Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Friday, 10 July, 2026, 03:30:15 PM IST.

tajnews.in | आगरा: वैवाहिक वेबसाइटों को अपनी ठगी का हथियार बनाकर देश के विभिन्न राज्यों की भोली-भाली युवतियों की भावनाओं और अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को दबोचने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। न्यू आगरा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दयालबाग क्षेत्र से एक उच्च शिक्षित सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के हत्थे चढ़ा यह शातिर मैट्रिमोनियल साइट्स पर खुद को बड़ा तकनीकी विशेषज्ञ और क्रिप्टो ट्रेडिंग कंपनी का सर्वेसर्वा बताकर युवतियों को पहले अपने प्रेम जाल में फंसाता था। जब पीड़ित महिलाएं उस पर अटूट विश्वास करने लगती थीं, तो वह शादी का झांसा देकर उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच देता और लाखों रुपये ऐंठ लेता था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर एक के बाद एक कई शिकायतें दर्ज होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने जाल बिछाकर इस शातिर ठग को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान दयालबाग निवासी उत्कर्ष गुप्ता के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच और पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि उत्कर्ष गुप्ता ने वर्ष 2019 में नोएडा की एक विख्यात यूनिवर्सिटी से बीटेक की डिग्री प्राप्त की थी। इसके उपरांत उसने अपने कुछ मित्रों के साथ मिलकर एक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग फर्म की नींव रखी थी, परंतु बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण उसे इस व्यवसाय में भारी वित्तीय घाटा उठाना पड़ा। इस घाटे के चलते दोस्तों के मध्य गहरा विवाद हुआ और फर्म को हमेशा के लिए बंद करना पड़ा। कर्ज के दलदल में धंसने के बाद आरोपी ने रातों-रात अमीर बनने के लिए वैवाहिक वेबसाइटों पर फर्जीवाड़ा करने का यह नापाक रास्ता अख्तियार कर लिया।
आरोपी उत्कर्ष गुप्ता की कार्यप्रणाली बेहद शातिराना थी। वह प्रतिष्ठित मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर अत्यधिक आकर्षक और वीआईपी प्रोफाइल तैयार करता था, जिसमें खुद को एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर और सफल क्रिप्टो निवेशक दर्शाता था। जब कोई संभ्रांत परिवार की युवती उसकी प्रोफाइल देखकर विवाह के उद्देश्य से संपर्क स्थापित करती थी, तो वह बेहद सलीके और आत्मीयता से बातचीत कर उसे अपने विश्वास में ले लेता था। जैसे ही युवती मानसिक रूप से उससे जुड़ जाती, आरोपी अपनी काल्पनिक कंपनी का हवाला देकर उसे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की सलाह देता था। हाल ही में एक पीड़ित युवती ने जब उसकी बातों पर भरोसा किया, तो आरोपी ने क्रिप्टो में निवेश के नाम पर उससे 1 लाख रुपये अपने व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर करवा लिए और रकम हाथ में आते ही अपनी वैवाहिक प्रोफाइल को पूरी तरह डिलीट कर दिया।
साइबर सेल की तकनीकी जांच और सर्विलांस रिपोर्ट खंगालने पर पुलिस के होश उड़ गए, जब यह पता चला कि आरोपी ने महज पिछले 10 दिनों के भीतर ही देश के अलग-अलग हिस्सों से विभिन्न युवतियों को झांसा देकर तकरीबन 15 लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली थी। वह पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार देशव्यापी स्तर पर युवतियों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा था। इस काली कमाई को खपाने के लिए उसने स्वयं के नाम पर दो अलग-अलग बैंक खाते संचालित कर रखे थे, जबकि छानबीन में चार अन्य ऐसे बैंक खातों का भी पता चला है जो उसने अन्य भोले-भाले लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग करके खोल रखे थे। पुलिस की कड़ी पूछताछ में अभियुक्त ने इस अवैध सिंडिकेट में शामिल अपने कुछ अन्य साथियों के नामों का भी खुलासा किया है। पुलिस की विशेष टीमें इन नामजद आरोपियों को दबोचने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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