National Desk, tajnews.in | Thursday, April 30, 2026, 11:55:10 PM IST

अलवर: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर देर रात एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। माता वैष्णो देवी के दर्शन कर अपने घर लौट रहे मध्य प्रदेश के एक ही परिवार के पांच सदस्यों की चलती कार में आग लगने से जिंदा जलकर मौत हो गई। आग इतनी भयंकर और तीव्र थी कि कार के अंदर बैठे मुसाफिरों को संभलने या बाहर निकलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिल सका। चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, कार में सीएनजी (CNG) लीक होने के कारण अचानक आग की लपटें उठीं और देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग का गोला बन गई। इस दर्दनाक हादसे का मंजर इतना वीभत्स था कि आग बुझने के बाद रेस्क्यू टीम को कार के अंदर शवों के बजाय केवल इंसानी हड्डियों के अवशेष ही मिले। आग ने पांच जिंदगियों को इस कदर राख में बदल दिया कि उनके कंकाल तक पहचानना मुश्किल हो गया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक की लहर पैदा कर दी है।
वैष्णो देवी से लौट रहा था परिवार, नींद में ही आई मौत
हादसे का शिकार हुआ यह बदकिस्मत परिवार मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव का रहने वाला था। परिवार के सदस्य माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जम्मू गए हुए थे और वहां से अपनी मन्नतें पूरी कर एक किराए की टैक्सी कार से वापस अपने गांव लौट रहे थे। बुधवार की रात करीब 11:30 बजे जब उनकी कार राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में मौजपुर के समीप पहुंची, तभी अचानक मौत ने उन्हें अपने आगोश में ले लिया। जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे की स्मूथ सड़क पर सफर के दौरान परिवार के अधिकांश सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे।
कार में अचानक सीएनजी लीक होने से धमाका हुआ और चंद सेकंड में पूरी कार आग की लपटों में घिर गई। रात का समय और तेज रफ्तार होने के कारण किसी को कुछ भी समझने का मौका नहीं मिला। नींद में सो रहे मुसाफिरों के लिए कार का दरवाजा खोल पाना भी नामुमकिन हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कार एक धधकती हुई भट्टी में तब्दील हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक मासूम बच्ची शामिल हैं। जो परिवार कुछ ही घंटों में अपने घर पहुंचने वाला था, वह एक्सप्रेसवे की काली सड़क पर हमेशा के लिए खामोश हो गया।
हड्डियां बनीं राख, पहचान के लिए होगा DNA टेस्ट
इस हादसे की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग बुझाने के बाद जब रेस्क्यू टीम कार के पास पहुंची, तो अंदर का दृश्य देख कर पत्थर दिल इंसान की भी आंखें नम हो गईं। आग ने इंसानी जिस्म को इस कदर जलाया कि कंकाल तक पूरी तरह से स्वाहा होकर राख बन गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार के अंदर से मृतकों के अवशेष तक जुटा पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। मौके पर मौजूद पुलिस को केवल कुछ जली हुई हड्डियां ही मिल पाई हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अलवर के पुलिस अधीक्षक (SP) सुधीर चौधरी और डीएसपी कैलाश जिंदल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने मेडिकल टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर बुलाया है। चूंकि शवों की पहचान कर पाना भौतिक रूप से असंभव है, इसलिए अब डीएनए (DNA) टेस्ट के माध्यम से ही मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने श्योपुर स्थित परिजनों को सूचना दे दी है, जिसके बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
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ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, जयपुर में इलाज जारी
इस प्रलयकारी आग के बीच केवल एक ही व्यक्ति मौत के मुंह से बाहर निकल पाया। कार ड्राइवर ने जैसे ही गाड़ी में आग लगते और सीएनजी लीक होने का अहसास किया, उसने चलती गाड़ी से ही बाहर छलांग लगा दी। हालांकि, बाहर कूदने से पहले ही वह आग की चपेट में आ चुका था और काफी हद तक झुलस गया था। ड्राइवर को तत्काल स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम की मदद से जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और वहां के विशेषज्ञ डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस और दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहे अन्य वाहन चालक भी इस मंजर को देखकर सहम गए। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कार में सीएनजी किट ऑथराइज्ड थी या नहीं और सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई। यह हादसा एक बार फिर वाहनों में सीएनजी सुरक्षा और लंबी यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर बड़े सवाल खड़े कर गया है। मृतकों के परिवार के लिए यह एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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