National Desk, tajnews.in | Friday, April 24, 2026, 06:55:37 PM IST

नई दिल्ली/अलवर: राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके अमर कॉलोनी (कैलाश हिल्स) में एक वरिष्ठ आईआरएस (IRS) अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या और रेप मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, इस वीभत्स हत्याकांड के मुख्य आरोपी और पूर्व नौकर राहुल मीणा को पुलिस ने एक बेहद नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सघन जांच में राहुल मीणा के जुर्म की जो खौफनाक टाइमलाइन (क्रोनोलॉजी) सामने आई है, वह किसी भी इंसान की रूह कंपा देने के लिए काफी है। ऑनलाइन गेमिंग की गंदी लत और कर्ज में डूबे इस दरिंदे ने महज 9 घंटे के भीतर दो राज्यों में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। मंगलवार रात राजस्थान के अलवर में अपने ही दोस्त की पत्नी के साथ दुष्कर्म करने के बाद, यह साइकोपैथ हत्यारा रातों-रात 200 किलोमीटर का सफर तय करके दिल्ली पहुंचा। यहां उसने आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ खौफनाक दरिंदगी की, उसे मौत के घाट उतारा और बायोमेट्रिक लॉकर तोड़ने की कोशिश की। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन फेंक दिया था, लेकिन द्वारका के एक होटल के वाई-फाई (Wi-Fi) नेटवर्क से जुड़ते ही उसकी डिजिटल लोकेशन पुलिस के राडार पर आ गई और उसका सारा खेल बिगड़ गया। आइए, अलवर से लेकर दिल्ली तक राहुल मीणा के 9 घंटे के इस खूनी सफर का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
ऑनलाइन गेमिंग की लत और कर्ज ने बनाया हैवान
किसी भी सामान्य और पढ़े-लिखे युवा के खूंखार अपराधी बनने की कहानी अक्सर किसी गहरी लत या मजबूरी से शुरू होती है। राहुल मीणा के मामले में भी यही हुआ। पुलिस और परिजनों की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि राहुल पढ़ाई में काफी होनहार था। उसने 12वीं कक्षा विज्ञान विषय से 90 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। लेकिन स्कूल के बाद उसे ‘तीन पत्ती’ (Teen Patti) और ‘लूडो’ (Ludo) जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी वाले गेम्स की एक ऐसी जानलेवा लत लग गई जिसने उसकी जिंदगी तबाह कर दी। जुए में अपनी हार की भरपाई करने के लिए उसने अपना मोबाइल, बाइक और यहां तक कि अपनी 10वीं और 12वीं की ओरिजिनल मार्कशीट (Marksheet) तक गिरवी रख दी थी।
कुछ समय पहले उसने इस ऑनलाइन सट्टेबाजी में 5 लाख रुपये जीते थे। इस बड़ी जीत ने उसके लालच को और बढ़ा दिया। उसने अपने दोस्तों की आईडी और फोन का इस्तेमाल करके और बड़े दांव लगाए, लेकिन इस बार वह पूरी रकम हार गया। हारने के बाद उसके दोस्त उस पर भारी कर्ज चुकाने का दबाव बनाने लगे। इसी दबाव और कर्ज से छुटकारा पाने के लिए राहुल मीणा ने एक ऐसी खौफनाक और शैतानी साजिश रची, जिसने दो मासूम महिलाओं की जिंदगी हमेशा के लिए तबाह कर दी।
अलवर में रात 10:30 बजे: खौफनाक दरिंदगी की शुरुआत
इस खूनी क्रोनोलॉजी की शुरुआत राजस्थान के अलवर जिले स्थित राजगढ़ क्षेत्र से हुई। मंगलवार (21 अप्रैल) की रात करीब 10:30 बजे, कर्ज के दबाव में पूरी तरह से साइकोपैथ (Psychopath) बन चुका राहुल मीणा अपने पड़ोस में रहने वाले एक दोस्त के घर में जबरन घुस गया। यह वही दोस्त था जो उस पर गेम हारने के बाद पैसे लौटाने का लगातार दबाव बना रहा था। राहुल ने घर में अकेली मौजूद उस 23 वर्षीय शादीशुदा महिला को धक्का दिया, उसके साथ मारपीट की और बेरहमी से उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने दरिंदगी के दौरान महिला को कई जगह दांतों से काटा और उसका मुंह दबाकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की। रात करीब 11:00 बजे जब वह वहां से निकला, तो उसने पीड़िता को यह खौफनाक धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में पुलिस या किसी और को बताया, तो वह उसके पति और बच्चों को जान से मार डालेगा। इस खौफनाक कृत्य को अंजाम देने के बाद, राहुल अलवर से रातों-रात निकल भागा और उसने सीधे देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया। वह दिल्ली से पैसे लूटकर अपने कर्ज चुकाने की योजना लेकर चला था।
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दिल्ली में सुबह 6:30 बजे: IRS अधिकारी के घर में खूनी खेल
