यमुना तट पर पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी

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Dharam Karam Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Monday, 25 May 2026, 05:52:41 PM IST

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आगरा: यमुना नदी तट स्थित श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सोमवार को पूर्णाहुति, ब्राह्मण विदाई और विशाल भंडारे के साथ श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में संपन्न हो गया। अंतिम दिवस सुबह से ही कथा मंडपम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और हरि बोल के जयकारों के बीच पूर्णाहुति संपन्न हुई, जिसके बाद हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

यमुना तट पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। कथा मंडपम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। आयोजन स्थल पर श्रद्धा, सेवा और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूर्णाहुति के समय पूरा वातावरण मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से गूंज उठा।

यमुना तट पर श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ में शामिल श्रद्धालु
HIGHLIGHTS
  1. यमुना तट पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का हुआ समापन।
  2. पूर्णाहुति और ब्राह्मण विदाई के बाद विशाल भंडारे का आयोजन।
  3. पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी।
  4. महंत योगेश पुरी ने ब्राह्मण सेवा और सनातन संस्कृति का बताया महत्व।

विशाल कथा मंडपम में हवन और पूर्णाहुति के दौरान श्रद्धालु भावविभोर दिखाई दिए। यज्ञ की अंतिम आहुतियों के समय शंखध्वनि और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। पूर्णाहुति के बाद ब्राह्मणों का विधिवत सम्मान और विदाई की गई। वहीं शाम को यमुना आरती के दौरान श्रद्धा और आस्था का दिव्य दृश्य देखने को मिला।

कथा व्यास महंत योगेश पुरी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में ब्राह्मण केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि वेद ज्ञान और धार्मिक परंपराओं के संवाहक होते हैं। उन्होंने कहा कि जहां ब्राह्मणों का सम्मान और सेवा होती है, वहां ईश्वर की विशेष कृपा बनी रहती है। यज्ञ, कथा और धार्मिक आयोजन तभी पूर्ण माने जाते हैं जब उनमें सेवा, समर्पण और कृतज्ञता का भाव समाहित हो।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है।

मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने आयोजन में सहयोग करने वाले श्रद्धालुओं, सेवाभावियों और व्यवस्थापकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यमुना तट पर आयोजित यह श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, ब्रज परंपरा और सामाजिक समरसता का महाकुंभ बन गया।

उन्होंने बताया कि सात दिनों तक हजारों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण, यमुना आरती, गौ पूजन, रुद्राभिषेक और बाल संस्कार शिविर में भाग लिया। इससे समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिली है।

हरिहर पुरी ने कहा कि कथा मंडपम में प्रतिदिन उमड़ी श्रद्धा यह दर्शाती है कि समाज आज भी अपनी धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 31 मई को श्रवण गंगा सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क गंगा स्नान बस यात्रा आयोजित की जाएगी। इस सेवा को सूर्य प्रताप सिंह द्वारा लगातार 51वीं बार संचालित किया जा रहा है।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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