Agra News Desk, Taj News | Monday, April 6, 2026, 05:13:32 AM IST

आगरा: ताजनगरी आगरा के औद्योगिक क्षेत्र में रविवार को एक बहुत ही खौफनाक और दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, सिकंदरा स्थित श्रीजी पुरम इलाके की एक रबर सोल फैक्टरी में अचानक भयंकर आग लग गई। दरअसल, आग इतनी ज्यादा विकराल थी कि उसकी ऊंची लपटें और काला धुआं कई किलोमीटर दूर से ही साफ नजर आ रहा था। गौरतलब है कि, इस भयानक अग्निकांड ने आसपास की कॉलोनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोगों के बीच भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। इसलिए, सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। चूंकि फैक्टरी के अंदर ज्वलनशील रबर और केमिकल भारी मात्रा में मौजूद था, जिससे आग बुझाने में दमकलकर्मियों को बहुत भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नतीजतन, पूरे 6 घंटे की कड़ी और अथक मशक्कत के बाद इस खौफनाक आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। इसके अलावा, इस हादसे में फैक्टरी का लाखों रुपये का माल और महंगी मशीनरी जलकर राख हो गई है।
- सिकंदरा में भयंकर आग: आगरा के श्रीजी पुरम औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ‘बाजवा रबर इंडस्ट्रीज’ में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई।
- 6 घंटे चला महा-रेस्क्यू: मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में 6 दमकल गाड़ियों ने लगातार 6 घंटे तक पानी और फोम डालकर आग पर काबू पाया।
- लाखों का माल हुआ राख: रबर और केमिकल से भड़की इस आग ने फैक्टरी की करोड़ों की मशीनरी और लाखों के माल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
- अवकाश ने बचाई कई जानें: रविवार की छुट्टी होने के कारण फैक्टरी में 60 कर्मचारी मौजूद नहीं थे, जिससे एक बहुत बड़ा जानलेवा हादसा टल गया।
सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र में भयानक आग का तांडव
मुख्य रूप से, यह भीषण हादसा रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन (3:30) बजे के आसपास घटित हुआ। दरअसल, सिकंदरा के श्रीजी पुरम में सनी बाजवा की ‘बाजवा रबर इंडस्ट्रीज’ नाम से एक बड़ी फैक्टरी मौजूद है। गौरतलब है कि, रविवार होने के कारण फैक्टरी में साप्ताहिक अवकाश था और वहां सिर्फ एक सुरक्षा गार्ड ही ड्यूटी पर मौजूद था। इसलिए, इस भयानक हादसे में किसी भी कर्मचारी की जान का कोई भी नुकसान बिल्कुल नहीं हुआ।
चूंकि आम दिनों में इस फैक्टरी के अंदर करीब 60 कर्मचारी एक साथ अपना दैनिक काम करते हैं। नतीजतन, अगर यह आग किसी आम कामकाजी दिन पर लगती, तो निश्चित ही एक बहुत बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता था। इसके अलावा, पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले फैक्टरी के भूतल पर स्थित स्टॉक रूम (Stock Room) से भड़कनी शुरू हुई थी।
रबर और केमिकल ने भड़काई आग, आसमान में उठा काला धुआं
फैक्टरी के अंदर रखे हुए भारी ज्वलनशील पदार्थों ने इस आग को एक बहुत ही खौफनाक और विकराल रूप दे दिया। दरअसल, फैक्टरी मालिक सनी बाजवा ने बताया कि उनकी फैक्टरी में मुख्य रूप से रबर सोल बनाने का काम बड़े पैमाने पर होता है। गौरतलब है कि, ये रबर सोल प्लास्टिक के दानों और उच्च पेट्रोलियम पदार्थों से विशेष रूप से बनाए जाते हैं। इसलिए, आग लगते ही इन रबर और केमिकल के ड्रमों ने बहुत ही भयानक तरीके से आग पकड़ ली।
चूंकि रबर जलने के कारण फैक्टरी से बहुत ही घना और जहरीला काला धुआं आसमान में लगातार ऊपर उठने लगा था। नतीजतन, आसपास की कॉलोनियों और अन्य फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोग इस काले धुएं को देखकर भारी दहशत में आ गए। इसके अलावा, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वे कुछ ही मिनटों में पहली मंजिल तक पूरी तरह पहुंच गईं।
दमकल विभाग का महा-रेस्क्यू ऑपरेशन और भारी मशक्कत
सुरक्षा गार्ड के जोर-जोर से शोर मचाने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड को तुरंत इस हादसे की बड़ी सूचना दी गई। दरअसल, सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह बिना कोई देरी किए छह बड़ी दमकल गाड़ियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। गौरतलब है कि, आग की भयानक लपटों को देखकर सबसे पहले पूरे औद्योगिक क्षेत्र की बिजली को तुरंत बंद करा दिया गया। इसलिए, दमकलकर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर चारों तरफ से पानी की भारी बौछार मारनी शुरू कर दी।
