Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Friday, 12 June 2026, 05:42:47 PM IST

आगरा: ताजनगरी में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और राह चलते नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अभियान में थाना शाहगंज पुलिस को एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। शाहगंज थाना पुलिस की एक विशेष सतर्कता टीम ने सघन चेकिंग और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर सड़कों पर चलते-फिरते राहगीरों को अपना निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर, सक्रिय और संगठित छिनैती गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना हरिओम को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है, जबकि उसके साथ वारदातों में शामिल रहे चार नाबालिग (बाल अपचारी) साथियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। इस शातिर गैंग के कब्जे से पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के छीने हुए कुल 16 महंगे मोबाइल फोन (स्मार्टफोन) और छिनैती की वारदातों में प्रयुक्त होने वाली एक बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद किए गए सभी मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3.5 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के व्यापारियों और आम राहगीरों ने राहत की सांस ली है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त आधिकारिक और विस्तृत विवरण के अनुसार, विगत 10 जून 2026 की देर रात्रि को कोठी मीना बाजार मैदान के पास से अपने घर की ओर पैदल जा रहे एक स्थानीय नागरिक को पीछे से आए मोटरसाइकिल सवार अज्ञात युवकों ने निशाना बनाया था। शातिर बदमाश राहगीर के हाथ पर तेज झपट्टा मारकर उसका कीमती मोबाइल फोन छीनकर पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गए थे। पीड़ित नागरिक की लिखित तहरीर पर थाना शाहगंज में अज्ञात बाइक सवार लुटेरों के खिलाफ तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी। आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर इस तरह की स्ट्रीट क्राइम की घटनाओं पर अंकुश लगाने और लुटेरों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए शाहगंज थाने के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष खोजी और सर्विलांस टीम का गठन किया गया था। यह टीम लगातार घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी और अपने गोपनीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर रखा था।
शुक्रवार को पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए एक बेहद पुख्ता और सटीक सूचना प्राप्त हुई कि कोठी मीना बाजार के विशाल मैदान में बने हुए मुख्य सांस्कृतिक मंच के पीछे कुछ संदिग्ध युवक किसी बड़ी वारदात की योजना बनाने या छीने हुए माल के बंटवारे के लिए एकत्र हुए हैं। सूचना मिलते ही थाना शाहगंज पुलिस बल ने बिना कोई वक्त गंवाए योजनाबद्ध तरीके से कोठी मीना बाजार मैदान की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को अचानक अपनी तरफ आता देख मंच के पीछे छिपे युवकों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने पीछा करके मौके से अभियुक्त हरिओम को धर दबोचा। इसके साथ ही पुलिस टीम ने कानून के दायरे में रहते हुए उसके चार बाल अपचारी साथियों को भी अपनी अभिरक्षा में ले लिया। जब मौके पर ही आरोपियों की अमली तलाशी ली गई, तो उनके पास से अलग-अलग पॉकेट और बैग में छुपाकर रखे गए 16 मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा मौके से घटना में लगातार इस्तेमाल की जा रही एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
थाना परिसर में लाकर जब मुख्य अभियुक्त हरिओम से कड़ाई और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, तो उसने अपने सारे जुर्म कबूल करते हुए पुलिस के सामने गिरोह के पूरे तौर-तरीकों (मोडस ऑपेरंडी) का खुलासा कर दिया। हरिओम ने बताया कि वह इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह जानबूझकर कम उम्र के नाबालिग लड़कों को अपने साथ जोड़ता था, क्योंकि वे पुलिस की नजरों से आसानी से बच जाते थे और पकड़े जाने पर भी उन पर विधिक कार्रवाई थोड़ी नरम होती है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि बरामद मोटरसाइकिल उसी की है और वह अपने इन चारों नाबालिग साथियों के साथ मिलकर आगरा के विभिन्न सुनसान चौराहों, मुख्य बाजारों और अंधेरी गलियों में रेकी करता था। जैसे ही कोई व्यक्ति फोन पर बात करते हुए या लापरवाही से हाथ में फोन लेकर पैदल चलता दिखाई देता था, ये मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ाकर उसके हाथ से फोन छीन लेते थे और तेजी से फरार हो जाते थे।
अभियुक्त हरिओम ने आगे बताया कि बरामद किए गए सभी 16 मोबाइल फोन उन्होंने पिछले कुछ महीनों के भीतर आगरा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और घने रिहायशी इलाकों से राह चलते सीधे-सादे लोगों से छीने थे। वे इन मोबाइलों को बहुत कम दामों में राह चलते अंजान लोगों या कबाड़ियों को बेचने की फिराक में थे, ताकि मिले हुए पैसों को आपस में बांटकर अपने महंगे शौक पूरे कर सकें, लेकिन इससे पहले कि वे इन्हें ठिकाने लगा पाते, शाहगंज पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइलों के आईएमईआई (IMEI) नंबरों के जरिए उनके असली स्वामियों को ट्रेस किया जा रहा है ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके फोन उन्हें वापस लौटाए जा सकें। पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिओम को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि चारों बाल अपचारियों को विधिक नियमों के अनुसार बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार शहर के किन अन्य मोबाइल री-सेलर्स या अपराधियों से जुड़े हुए थे।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777



