Uttar Pradesh Desk, tajnews.in | Thursday, April 16, 2026, 11:30:15 AM IST

आगरा: दलित अस्मिता, सामाजिक समरसता और समानता के सबसे बड़े प्रतीक ‘भीमनगरी’ का 31वां भव्य आयोजन पूरी शानो-शौकत के साथ ताजनगरी आगरा में शुरू हो गया है। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर शाहगंज स्थित जीआईसी (GIC) मैदान को पूरी तरह से एक उत्सव स्थल में तब्दील कर दिया गया है। इस बार भीमनगरी के मुख्य मंच को महान सम्राट अशोक के ऐतिहासिक महल की अद्भुत कल्पना के आधार पर सजाया गया है, जिसकी भव्यता देखते ही बन रही है। इस तीन दिवसीय विशाल आयोजन का विधिवत शुभारंभ बुधवार को थाईलैंड से विशेष रूप से आए विद्वान भंते फ्रा अमनात इंटीटेचो द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी इस ऐतिहासिक मंच पर पहुंचे। उन्होंने बाबा साहेब के बनाए गए संविधान की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि इसी संविधान की बदौलत आज एक आदिवासी बेटी देश की राष्ट्रपति है और वह खुद दूसरी बार डिप्टी सीएम के पद तक पहुंचे हैं। लाखों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं और रोशनी से नहाए पूरे ग्यासपुरा क्षेत्र में ‘जय भीम’ का जोरदार उद्घोष लगातार गूंजता रहा।
थाईलैंड से आए भंते और बौद्ध भिक्षुओं की पावन उपस्थिति
आगरा की भीमनगरी केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आस्था और वैचारिक क्रांति का एक बहुत बड़ा समागम है। इस वर्ष भीमनगरी समिति ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करने का सराहनीय प्रयास किया है। भव्य मंच पर थाईलैंड से पधारे मुख्य अतिथि भंते फ्रा अमनात इंटीटेचो ने अपने कर-कमलों से बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस बेहद पावन अवसर पर उनके साथ धम्म दीप, धम्म उज्ज्वल, भंते चंद्र बोधि, आनंद रत्न, सिद्धार्थ बोधि और भिक्खु शीलानंद जैसे कई प्रतिष्ठित बौद्ध भिक्षु भी मंच पर मौजूद रहे।
बौद्ध मंत्रोच्चार और बुद्ध वंदना की शांतिपूर्ण ध्वनि से पूरा जीआईसी मैदान पूरी तरह से आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। एलईडी लाइट्स (LED Lights) की दूधिया रोशनी से नहाए इस विशाल परिसर में लाखों की संख्या में अनुयायी देश के कोने-कोने से पहुंचे थे। लोग इस महलनुमा मंच की अद्भुत कारीगरी को देखकर पूरी तरह से मंत्रमुग्ध हो गए। आयोजन स्थल पर सेल्फी लेने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संयोजक राहुल सागर और उनकी पूरी टीम ने इस भव्य रूपरेखा को हकीकत में बदलने के लिए महीनों तक कड़ी मेहनत की है, जो अब पूरी तरह से सफल होती दिखाई दे रही है।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य का सम्मान और संविधान की ताकत का जिक्र
उद्घाटन समारोह के कुछ ही देर बाद, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का काफिला भीमनगरी के मंच पर पहुंचा। भीमनगरी आयोजन समिति ने उनका बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। समिति की ओर से उन्हें भगवान तथागत बुद्ध की एक सुंदर प्रतिमा भेंट की गई, जबकि संयोजक राहुल सागर ने उन्हें नीली पगड़ी पहनाकर उनका भव्य सम्मान किया। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के सपनों और उनके द्वारा रचे गए महान भारतीय संविधान की ताकत पर बहुत ही गहराई से प्रकाश डाला।
केशव मौर्य ने मंच से स्पष्ट रूप से कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर एक आदिवासी समाज की बेटी विराजमान है। यह सिर्फ और सिर्फ बाबा साहेब के द्वारा दिए गए संविधान की ही देन है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी संविधान की ताकत ने उन्हें लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बाबा साहेब के सच्चे अनुयायी के रूप में वे उनके सभी अधूरे सपनों को एक-एक करके धरातल पर उतारेंगे। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए यह बड़ी घोषणा की कि आगामी 2029 का आम चुनाव नए ‘महिला आरक्षण कानून’ के आधार पर ही संपन्न होगा।