चूंकि फैक्टरी के अंदर केमिकल मौजूद था, जिससे आग बुझाने में बहुत ज्यादा तकनीकी परेशानी आ रही थी। नतीजतन, दमकल विभाग ने पानी के साथ-साथ फोम टेंडर (Foam Tender) का भी बहुत भारी और सटीक इस्तेमाल किया। इसके अलावा, आग को जल्द बुझाने के लिए दमकलकर्मियों ने पड़ोस की फैक्टरी की छतों का भी सीधा सहारा लिया।
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6 घंटे तक चली आग से जंग, लाखों की मशीनरी और माल राख
दमकल विभाग के जांबाज जवानों ने आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए अपनी पूरी ताकत इस रेस्क्यू में झोंक दी। दरअसल, फैक्टरी के अंदरुनी हिस्से तक पानी पहुंचाने के लिए जवानों को पीछे की एक बड़ी दीवार भी तोड़नी पड़ी। गौरतलब है कि, लगातार 6 घंटे की भारी और अथक मशक्कत के बाद रात करीब आठ बजे आग की ऊंची लपटों को थोड़ा कम किया जा सका।
इसलिए, पूरी तरह से आग बुझाने के लिए दो दमकल गाड़ियां रात साढ़े नौ (9:30) बजे तक लगातार पानी डालती रहीं। चूंकि इस भयानक आग ने फैक्टरी के अंदर रखी सारी महंगी मशीनरी और लाखों रुपये का तैयार माल पूरी तरह से राख कर दिया है। नतीजतन, मालिक सनी बाजवा को इस अग्निकांड में एक बहुत भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा, पहली मंजिल का प्लास्टर भी आग की भारी गर्मी से टूटकर नीचे गिर पड़ा।
पड़ोसी फैक्टरी पर मंडराया भारी खतरा, मालिक ने उठाया कदम
इस भयंकर आग ने आसपास की अन्य फैक्ट्रियों के लिए भी एक बहुत बड़ा और सीधा खतरा पैदा कर दिया था। दरअसल, सनी बाजवा की फैक्टरी के बिल्कुल बगल में ही अशोक शर्मा की एक बड़ी सोल फैक्टरी मौजूद है। गौरतलब है कि, बाजवा इंडस्ट्रीज की आग की खतरनाक लपटें अशोक शर्मा की फैक्टरी की दीवारों तक पूरी तरह पहुंच रही थीं। इसलिए, सूचना मिलते ही अशोक शर्मा तुरंत अपनी फैक्टरी पर पहुंच गए और उन्होंने मोर्चा संभाल लिया।
चूंकि उन्होंने बिना कोई देरी किए अपनी गैलरी में रखे हुए सारे ज्वलनशील सामान को तुरंत वहां से सुरक्षित हटवा दिया। नतीजतन, उन्होंने अपने कर्मचारियों को भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत वहां बुला लिया। इसके अलावा, कर्मचारियों ने पुलिस की मदद से अपनी छत से पानी डाला, जिससे उनकी फैक्टरी आग की चपेट में आने से पूरी तरह बच गई।
अपनी आंखों के सामने फैक्टरी जलती देख फूट-फूटकर रोया कर्मचारी
फैक्टरी में आग लगने की यह मनहूस खबर सुनकर वहां काम करने वाले कई कर्मचारी भी दौड़ते हुए मौके पर पहुंच गए। दरअसल, फैक्टरी के मेंटेनेंस ऑफिसर चंद्र किशोर जब वहां पहुंचे, तो वे आग का यह खौफनाक मंजर देखकर बहुत बुरी तरह घबरा गए। गौरतलब है कि, उन्होंने अपनी फैक्टरी को बचाने के लिए तुरंत फोन करके एक क्रेन वहां बुला ली। इसलिए, वे खुद ही क्रेन की मदद से पहली मंजिल पर जाकर आग बुझाने की भारी कोशिश करने लगे।
चूंकि यह कदम बहुत ज्यादा खतरनाक था, इसलिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत रोक लिया। नतीजतन, पुलिस ने उन्हें समझाया कि दमकल विभाग अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर रहा है और उन्हें अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। अंततः, अपनी आंखों के सामने फैक्टरी को जलता देख चंद्र किशोर फूट-फूटकर रोने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बामुश्किल संभाला।
शॉर्ट सर्किट से हादसे की भारी आशंका, पुलिस जांच में जुटी
इस पूरे खौफनाक अग्निकांड के बाद अब पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम हादसे के असली कारणों की बारीकी से जांच कर रही है। दरअसल, शुरुआती जांच के आधार पर आग लगने का मुख्य कारण किसी बिजली के उपकरण में हुआ शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) बताया जा रहा है। गौरतलब है कि, फैक्टरी मालिक का भी मानना है कि स्टॉक रूम में शॉर्ट सर्किट होने से ही यह भयंकर आग पूरी तरह भड़की होगी।
इसलिए, पुलिस ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। चूंकि औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो सुरक्षा मानकों पर एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। अंततः, प्रशासन को अब सभी फैक्ट्रियों के फायर सेफ्टी उपकरणों की एक बहुत ही सख्त और नियमित जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को पूरी तरह से रोका जा सके।
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Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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