Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Wednesday, 28 May 2026, 09:48:52 AM IST

गौतमबुद्ध नगर: “इस उम्र में तैयारी करेगी?”, “बुढ़ापे में दिमाग खराब हो गया है” — ऐसे ताने सुनने के बावजूद दीपा भाटी ने हार नहीं मानी। शादी के 18 साल बाद, 3 बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच लगातार संघर्ष और मेहनत करके उन्होंने UPPSC परीक्षा पास की और PCS अफसर बनकर हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं। उनकी कहानी साबित करती है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती और अगर हौसला मजबूत हो तो परिस्थितियां भी रास्ता नहीं रोक पातीं।
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के छोटे से गांव कोंडली बांगर की रहने वाली दीपा भाटी साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ीं दीपा बचपन से ही कुछ अलग और बड़ा करना चाहती थीं। उनकी शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई। पढ़ाई में रुचि होने के कारण उन्होंने केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन और इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।
दीपा बताती हैं कि कम उम्र में उनकी शादी हो गई थी। शादी के बाद घर और परिवार की जिम्मेदारियां उनकी प्राथमिकता बन गईं। धीरे-धीरे तीन बच्चों की परवरिश और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई के लिए समय निकालना मुश्किल होता चला गया। कई बार उन्हें लगा कि अब उनका सपना अधूरा ही रह जाएगा, लेकिन भीतर कहीं आगे बढ़ने की इच्छा हमेशा जिंदा रही।
परिवार की जिम्मेदारियों के साथ दीपा ने एक स्कूल में पढ़ाना शुरू किया ताकि वह खुद को आगे बढ़ा सकें। बाद में निजी कारणों से उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। इसी दौरान उनके भाई ने उन्हें सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी। यही वह मोड़ था जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। दीपा ने तय किया कि अब वह अपने सपने को अधूरा नहीं छोड़ेंगी।
तीन बच्चों की जिम्मेदारी निभाते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था। दिनभर घर के काम और परिवार की जिम्मेदारियों के बाद वह रात में पढ़ाई करती थीं। इस दौरान कई लोगों ने उनकी उम्र और हालात को लेकर ताने दिए। कोई कहता- “इस उम्र में तैयारी सूझी है”, तो कोई कहता- “बच्चों से एग्जाम नहीं निकलते, ये क्या कर लेगी।” लेकिन दीपा ने इन बातों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
Brief Highlights
- • UPPSC Success Story: शादी और बच्चों की जिम्मेदारी के बाद भी नहीं छोड़ा PCS अफसर बनने का सपना।
- • रात में पढ़ाई और दिनभर परिवार संभालकर की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी।
- • लोगों के तानों को नजरअंदाज कर हासिल की 166वीं रैंक।
- • दीपा भाटी की कहानी महिलाओं और प्रतियोगी छात्रों के लिए बनी प्रेरणा।
दीपा ने अपनी तैयारी के लिए सबसे पहले NCERT किताबों पर फोकस किया। इसके बाद उन्होंने स्टैंडर्ड बुक्स और लगातार रिवीजन की रणनीति अपनाई। शुरुआती प्रयासों में असफलता जरूर मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार UPPSC 2021 परीक्षा में उन्होंने 166वीं रैंक हासिल कर PCS अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लिया।
सबसे खास बात यह रही कि जब दीपा ने यह सफलता हासिल की, उस समय उनकी बड़ी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ रही थी। लगभग 40 साल की उम्र में PCS अफसर बनने वाली दीपा भाटी आज लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
दीपा की कहानी केवल एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं, बल्कि उस संघर्ष की मिसाल है जिसमें जिम्मेदारियों के बोझ के बावजूद इंसान अपने सपनों को जिंदा रखता है। उनका सफर बताता है कि अगर इरादे मजबूत हों तो उम्र, हालात और समाज के ताने भी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकते।

Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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