Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Thursday, 28 May 2026, 07:50:58 AM IST

Agra SN Medical College Doctors Attacked Case: ताजनगरी के प्रतिष्ठित सरोजनी नायडू (एसएन) मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज के आक्रोशित तीमारदारों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट और गंभीर अभद्रता कर दी। घटना बीते 23 मई की बताई जा रही है, जिसने पूरे अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आरोप है कि तीमारदारों ने न केवल इलाज के जरूरी कार्य में गंभीर बाधा डाली, बल्कि चिकित्साकर्मियों के साथ सरेआम गाली-गलौज करते हुए हिंसक हाथापाई की। इस हिंसक झड़प में ड्यूटी पर मुस्तैद दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लहूलुहान अवस्था में उनके साथी डॉक्टरों द्वारा तुरंत आपातकालीन (इमरजेंसी) वार्ड में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के वार्ड में भर्ती मरीज मनोज का उपचार चल रहा था। इसी दौरान किसी चिकित्सकीय प्रक्रिया अथवा परामर्श की बात को लेकर तीमारदारों और ड्यूटी डॉक्टरों के बीच अचानक तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना ज्यादा बढ़ गया कि तीमारदारों ने विधिक नियमों को ताक पर रखकर अपना आपा खो दिया और डॉक्टरों पर लात-घूंसों से हमला बोल दिया। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस संवेदनशील वार्ड में यह पूरी वारदात घटित हुई, वहाँ उस समय एक भी सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था, जिसके चलते हमलावरों के हौसले बुलंद हो गए और स्थिति और ज्यादा बदतर हो गई।
Brief Highlights
- • Mathura Mass Suicide: मथुरा के खप्पर पुर गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत.
- • मृतकों में पति-पत्नी और तीन बच्चे शामिल, जहरीला पदार्थ खाने से गई जान.
- • दीवार पर मिला सुसाइड नोट: ‘अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं’.
- • मृतका के पिता ने भाई से विवाद की आशंका जताई, पुलिस जांच में जुटी.
- • Mathura Mass Suicide केस में फॉरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत.
इस वीभत्स घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घायल चिकित्सकों को अन्य साथी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तत्परता से तुरंत प्राथमिक और सघन उपचार के लिए इमरजेंसी विंग में ले जाया गया। घटना की लिखित आपातकालीन सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज का शीर्ष प्रशासन और स्थानीय पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुँची। इस बेहद गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. प्रशांत गुप्ता की ओर से मदन मोहन गेट थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर हमलावर आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।
इस हिंसक वारदात के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टरों और इंटर्न्स में भारी आक्रोश और असुरक्षा की भावना फैल गई है। जूनियर डॉक्टरों का साफ तौर पर कहना है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ लगातार बढ़ रही हिंसक और जानलेवा घटनाएं संपूर्ण चिकित्सा व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए एक गंभीर और बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। डॉक्टरों की विभिन्न एसोसिएशनों ने सामूहिक बैठक कर चेतावनी दी है कि यदि अस्पतालों में विधिक सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत नहीं किया गया और फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कार्य बहिष्कार करने को विवश होंगे।
आक्रोशित रेजिडेंट डॉक्टरों का यह भी तर्क है कि यदि रात-दिन जान दांव पर लगाकर काम करने वाले चिकित्सक ही कार्यस्थल पर सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम और गरीब मरीजों का बेहतर तथा तनावमुक्त इलाज पूरी तरह प्रभावित होगा। तीमारदारों को संयम से काम लेना चाहिए, न कि कानून अपने हाथ में लेना चाहिए। इस अप्रत्याशित हिंसक घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा कमियों को दूर करने के लिए पूरे परिसर के सुरक्षा ऑडिट और सीसीटीवी नेटवर्क की गहन समीक्षा शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर कड़ा अंकुश लगाया जा सके।

Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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