जीवा ज्वैलरी शोरूम में करोड़ों की चोरी का बड़ा खुलासा: दिल्ली से आगरा तक फैला ‘जीवा गैंग’ बेनकाब, 5 शातिर दबोचे, नेपाल में माल खपाने की थी तैयारी

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 20 July, 2026, 03:45:10 PM IST.

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tajnews.in | आगरा: ताजनगरी के थाना ताजगंज क्षेत्र के फतेहाबाद रोड पर स्थित प्रतिष्ठित जीवा (GIVA) ज्वैलरी स्टोर में हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी के मामले में पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। ताजगंज पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त विधिक कार्रवाई ने एक अंतरराज्यीय शातिर चोर गिरोह के पांच सक्रिय सदस्यों को दबोचकर पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर दिया है। पकड़े गए शातिर आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में चोरी का सोना, नकद भारतीय रुपया, नेपाली मुद्रा, मोबाइल फोन और पहचान पत्र बरामद किए हैं। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और पड़ोसी देश नेपाल तक फैले हुए हैं और वे चोरी के आभूषणों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खपाने की बड़ी फिराक में थे।

HIGHLIGHTS
  1. अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब: ताजगंज पुलिस और एसओजी की बड़ी संयुक्त कार्रवाई में धरे गए 5 शातिर अपराधी।
  2. अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: बिहार के पूर्वी चंपारण के रहने वाले हैं आरोपी, नेपाल सीमा के पास माल ठिकाने लगाने की थी योजना।
  3. सरगना पर गैंगस्टर एक्ट: गिरोह का मुख्य सरगना उमेश शाह है, जिसके खिलाफ गाजियाबाद में पहले से ही दर्ज है गैंगस्टर का विधिक मुकदमा।
  4. माल की रिकवरी: 116.3 ग्राम सोना, 1.18 लाख भारतीय रुपये और 35 हजार नेपाली करेंसी समेत 6 मोबाइल पुलिस ने किए जब्त।

पहले दिल्ली-मथुरा में डाला डेरा, फिर सफेद कपड़े की ओट में दी वारदात को अंजाम

आगरा पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह शातिर गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। पूछताछ में अपराधियों ने कबूला कि वे दिल्ली से ट्रेन के जरिए आगरा पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने एक टैक्सी किराए पर ली और फतेहाबाद रोड स्थित जीवा शोरूम की कई दिनों तक गहन रेकी की। 4 जुलाई को आगरा का जायजा लेने के बाद ये सभी शातिर मथुरा चले गए और वहां एक होटल में ठहर गए। इसके बाद 7 जुलाई को गिरोह वापस आगरा लौटा और 7-8 जुलाई की दरमियानी रात को शोरूम का शटर काटकर भीतर दाखिल हो गया। चोरी करने का इनका तरीका बेहद हैरान करने वाला था; वारदात के समय गिरोह का एक सदस्य शटर के बाहर बकायदा सफेद कपड़ा तानकर बैठ जाता था, ताकि सड़क से गुजरने वाले किसी भी राहगीर को शटर कटने की भनक न लगे और अंदर साथी आसानी से सेफ तोड़ सकें।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने केवल आगरा ही नहीं, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली को भी अपना निशाना बनाया था। पकड़े गए आरोपियों ने दिल्ली के रोहिणी और प्रीत विहार इलाकों में स्थित जीवा ज्वैलरी स्टोर्स में भी इसी तकनीकी विन्यास से बड़ी चोरियों को अंजाम दिया था। पुलिस कमिश्नरेट आगरा की एक विशेष टीम अब इन वारदातों के संबंध में दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर रही है। गिरोह का सरगना उमेश शाह एक शातिर और पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ गाजियाबाद जिले में गैंगस्टर एक्ट के तहत गंभीर विधिक मामला पंजीकृत है।

नेपाल सीमा से सटा है गांव, फरार दो आरोपियों की तलाश में दबिश

पकड़े गए आरोपियों का पैतृक निवास बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण जिले में है, जिसका भौगोलिक विन्यास सीधे भारत-नेपाल सीमा से सटा हुआ है। इसी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी चोरी के सोने को नेपाल ले जाकर पिघलाने और अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में नए सिरे से उतारने की फिराक में थे। वे चोरी के माल का एक हिस्सा पहले ही बिहार में बेच चुके थे, जिसकी बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि गिरोह के दो अन्य मुख्य सदस्य छोटू और रियाज अभी कानून की गिरफ्त से फरार चल रहे हैं, जिनकी संभावित ठिकानों पर गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस अब इन अपराधियों के पूरे आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और खुफिया एजेंसियों की मदद से इनके नेपाल कनेक्शन तथा अन्य राज्यों में दर्ज मुकदमों का विधिक इतिहास निकाला जा रहा है। आगरा पुलिस ने सराफा व्यापारियों से भी अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें। पकड़े गए पांचों आरोपियों को अदालत में पेश कर विधिक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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