आगरा किला के सामने धधकी आग, काले धुएं से घिरा आसमान

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Wednesday, 27 May 2026, 09:13:00 PM IST

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Agra Fort Metro Station Fire Incident: ताजनगरी के सबसे संवेदनशील और प्रमुख पर्यटन क्षेत्र आगरा किला (आगरा फोर्ट) के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने बुधवार दोपहर अचानक उस वक्त भीषण अफरा-तफरी मच गई, जब मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल पास स्थित सूखी झाड़ियों में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते इस आग ने पास में ही पड़े भारी मात्रा में कूड़े के ढेर को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिसके चलते कुछ ही मिनटों के भीतर आसमान में काले और जहरीले धुएं का एक विशाल गुबार उठने लगा। यह नजारा इतना खौफनाक था कि करीब एक किलोमीटर की दूरी से भी धुएं का यह काला गुबार साफ तौर पर देखा जा रहा था। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे भड़की यह आग लगभग एक घंटे तक लगातार धधकती रही और ऊंची लपटें उठती रहीं, जिससे पूरे वीआईपी रोड पर वाहनों के पहिये थम गए।

HIGHLIGHTS
  1. ऐतिहासिक आगरा किला के सामने अफरा-तफरी: बुधवार दोपहर फोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार और मेट्रो स्टेशन के निकट झाड़ियों में भड़की भीषण आग।
  2. एक किलोमीटर दूर से दिखा काले धुएं का गुबार: प्लास्टिक और ज्वलनशील कचरा जलने के कारण आसमान में फैला जहरीला धुआं।
  3. मेट्रो ट्रैक के नीचे धधकती रहीं ऊंची लपटें: संवेदनशील मेट्रो स्टेशन और एलिवेटेड ट्रैक के पास लगी आग से टला एक बड़ा और भयानक हादसा।
  4. पुलिस की निष्क्रियता पर राहगीरों ने जताया आक्रोश: सपा नेता श्याम भोजवानी सहित स्थानीय लोगों ने सुरक्षा और मुस्तैदी पर उठाए गंभीर सवाल।

घटना की जमीनी रपट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आगरा फोर्ट स्टेशन के निकट जिन झाड़ियों में आग लगी थी, वहाँ लंबे समय से भारी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन और अन्य ज्वलनशील शहरी कचरा जमा था। जैसे ही सूखी घास की चिंगारी इस कूड़े तक पहुँची, प्लास्टिक के जलने से अत्यधिक विषैला और काला धुआं पर्यावरण में फैल गया। इस दमघोंटू स्थिति के कारण वहाँ से गुजरने वाले राहगीरों और पर्यटकों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क से गुजर रहे कई दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों ने सुरक्षा के लिहाज से अपने वाहन दूर ही रोक दिए, जिसके बाद मौके पर तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई और लोग अपने मोबाइल से आग का वीडियो बनाने लगे।

Brief Highlights

  • Mathura Mass Suicide: मथुरा के खप्पर पुर गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत.
  • मृतकों में पति-पत्नी और तीन बच्चे शामिल, जहरीला पदार्थ खाने से गई जान.
  • दीवार पर मिला सुसाइड नोट: ‘अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं’.
  • मृतका के पिता ने भाई से विवाद की आशंका जताई, पुलिस जांच में जुटी.
  • Mathura Mass Suicide केस में फॉरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत.

ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह थी कि जिस स्थान पर आग की लपटें विकराल रूप धारण कर रही थीं, उसके ठीक नीचे से शहर का व्यस्त मेट्रो ट्रैक गुजर रहा है और चंद कदमों की दूरी पर ही आगरा फोर्ट मेट्रो स्टेशन का मुख्य परिसर मौजूद है। ऐसे में स्थानीय निवासियों और सुरक्षा विश्लेषकों ने गहरा डर जताया कि यदि आग की लपटें ऊपर उठकर एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक के विद्युत तारों या तकनीकी प्रणालियों तक पहुँच जातीं, तो एक बहुत बड़ा और जानलेवा हादसा घटित हो सकता था। मौके पर मौजूद राहगीरों का गंभीर आरोप था कि आग लगने के काफी देर बाद तक स्थानीय स्तर पर न तो आग बुझाने का कोई प्राथमिक प्रयास हुआ और न ही सुरक्षा अधिकारियों द्वारा तत्काल दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को इसकी आपातकालीन सूचना दी गई।

घटनास्थल पर एकत्रित राहगीरों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासनिक उदासीनता को लेकर तीखी नाराजगी और आक्रोश व्यक्त किया। आम जनता का खुला आरोप था कि आगरा फोर्ट के व्यस्त चौराहे पर नियमित मुस्तैद रहने वाले पुलिसकर्मियों ने आग को काबू करने या तुरंत राहत कार्य शुरू करने की दिशा में कोई सक्रिय विधिक या व्यावहारिक प्रयास नहीं किया। मौके पर मौजूद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम भोजवानी ने प्रशासनिक तंत्र को आड़े हाथों लेते हुए बताया कि वे स्वयं करीब 45 मिनट से आग की भयावह लपटें उठती देख रहे थे, जबकि आग उससे भी काफी समय पहले से सुलग रही थी। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के मुख्य द्वार पर इस प्रकार की आग लगना और घंटों धधकते रहना स्थानीय सुरक्षा प्रबंधन की बहुत बड़ी और गंभीर लापरवाही को उजागर करता है।

यद्यपि आग लगने के पुख्ता कारणों की आधिकारिक विधिक जांच जारी है, परंतु स्थानीय लोगों का प्राथमिक अनुमान है कि सड़क से गुजरने वाले किसी लापरवाह राहगीर द्वारा जलती हुई सिगरेट, बीड़ी या माचिस की तीली को सीधे सूखी झाड़ियों की तरफ फेंक दिया गया होगा। मई महीने के इस भीषण गर्म मौसम, तेज शुष्क हवाओं और अत्यधिक सूखी घास ने इस छोटी सी चिंगारी को कुछ ही पलों में दावानल की तरह फैलाने का काम किया। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय नियमों और एनजीटी के आदेशों के तहत आगरा के किसी भी शहरी या ग्रामीण अंचल में खुले में कूड़ा अथवा पत्तियां जलाने पर विधिक रूप से पूर्ण प्रतिबंध लागू है, इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन की ढीली निगरानी के कारण शहर के तमाम वीआईपी और पर्यटन इलाकों में खुलेआम ऐसे खतरनाक कूड़े के ढेर और उनमें आग लगने की विदारक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो पर्यावरण के साथ-साथ शहर की सुरक्षा को भी बड़ी चुनौती दे रही हैं।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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