अलवर से लगभग 200 किलोमीटर का सफर तय करके बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे राहुल मीणा दिल्ली के अति सुरक्षित और पॉश इलाके अमर कॉलोनी (कैलाश हिल्स) पहुंचा। यह वही आवासीय सोसाइटी थी, जहां वह पिछले आठ महीने से एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी के घर में नौकर का काम कर चुका था। करीब एक महीने पहले ही उसे दवाई के पैसों में हेराफेरी करने और सट्टेबाजी की आदतों के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था। राहुल को इस घर के चप्पे-चप्पे, सिक्योरिटी कोड्स और परिवार की पूरी दिनचर्या की सटीक जानकारी थी। वह जानता था कि सुबह के समय अधिकारी दंपति जिम (Gym) जाते हैं और उनकी 22 वर्षीय बेटी घर के छत पर बने स्टडी रूम में यूपीएससी (UPSC) की पढ़ाई करती है।
सीसीटीवी फुटेज में उसे सुबह 6:28 बजे सोसाइटी में दाखिल होते देखा गया। उसने मुख्य दरवाजे के बाहर शू-रैक (Shoe Rack) में रखी चाबी (Key Card) निकाली और चुपचाप घर के अंदर दाखिल हो गया। घर में घुसने के बाद वह सीधा छत पर बने स्टडी रूम में गया, जहां युवती पढ़ाई कर रही थी। उसे देखते ही युवती ने शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन इस साइकोपैथ हत्यारे ने उसके सिर पर एक भारी टेबल लैंप और पानी की बोतल से जोरदार वार कर दिया। युवती खून से लथपथ होकर फर्श पर गिर पड़ी और बेसुध हो गई। इसके बाद इस हैवान ने उस बेहोश युवती के साथ रेप किया और फिर मोबाइल की चार्जिंग केबल (Charging Cable) से उसका गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
बायोमेट्रिक लॉकर और खून से सने अंगूठे का इस्तेमाल
हत्या के बाद राहुल मीणा की क्रूरता का जो अगला स्तर सामने आया, उसने जांच अधिकारियों को भी सन्न कर दिया। राहुल का मुख्य मकसद घर में रखे पैसे लूटना था ताकि वह अपने जुए के कर्ज चुका सके। वह जानता था कि घर के नीचे वाले कमरे में एक इलेक्ट्रॉनिक बायोमेट्रिक लॉकर (Biometric Locker) रखा हुआ है जो केवल फिंगरप्रिंट (Fingerprint) से ही खुल सकता है। उसने छत के कमरे से उस बेजान और मृतप्राय युवती के शरीर को घसीटते हुए सीढ़ियों से नीचे उतारा।
उसने उस खून से लथपथ युवती के अंगूठे को बायोमेट्रिक स्कैनर पर लगाकर लॉकर खोलने की कई बार खौफनाक कोशिश की। लेकिन, शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) रुक जाने और उंगलियों पर अत्यधिक खून लगा होने के कारण स्कैनर ने फिंगरप्रिंट को रीड (Read) नहीं किया। जब यह खौफनाक तरकीब नाकाम हो गई, तो उसने घर से ही एक पेंचकस (Screwdriver) निकाला और बलपूर्वक उस लॉकर को तोड़ दिया। लॉकर से उसने लाखों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में कीमती जेवरात एक बैग में भर लिए। वारदात के बाद उसने अपने खून से सने कपड़े उतारे, युवती के भाई की पैंट और टी-शर्ट पहनी और सुबह 7:30 बजे बड़ी चालाकी से घर से बाहर निकल गया।
वाई-फाई और सीसीटीवी ने बिगाड़ा खेल, द्वारका से धरपकड़
सुबह करीब 8:00 बजे जब युवती के माता-पिता जिम से लौटकर घर आए, तो उन्होंने अपनी लाडली बेटी को खून से लथपथ हालत में पाया और घर का सारा सामान बिखरा हुआ देखा। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत 15 विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने सबसे पहले बिल्डिंग और गेट के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला। फुटेज में राहुल मीणा पीले रंग की टी-शर्ट और एक भारी बैकपैक के साथ भागता हुआ नजर आया। पुलिस को अपनी जांच में पता चला कि आरोपी ने चकमा देने के लिए सबसे पहले आस्था कुंज पार्क जाकर अपना आईफोन (iPhone) फेंक दिया था, ताकि पुलिस उसे जीपीएस (GPS) या टावर लोकेशन से ट्रेस न कर सके।
इसके बाद वह पालम रेलवे स्टेशन की ओर गया, लेकिन ट्रेन छूट जाने के कारण उसने एक ऑटो-रिक्शा किया और द्वारका के एक होटल में पहुंच गया। पुलिस की टीमों ने उस ऑटो वाले को खोज निकाला और उसी के सुराग के आधार पर द्वारका के उस होटल तक पहुंच गई। होटल में राहुल मीणा ने 2500 रुपये देकर एक कमरा लिया था। यहां उसने पुलिस से बचने के लिए अपनी सबसे बड़ी और आखिरी गलती कर दी। उसने फोन फेंकने के बाद एक नया उपकरण लिया था और जैसे ही उसने होटल के ‘फ्री वाई-फाई’ (Wi-Fi) नेटवर्क से अपना इंटरनेट कनेक्ट किया, उसकी सटीक डिजिटल आईपी (IP) लोकेशन दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के राडार पर आ गई। पुलिस ने तुरंत होटल की घेराबंदी कर ली और इस साइकोपैथ हत्यारे को चोरी किए गए एक लाख रुपये और सभी जेवरातों के साथ धर दबोचा। फिलहाल, पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर 4 दिन की रिमांड पर ले लिया है और अब उसे सीन रिक्रिएशन (Crime Scene Reconstruction) के लिए अलवर और अमर कॉलोनी ले जाया जाएगा।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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