गंगा दशहरा पर यमुना में समाया आगरा का युवक, बटेश्वर घाट पर मची चीख-पुकार, प्रशासन की चेतावनी के बाद भी नहीं थम रहे दर्दनाक हादसे

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Monday, 25 May 2026, 12:15:10 PM IST
Reported by: Neeraj Parihar – Pinahat (Agra)

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Agra Desk | Public Safety, Administrative Negligence & Municipal Enquiries

Bateshwar Ghat Yamuna Drowning Accident के अंतर्गत गंगा दशहरा के पावन पर्व पर तीर्थ नगरी बटेश्वर में उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब यमुना नदी में पारंपरिक स्नान कर रहा आगरा का एक युवक गहरे पानी की चपेट में आकर लापता हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपने परम मित्र के साथ इस पावन पर्व पर भोलेनाथ के दर्शन करने और यमुना नदी में आस्था की डुबकी लगाने आया था, किंतु स्नान के दौरान पैर फिसलने अथवा गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह तेज बहाव में समा गया। देखते ही देखते युवक आंखों से ओझल हो गया, जिसके बाद ऐतिहासिक घाट पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय मल्लाहों और पुलिस बल ने तत्काल मोर्चा संभाला, किंतु घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद भी दोपहर तक युवक का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका था। स्थानीय प्रशासन और पीएसी के गोताखोरों द्वारा यमुना की उफनती लहरों के बीच सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिससे पूरे तीर्थ क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल व्याप्त है।

Massive crowd of devotees and police personnel gathered at Bateshwar Yamuna Ghat after drowning accident
बटेश्वर यमुना घाट हादसे के मुख्य बिंदु
  • गंगा दशहरा पर बड़ा हादसा: आगरा के ग्वालियर रोड निवासी हेत सिंह का पुत्र साहिल अपने दोस्त दीपक के साथ बटेश्वर धाम आया था।
  • गहरे पानी में जाने से डूबा: स्नान करते समय पैर फिसलने के कारण साहिल गहरे पानी की तरफ चला गया और तेज बहाव में विलीन हो गया।
  • प्रशासनिक चेतावनी की अनदेखी: लाउडस्पीकर से लगातार गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी जा रही थी, किंतु सुरक्षा बैरिकेडिंग न होने से हादसा हुआ।
  • सघन रेस्क्यू अभियान जारी: थाना बाह पुलिस, स्थानीय मल्लाह और पीएसी के गोताखोर मोटर बोट की मदद से यमुना नदी में लगातार खोजबीन कर रहे हैं।

पैसेंजर ट्रेन से पहुंचे थे तीर्थ नगरी, दर्शन करने से पूर्व स्नान के दौरान हुआ वज्रपात

विस्तृत आधिकारिक विवरण के अनुसार, आगरा के थाना सदर अंतर्गत ग्वालियर रोड स्थित श्याम लाल की बगिया का निवासी 22 वर्षीय साहिल पुत्र हेत सिंह अपने बचपन के मित्र दीपक के साथ सोमवार सुबह आगरा-इटावा पैसेंजर ट्रेन के माध्यम से बटेश्वर रेलवे हाल्ट पर उतरा था। दोनों मित्रों की योजना गंगा दशहरा के विशेष धार्मिक अवसर पर बटेश्वर धाम में स्थित प्राचीन 101 क्षेत्रात्मक शिवालयों की श्रृंखला के दर्शन करने और यमुना नदी में पुण्य स्नान करने की थी। सुबह करीब आठ बजे दोनों युवक उत्साहपूर्वक बटेश्वर के मुख्य यमुना घाट पर पहुंचे, जहां पर्व के कारण पहले से ही हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी।

Local divers and PAC jawans launching search operation in Yamuna river at Bateshwar

प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि घाट के किनारे पानी कम होने के कारण साहिल धीरे-धीरे नदी के मध्य भाग की ओर बढ़ने लगा। इसी दौरान अचानक नदी के तल में आई गहरी ढलान की वजह से उसका संतुलन बिगड़ गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण साहिल खुद को संभाल नहीं पाया और डूबने लगा। किनारे पर खड़े साथी दीपक ने जब साहिल को पानी में हाथ-पांव मारते और डूबते देखा, तो उसने मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। दीपक की चीखें सुनकर घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और मल्लाहों में हड़कंप मच गया। कुछ साहसी स्थानीय लोगों ने नदी में छलांग भी लगाई, लेकिन तब तक साहिल तेज जलधारा के साथ गहरे पानी में समा चुका था।

