Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Wednesday, 08 July, 2026, 12:45:10 PM IST.

tajnews.in | आगरा: ताजनगरी में आगरा नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हाजिरी के नाम पर कागजों में चल रहे करोड़ों रुपये के एक बहुत बड़े घोटाले का सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ है। शहर की वीआईपी कॉलोनी मानी जाने वाली लॉयर्स कॉलोनी में स्थानीय पार्षद की शिकायत पर जब अपर नगर आयुक्त औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल गई। सरकारी हाजिरी रजिस्टर में जहां 30 सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज थी, वहीं पूरे क्षेत्र में चप्पा-चप्पा छानने के बाद जमीन पर सिर्फ 15 सफाईकर्मी ही काम करते हुए पाए गए। इस भारी हेराफेरी और मौके पर कूड़े के ढेर देखकर भड़के अपर नगर आयुक्त ने झूठ बोलने और लापरवाही बरतने के आरोप में सफाई नायक यानी सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग के नाम पर पल रहे 1,135 अतिरिक्त फर्जी कर्मचारियों के सिंडिकेट को लेकर भी जांच तेज हो गई है।
पूरे मामले के अनुसार, वार्ड संख्या 34 लॉयर्स कॉलोनी के क्षेत्रीय पार्षद अमित दिवाकर ने नगर निगम प्रशासन से लिखित शिकायत की थी कि उनके आवंटित क्षेत्र में सफाई नायक कागजों पर फर्जी सफाई कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी लगाकर जनता के टैक्स के पैसे के साथ बहुत बड़ा खेल कर रहा है। पार्षद का आरोप था कि क्षेत्र में कभी भी पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मी नजर नहीं आते, जिससे हर गली और मुख्य सड़क के किनारे गंदगी का अंबार लगा रहता है। इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार स्वयं जांच के लिए लॉयर्स कॉलोनी पहुंचे। जब उन्होंने मौके पर मौजूद सफाई नायक बाबूलाल से कर्मचारियों की संख्या के बारे में पूछा, तो उसने दावा किया कि सभी कर्मचारी वार्ड के अलग-अलग हिस्सों में मुस्तैदी से काम कर रहे हैं और वह सबकी हाजिरी ले चुका है।
सफाई नायक के दावों पर संदेह होने पर अपर नगर आयुक्त ने तुरंत हाजिरी रजिस्टर तलब कर लिया। जब उन्होंने रजिस्टर का मिलान करने के लिए पार्षद के साथ पूरी कॉलोनी का पैदल दौरा किया, तो हकीकत देखकर वे दंग रह गए। रजिस्टर में जहां 30 सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज थी, वहीं मौके पर केवल 15 कर्मचारी ही काम करते हुए पाए गए। बाकी के 15 कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश के पूरी तरह नदारद थे। इस खुली धोखाधड़ी और अधिकारियों के सामने बेखौफ होकर झूठ बोलने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने सफाई नायक बाबूलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
इस औचक निरीक्षण के बाद आगरा नगर निगम में आउटसोर्सिंग के नाम पर चल रहे एक बहुत बड़े सिंडिकेट का भी भंडाफोड़ हुआ है। पार्षद रवि बिहारी माथुर ने गंभीर आरोप लगाया है कि नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव वर्मा के संरक्षण में 1,135 सफाई कर्मचारियों की अतिरिक्त फर्जी तैनाती दिखाई गई है, जो वास्तव में शहर के किसी भी वार्ड में काम करते हुए नजर नहीं आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, पहले आउटसोर्सिंग के सफाई कर्मचारियों की कुल संख्या 2,939 थी, जिसे चुपके से बढ़ाकर 4,074 कर दिया गया। यह अतिरिक्त 1,135 कर्मचारी किस वार्ड में लगाए गए हैं और इनकी सूची क्या है, इसे लेकर पार्षद पिछले एक साल से स्वास्थ्य अधिकारी से दस्तावेज मांग रहे हैं, लेकिन अधिकारी सूची दबाकर बैठे हैं। पार्षदों का आरोप है कि लॉयर्स कॉलोनी की ही तरह शहर के हर वार्ड में कागजों पर ज्यादा और धरातल पर कम कर्मचारी दिखाकर नियुक्ति से लेकर वेतन वितरण तक में हर महीने करोड़ों रुपये का भारी वित्तीय घोटाला किया जा रहा है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी बेहद जरूरी है।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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