताज न्यूज़ इस पूरी बड़ी राष्ट्रीय राजनीतिक जंग और बयानों की हर एक हलचल पर अपनी पैनी नजर लगातार बनाए हुए है।

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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