Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 24 Feb 2026, 03:30 pm IST
Taj News City Desk
भारतीय रेलवे: विशेष बुलेटिन
आगरा (Agra): अगर आप अगले कुछ दिनों में ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस ज़रूर चेक कर लें। उत्तर मध्य रेलवे (North Central Railway) के आगरा मंडल में रेल यातायात की रफ्तार बढ़ाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है । आगरा मंडल के अंतर्गत आने वाले छाता-कोसीकलां (Chhata-Kosikalan) खंड के बीच तीसरी और चौथी लाइन पर स्वचालित सिग्नलिंग (Automatic Signalling) की कमीशनिंग के लिए अहम एनआई (NI – Non-Interlocking) कार्य किया जा रहा है [cite: 7, 18]। इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के चलते दिल्ली-आगरा-मुंबई और दक्षिण भारत जाने वाले रूट पर 24 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक रेल यातायात प्रभावित रहेगा [cite: 9, 20]。
रेलवे प्रेस विज्ञप्ति: एक नज़र में (Highlights)
- आगरा मंडल के छाता-कोसीकलां सेक्शन में चल रहा है तीसरी और चौथी लाइन का काम [cite: 7, 18]।
- स्वचालित सिग्नलिंग (Automatic Signalling) कमीशनिंग के कारण लिया गया है मेगा ब्लॉक [cite: 7, 18]।
- 24 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक कुल 12 प्रमुख गाड़ियां की गई हैं रेगुलेट [cite: 6, 9, 17, 20]।
- यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए रेलवे ने जारी की है रेगुलेशन (देरी) की पूरी सूची [cite: 8, 19]।
प्रभावित (रेगुलेट) होने वाली ट्रेनों की प्रोफेशनल सूची
रेल प्रशासन द्वारा सर्वसाधारण की सुविधा के लिए उन ट्रेनों की सूची जारी की गई है, जिन्हें इस ब्लॉक के कारण रास्ते में रोका (Regulate) जाएगा [cite: 7, 18]। नीचे दी गई तालिका में आप अपनी ट्रेन का नंबर, नाम, देरी का समय और प्रभावित होने वाली तारीख देख सकते हैं[cite: 9, 20]:
| क्र.सं. | गाड़ी संख्या | रूट (से – तक) | रेगुलेशन (देरी का समय) | प्रभावी तिथियां (प्रारंभिक स्टेशन से) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 22209 | मुंबई सेंट्रल – निजामुद्दीन | 25 मिनट आगरा मंडल में | 24.02.26 |
| 2 | 12060 | निजामुद्दीन – कोटा | 50 मिनट आगरा मंडल में | 24, 25, 26, 27 फरवरी 2026 |
| 15 मिनट आगरा मंडल में | 28.02.26 | |||
| 3 | 12190 | निजामुद्दीन – जबलपुर | 35 मिनट आगरा मंडल में | 24, 25, 26, 27 फरवरी 2026 |
| 15 मिनट आगरा मंडल में | 28.02.26 | |||
| 4 | 12716 | अमृतसर – नांदेड | 35 मिनट आगरा मंडल में | 24, 25, 26, 27 फरवरी 2026 |
| 5 | 12918 | निजामुद्दीन – अहमदाबाद | 30 मिनट आगरा मंडल में | 24.02.26 |
| 6 | 12218 | चंडीगढ़ – तिरुवनंतपुरम | 30 मिनट आगरा मंडल में | 25 और 27 फरवरी 2026 |
| 7 | 20807 | विशाखापट्टनम – अमृतसर | 80 मिनट (50 मि. झाँसी व 30 मि. आगरा मंडल में) | 28.02.26 |
| 8 | 12903 | वांद्रे टर्मिनस – अमृतसर | 95 मिनट (75 मि. कोटा व 20 मि. आगरा मंडल में) | 28.02.26 |
| 9 | 22868 | निजामुद्दीन – दुर्ग | 70 मिनट आगरा मंडल में | 28.02.26 |
| 10 | 11078 | जम्मू तवी – पुणे | 65 मिनट आगरा मंडल में | 28.02.26 |
| 11 | 20424 | फिरोजपुर कैंट – सिवनी | 55 मिनट आगरा मंडल में | 28.02.26 |
| 12 | 18478 | योग नगरी ऋषिकेश – पुरी | 60 मिनट आगरा मंडल में | 28.02.26 |
क्या है NI कार्य और स्वचालित सिग्नलिंग का फायदा?
अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल उठता है कि रेलवे बार-बार इस तरह के ‘मेगा ब्लॉक’ या ‘रेगुलेशन’ क्यों करता है? दरअसल, भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क को आधुनिक और तेज़ बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। आगरा मंडल का ‘छाता-कोसीकलां’ (Chhata-Kosikalan) रूट दिल्ली से मुंबई और दक्षिण भारत को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूट है [cite: 7, 18]। इस रूट पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है, जिसके कारण कई बार ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है।
इसी समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए इस सेक्शन में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन (3rd and 4th Line) का निर्माण किया गया है [cite: 7, 18]। अब इन नई लाइनों पर स्वचालित सिग्नलिंग (Automatic Signalling) प्रणाली चालू की जा रही है [cite: 7, 18]। स्वचालित सिग्नलिंग एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है जिसमें पटरियों पर ट्रेन की मौजूदगी के आधार पर सिग्नल अपने आप लाल, पीले या हरे हो जाते हैं। इसके लिए ‘नॉन-इंटरलॉकिंग’ (NI Work) का काम करना बेहद ज़रूरी होता है[cite: 7, 18], जिसके तहत पुराने सिस्टम को नए कंप्यूटरीकृत सिस्टम से जोड़ा जाता है। इस काम के दौरान सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की स्पीड को धीमा करना पड़ता है या उन्हें कुछ स्टेशनों पर रोकना पड़ता है, जिसे रेलवे की भाषा में ‘रेगुलेट’ (Regulate) करना कहते हैं [cite: 7, 18]。
यात्रियों के लिए रेलवे की विशेष एडवाइजरी
उत्तर मध्य रेलवे, आगरा के जनसम्पर्क अधिकारी द्वारा जारी की गई इस विज्ञप्ति के माध्यम से यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान थोड़ा धैर्य बनाए रखें [cite: 12, 23, 24]। यह 15 से 95 मिनट तक की देरी [cite: 9, 20] केवल कुछ दिनों (24 से 28 फरवरी) की बात है, लेकिन एक बार यह स्वचालित सिग्नलिंग सिस्टम (Automatic Signalling System) कमीशन हो जाने के बाद, भविष्य में ट्रेनों की लेटलतीफी काफी हद तक खत्म हो जाएगी और ट्रेनें अपनी पूरी रफ्तार से इस ट्रैक पर दौड़ सकेंगी [cite: 7, 18]。
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले रेलवे के आधिकारिक पूछताछ नंबर 139 पर कॉल करके या NTES (National Train Enquiry System) ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की वास्तविक स्थिति (Live Running Status) की सटीक जानकारी अवश्य ले लें। इससे उन्हें स्टेशन पर बेवजह लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे प्रशासन ने इस असुविधा के लिए खेद जताते हुए राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा की है।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News