Anxious crowd monitoring the ongoing rescue operations at the historic Bateshwar temples backdrop

सूचना के बाद भी देरी से पहुंची जल पुलिस, गोताखोरों ने संभाला मोर्चा

हादसे के तुरंत बाद घाट पर तैनात कुछ श्रद्धालुओं ने स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवा डायल 112 को घटना की सूचना दी। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद थाना बाह पुलिस और पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक देरी को लेकर घाट पर मौजूद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरा रोष देखा गया। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए तुरंत स्थानीय कुशल गोताखोरों और मल्लाहों की टोलियों को महाजाल के साथ नदी में उतारा।

Police officers noting down details from victim friend Deepak at the accident site

दोपहर तक यमुना नदी के करीब दो किलोमीटर के दायरे में मोटर बोट और पारंपरिक नावों के माध्यम से सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पानी के अत्यधिक गंदा होने और नीचे तेज भंवर होने के कारण गोताखोरों को नदी के तल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समाचार लिखे जाने तक, प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद डूबे हुए युवक साहिल का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका था। पुलिस अधिकारी लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से नदी में जाल डालने और खोजबीन की कमान संभाले हुए हैं।

Deeply shocked devotees leaving the Bateshwar Yamuna bank after the tragic drowning incident

चेतावनी की अनदेखी पड़ी भारी, सुरक्षा के स्थायी इंतजाम न होने से उठे गंभीर सवाल

बटेश्वर घाट पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय पुरोहितों का कहना है कि गंगा दशहरा के मद्देनजर सुबह से ही पुलिस प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर से लगातार यह घोषणा की जा रही थी कि कोई भी श्रद्धालु गहरे पानी की तरफ न जाए। घाट पर डेंजर जोन के बोर्ड भी लगाए गए थे, इसके बावजूद कई युवा उत्साह में आकर प्रशासनिक गाइडलाइंस की अनदेखी कर रहे थे। साहिल भी इसी लापरवाही का शिकार हो गया और सुरक्षा घेरे को पार कर आगे बढ़ गया।

Administrative officials and emergency vehicles stationed near Baah Bateshwar river front

हालांकि, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर उंगलियां उठाई हैं। लोगों का आरोप है कि बटेश्वर के इन ऐतिहासिक घाटों पर पूर्व में भी दर्जनों बार डूबने के कारण मौतें हो चुकी हैं। इसके बावजूद शासन द्वारा आज तक यहां पर कोई स्थायी लोहे की बैरिकेडिंग या सुरक्षा जाल नहीं लगाया गया है। बड़े त्योहारों पर केवल खानापूर्ति के लिए कुछ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी जाती है, जिनके पास आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त लाइफ जैकेट या अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरण तक उपलब्ध नहीं होते हैं। यदि समय रहते नदी के भीतर सुरक्षा जंजीरें लगाई गई होतीं, तो शायद साहिल की जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों में कोहराम, विधिक औपचारिकताएं और सर्च ऑपरेशन जारी

थाना बाह के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि डूबे हुए युवक के साथी दीपक से मिली जानकारी के आधार पर आगरा में रह रहे साहिल के परिजनों को दुर्घटना की सूचना दे दी गई है। इकलौते बेटे के यमुना में डूबने की खबर मिलते ही ग्वालियर रोड स्थित श्याम लाल की बगिया इलाके में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास हालत में बटेश्वर के लिए रवाना हो गए हैं।

उच्च पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक युवक का शरीर बरामद नहीं हो जाता, तब तक पीएसी और स्थानीय गोताखोरों का यह संयुक्त सर्च ऑपरेशन निरंतर जारी रहेगा। नदी के बहाव की दिशा में आगे के थानों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि यदि शव बहकर आगे जाए, तो उसे तुरंत रिकवर किया जा सके। पुलिस प्रशासन इस पूरे हादसे की कानूनी कार्रवाई, विभागीय जवाबदेही और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रत्येक बारीक गतिविधि पर निरंतर नजर बनाए हुए है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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