Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Friday, 12 June 2026, 04:45:12 PM IST

कासगंज: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर कासगंज पहुंचे। यहाँ उन्होंने शहर के नवनिर्मित उर्मिला गार्डन का भव्य उद्घाटन किया। कासगंज आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरे का मुख्य राजनीतिक आकर्षण पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह यादव की समाजवादी पार्टी में आधिकारिक घर वापसी रहा, जिन्हें अखिलेश यादव ने मंच पर पटका पहनाकर दोबारा पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। इस अवसर पर आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा और चौतरफा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने देश की संप्रभुता, विदेश नीति, आर्थिक फैसलों और स्थानीय कानून व्यवस्था को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए। अखिलेश यादव ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियां देश के लोकतांत्रिक ढांचे और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही हैं।
जनसभा में उमड़े भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देश का आखिरी लोकतांत्रिक चुनाव करार देते हुए एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि देश और प्रदेश की जनता ने साल 2027 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर नहीं का रास्ता नहीं दिखाया, तो भविष्य में देश के भीतर दोबारा कभी लोकतांत्रिक चुनाव देखने को नहीं मिलेंगे। अपने इस दावे के पक्ष में उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए बंगाल विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बंगाल के चुनावों में सरेआम जनता के वोटों को लूटा गया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार किया गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अभी से बूथ स्तर पर मजबूत तैयारी शुरू कर दें, क्योंकि आगामी चुनाव देश के लोकतंत्र को बचाने की आखिरी लड़ाई साबित होने जा रहा है।
भारत की वैश्विक साख और विदेश नीति की आलोचना करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे केंद्र सरकार की आर्थिक संप्रभुता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। उन्होंने कहा कि आज विश्व के आर्थिक मानचित्र पर भारत का बाजार सबसे बड़ा और मजबूत माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा सरकार की कमजोर नीतियों के कारण देश की आर्थिक नीतियां वाशिंगटन और अमेरिका के हिसाब से तय हो रही हैं। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो भी फरमान सुनाते हैं, भारत की सरकार बिना किसी प्रतिरोध के उसे चुपचाप स्वीकार कर लेती है। भाजपा सरकार ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के फायदे के लिए देश के घरेलू बाजार को अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग केवल मुख से ‘स्वदेशी’ होने का ढोंग करते हैं, लेकिन मन और आत्मा से वे पूरी तरह ‘विदेशी’ ताकतों के गुलाम बन चुके हैं।
आम जनता से जुड़े महंगाई और रोजमर्रा के मुद्दों पर बोलते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार जनता को ‘स्मार्ट सिटी’ के हसीन सपने दिखाकर पूरी तरह विफल साबित हुई है। अब शहरों को स्मार्ट बनाने के बजाय घरों में ‘स्मार्ट विद्युत मीटर’ लगाकर गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को दिन-दहाड़े लूटने का काम किया जा रहा है। देश में महंगाई और बेरोजगारी लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच रही है। पेट्रोल के दाम पूरे देश में 100 रुपये प्रति लीटर के पार चले गए हैं, और सरकार जनता की जेब काटने के लिए इसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल की मिलावट कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अगर यह 20 फीसदी की मिलावट न की जाए, तो पेट्रोल की कीमतें और भी आसमान छूने लगेंगी। इस मिलावटी ईंधन के कारण आम नागरिकों के दुपहिया और चार पहिया वाहनों के इंजन समय से पहले खराब हो रहे हैं, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है।
भाषण के अंतिम चरण में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की सामाजिक और प्रशासनिक नीतियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार एक साजिश के तहत गरीबों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूलों को लगातार बंद कर रही है, जबकि दूसरी तरफ पूरे प्रदेश में शराब की दुकानें धड़ल्ले से खोली जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने पूछा कि वह किस प्रकार के साधु-संत हैं जो बच्चों के स्कूल बंद करवाकर शराब की दुकानें खुलवा रहे हैं? उन्होंने तंज कसा कि योगी जी न तो विकास का खेल जानते हैं और न ही जनहित की राजनीति खेलना जानते हैं, उन्हें केवल नफरत का ‘बुलडोजर’ चलाना आता है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह बुलडोजर भी निष्पक्ष नहीं है, बल्कि इसे केवल पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के गरीब लोगों को प्रताड़ित करने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। जनसभा में पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव के समर्थकों ने अखिलेश यादव का आभार जताया, और कार्यक्रम का समापन समाजवाद के नारों के साथ हुआ।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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