एटा में शादी के 14 साल बाद भी नहीं हुआ संतान सुख: समाज के तानों और गृहक्लेश से तंग आकर पति-पत्नी ने एक ही पेड़ पर लगाई फांसी

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Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Wednesday, 27 May 2026, 08:12:15 PM IST

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UTTAR PRADESH DESK

Etah Rashidpur Couple Suicide Case: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के अंतर्गत आने वाले रसीदपुर गाँव में समाज के चुभते तानों और मानसिक तनाव के कारण एक दंपती ने आत्मघाती कदम उठा लिया। शादी के 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी संतान सुख न मिलने से दुखी पति-पत्नी ने खेत पर जाकर एक ही पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस के अनुसार, पहले पत्नी ने अपनी साड़ी से फंदा लगाया और बाद में उसे तलाशते हुए खेत पर पहुँचे पति ने भी उसी पेड़ पर रस्सी के सहारे आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत का मुख्य कारण हैंगिंग (फांसी पर लटकना) आया है। मृतकों की पहचान ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले भानु प्रताप और उनकी पत्नी रामा देवी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक ने भारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल का निरीक्षण कर मामले की विधिक जांच के आदेश दिए हैं।

एटा दंपती सुसाइड केस फैक्ट फाइल
  • 1. खेत पर मिले शव: मंगलवार देर शाम रसीदपुर गाँव के बबूल के पेड़ से भानु प्रताप और रामा देवी के शव लटके मिले।
  • 2. 14 साल का लंबा इंतजार: शादी के 14 वर्ष बाद भी संतान न होने पर दंपती ने आगरा और अलीगढ़ में कई जगह इलाज कराया था।
  • 3. न्यायालय के आदेश पर लौटी थी पत्नी: विवाद के कारण दो साल पहले भानु पत्नी को मायके छोड़ आया था, जो बाद में कोर्ट के आदेश पर लौटी थी।
  • 4. एसएसपी ने किया निरीक्षण: एसएसपी डॉक्टर इलामारन जी और एएसपी श्वेताभ पांडे ने मौके पर पहुँचकर परिजनों के बयान दर्ज किए।

आगरा और अलीगढ़ में इलाज के बाद भी नहीं मिली खुशियां, आपसी कहासुनी के बाद भट्ठे से लौटकर उठाया कदम

गाँव से मिली धरातलीय रिपोर्ट के अनुसार, रसीदपुर निवासी भानु प्रताप (35) and उसकी पत्नी रामा देवी (30) स्थानीय ईंट भट्ठे पर एक साथ मजदूरी का कार्य करते थे। उनकी शादी लगभग 14 वर्ष पूर्व हुई थी, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी उनके घर में बच्चे की किलकारी नहीं गूंज सकें। संतान प्राप्ति के लिए इस दंपती ने आगरा, अलीगढ़ सहित कई बड़े शहरों के डॉक्टरों से परामर्श लिया और लंबा उपचार कराया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अनबन रहने लगी थी।

परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह भी दोनों के बीच घरेलू काम और इसी समस्या को लेकर कुछ कहासुनी हो गई थी। इसके बाद दोनों रोज़ की तरह भट्ठे पर मजदूरी करने चले गए। दोपहर के समय रामा देवी ने सिर दर्द और घर जाने की बात कहकर भट्ठे से छुट्टी ली और वहाँ से निकल आई। वह घर न जाकर सीधे गाँव के बाहर स्थित अपने खेतों पर पहुँची। वहाँ उसने एकांत पाकर खेत में खड़े एक पेड़ पर अपनी साड़ी का फंदा बनाया और उस पर झूल गई।

पत्नी का शव देखकर पैरों तले खिसकी जमीन, पति ने भी उसी पेड़ पर रस्सी से लगा ली फांसी

शाम को जब भानु प्रताप भट्ठे से काम खत्म करके अपने घर वापस लौटा, तो उसे पत्नी रामा देवी घर पर दिखाई नहीं दी। आसपास के लोगों और पड़ोसियों से पूछने के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो वह व्याकुल होकर उसकी तलाश में खेतों की तरफ निकल गया। खेत पर पहुँचते ही बबूल के पेड़ से पत्नी का शव लटका देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। इस अप्रत्याशित दृश्य को देखकर वह गहरे सदमे में चला गया और कुछ ही देर बाद उसने भी पास में रखी रस्सी से उसी पेड़ की दूसरी डाल पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।

देर शाम जब गाँव के कुछ अन्य किसान अपने खेतों से काम कर लौट रहे थे, तब उन्होंने पेड़ से दोनों के शवों को लटके हुए देखा। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। भावुक ग्रामीणों ने तुरंत दोनों के शवों को पेड़ से नीचे उतारा और उनके पैतृक घर लेकर आए। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस बल भी गाँव में पहुँच गया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए दोनों शवों को कब्जे में लेकर विधिक जांच और मौत का सही समय जानने के लिए पोस्टमार्टम मुख्यालय भेज दिया है।

रिश्तेदारों और पड़ोसियों के चुभते ताने बने काल, न्यायालय के आदेश के बाद भी कम नहीं हुआ था मनमुटाव

स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी के इतने वर्षों बाद भी संतान न होने पर परिवार के कुछ लोगों, रिश्तेदारों और पड़ोस की महिलाओं द्वारा दिए जाने वाले सामाजिक ताने इस दंपती को भीतर ही भीतर चुभते थे। इन तानों के कारण दोनों के बीच का गृहक्लेश इतना बढ़ गया था कि करीब दो वर्ष पहले भानु अपनी पत्नी को जलेसर के नगला कोडरा स्थित उसके मायके छोड़ आया था। मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी ने ससुराल वापस आने के लिए कोर्ट में विधिक मुकदमा भी दायर किया था, जिसके बाद करीब एक साल पहले न्यायालय के आदेश पर रामा देवी अपनी ससुराल वापस लौटी थी।

न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दोनों एक साथ रहने तो लगे थे, लेकिन उनके बीच का मनमुटाव और मानसिक तनाव कम नहीं हुआ था। एटा के अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्राथमिक जांच में समाज के तानों और संतानहीनता के अवसाद के कारण ही आत्महत्या की बात सामने आ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डॉक्टरों के पैनल ने हैंगिंग से मौत की पुष्टि की है। पुलिस प्रशासन अब दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले के सभी विधिक और सामाजिक पहलुओं की गहराई से समीक्षा कर रहा है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक कड़ियों को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, [tajnews.in](https://tajnews.in)


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