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नीले रंग की अस्मिता के बीच दिखा भाजपा का ‘भगवा मय’ मंच
इस भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संक्षिप्त लेकिन बेहद ओजस्वी संबोधन में बाबा साहेब के उस ऐतिहासिक कथन को दोहराया कि ‘शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वह निश्चित रूप से दहाड़ेगा।’ उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि शिक्षा रूपी चाबी से ही अज्ञानता और गरीबी का जंग लगा ताला हमेशा के लिए खुल सकता है। चूंकि डिप्टी सीएम को खेरिया एयरपोर्ट से वापस दिल्ली की उड़ान भरनी थी, इसलिए मंच पर प्रमुख नेताओं का संबोधन थोड़ा संक्षिप्त ही रखा गया।
इस बार भीमनगरी के मंच पर एक दिलचस्प और बड़ा राजनीतिक बदलाव भी देखने को मिला। हालांकि भीमनगरी हमेशा से दलित अस्मिता और नीले रंग का एक बहुत बड़ा प्रतीक रही है, लेकिन इस बार मंच पूरी तरह से ‘भगवा मय’ नजर आया। मंच पर सर्वदलीय नेताओं के बजाय भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज चेहरों का भारी जमावड़ा दिखाई दिया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, मेयर हेमलता दिवाकर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, भगवान सिंह, छोटेलाल वर्मा, विजय शिवहरे, राकेश गर्ग, रामप्रताप सिंह और राजकुमार गुप्ता समेत कई प्रमुख भाजपा नेता इस भव्य मंच पर एक साथ नजर आए।
गिन्नी माही के सुरों का जादू और आज होने वाला 100 जोड़ों का सामूहिक विवाह
आयोजन की पहली शाम को संगीत और ऊर्जा से भरने की जिम्मेदारी मशहूर पंजाबी लोकगायिका गिन्नी माही के कंधों पर थी। युवाओं को भारी संख्या में जोड़ने के लिए समिति ने उनका खास कार्यक्रम आयोजित किया था। गिन्नी माही ने मंच पर आते ही अपनी बुलंद आवाज से पूरे मैदान को गुंजायमान कर दिया। उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक के इस विशाल महलनुमा मंच को देखकर उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उन्होंने ‘इस दुनिया में तुम्हें दिल से प्रणाम…’ और ‘बन कर मसीहा आया भीमा…’ जैसे अपने बेहद लोकप्रिय गीतों से बाबा साहेब को एक भावपूर्ण संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके जोशीले गीतों पर वहां मौजूद लाखों युवा जमकर झूमते और थिरकते हुए नजर आए।
भीमनगरी समिति के क्षेत्रीय अध्यक्ष सुभाष सागर और महामंत्री महेंद्र सिंह ने अगले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि गुरुवार (आज) का दिन और भी ज्यादा खास होने वाला है। आज पूरे बौद्ध रीति-रिवाज के साथ 100 गरीब और जरूरतमंद जोड़ों का ‘दहेज रहित सामूहिक विवाह’ संपन्न कराया जाएगा। सभी दूल्हे घोड़ों पर सवार होकर एक भव्य बारात के रूप में जीआईसी मैदान पहुंचेंगे। इसके अलावा, आजाद समाज पार्टी (ASP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नवनिर्वाचित सांसद चंद्रशेखर आजाद भी आज शाम भीमनगरी के मंच पर हुंकार भरेंगे। गायक अनुज जाटव और देवीराम पप्पू भी आज अपनी संगीतमय प्रस्तुतियां देंगे। भीमनगरी के इस विशाल आयोजन के चलते ग्यासपुरा इलाके में पूरी तरह से दिवाली जैसी भारी रौनक छाई हुई है और पूरा मेला क्षेत्र आम जनता के अपार उत्साह से भरा हुआ है।
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Thakur Pawan Singh
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