Agra Desk, tajnews.in | Wednesday, May 20, 2026, 11:14:00 PM IST

देश के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को गति देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजधानी से एक बहुत ही बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक-व्यापारिक खबर सामने आ रही है। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एक उच्च स्तरीय राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने देश भर के खुदरा और थोक व्यापारियों की गंभीर समस्याओं को लेकर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री से मुलाकात की है। कलेक्ट्रेट और व्यापारिक हलकों में चल रही चर्चाओं के बीच कैट के उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और आगरा जिला अध्यक्ष रोहित कत्याल के नेतृत्व में प्रमुख व्यापारिक नेताओं ने नई दिल्ली स्थित पंचशील भवन में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से एक बेहद औपचारिक और द्विपक्षीय मुलाकात की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान देश और विभिन्न राज्यों से जुड़ी खुदरा (रिटेल) व्यापार व्यवस्था, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों (MSME) के समक्ष आ रही व्यावहारिक बाधाओं और उनके स्थायी समाधानों को लेकर बेहद विस्तार से कड़ा संवाद स्थापित किया गया। आगरा के व्यापारिक प्रतिनिधि रोहित कत्याल ने इस दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं के सरलीकरण और बाजार में नए रोजगार पैदा करने की मांग को देश के पटल पर बहुत प्रमुखता से उठाया है।


रिटेल व्यापार और एमएसएमई सेक्टर की जटिलताओं पर केंद्रीय मंत्री संग गंभीर विमर्श
कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) संपूर्ण भारत के खुदरा और मध्यम वर्गीय छोटे व्यापारियों की सबसे मुखर आवाज माना जाता है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और बाजार में ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनियों की कथित अनैतिक प्रतिस्पर्धा के बीच देश के पारंपरिक ऑफलाइन खुदरा व्यापार के सामने कई कड़े संकट खड़े हो रहे हैं। इसी गंभीर विषय को लेकर देश भर के प्रमुख राज्यों के कैट संगठन के अध्यक्ष और रणनीतिकार एकजुट होकर नई दिल्ली पहुंचे। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के पंचशील भवन स्थित मुख्य कार्यालय में आयोजित इस बैठक का मुख्य एजेंडा छोटे उद्योगों को मिलने वाले लोन और सब्सिडी की जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त करना था।

मुलाकात के दौरान आगरा के जिला अध्यक्ष रोहित कत्याल ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से आगरा संभाग के कुटीर उद्योगों की व्यावहारिक समस्याएं रखीं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ धरातल पर छोटे व्यापारियों को जटिल नियमों के कारण बिल्कुल नहीं मिल पा रहा है। सरकारी कागजी कार्यवाहियों की इसी जटिलता को समाप्त कर पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और एकल खिड़की (सिंगल विंडो क्लियरेंस) के माध्यम से पारदर्शी और सरल बनाने की मांग को बहुत ही तार्किक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने गहनता से विचार करने का ठोस आश्वासन दिया है।
रोजगार के नए अवसर पैदा करने और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने पर पैरवी
चूंकि चिराग पासवान वर्तमान में देश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (Food Processing Industries) मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं, इसलिए इस क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं को लेकर भी व्यापक रोडमैप पर चर्चा की गई। रोहित कत्याल ने आगरा और ब्रज क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों, पेठा उद्योग और आलू प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए विशेष औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि यदि जिला स्तर पर कोल्ड स्टोरेज और फूड Processing यूनिट्स को सरकारी सब्सिडी के साथ आसान ब्याज दरों पर वित्तीय मदद दी जाए, तो स्थानीय स्तर पर ही हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए और सम्मानजनक अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कैट के प्रतिनिधिमंडल की सभी कड़क और व्यावहारिक मांगों को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना और उनके द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र को स्वीकार किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार करने की सुगमता को बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि खुदरा व्यापार और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े नियमों का सरलीकरण करने के लिए उनका मंत्रालय बहुत ही शीघ्र एक अंतर-विभागीय उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रहा है, जो व्यापारियों की चिंताओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करेगी।
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कैट के राष्ट्रीय और विभिन्न प्रांतीय अध्यक्षों की गरिमामयी उपस्थिति
नई दिल्ली में आयोजित इस कड़े और महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के सभी अग्रणी व्यापारिक राज्यों के कैट प्रतिनिधियों की मजबूत मौजूदगी रही। इस दौरान मुख्य रूप से कैट के राष्ट्रीय सचिव पंकज अरोरा और उत्तर प्रदेश के कुशल महामंत्री अखिलेश मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर खुदरा व्यापार नीति (National Retail Trade Policy) के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भी मंत्री महोदय के सामने रखा। बैठक में अशोक वाजपेई, घनश्याम गर्ग, और आगरा के सक्रिय युवा उद्यमी सागर केसरवानी ने भी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर अपने महत्वपूर्ण आर्थिक विचार साझा किए।
इसके साथ ही, अन्य राज्यों से आए कद्दावर नेताओं में बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक वर्मा, बंगाल प्रदेश अध्यक्ष रोहित खैतान, और मध्य प्रदेश अध्यक्ष संजीव जैन ने अपने-अपने राज्यों में कृषि प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और स्थानीय कर विसंगतियों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री को सौंपी। सभी राज्यों के अध्यक्षों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि देश के विकास का रास्ता व्यापारियों की खुशहाली से होकर ही गुजरता है। बैठक के अंत में आगरा जिला अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कत्याल ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। आगरा के व्यापारिक हलकों और राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद स्थानीय व्यापारियों में एक नई सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह देखा जा रहा है। ताज न्यूज़ इस पूरी बड़ी व्यापारिक नीति, कैट प्रतिनिधिमंडल की मांगों और सरकार के आगामी कड़े फसलों की हर एक हलचल पर अपनी पैनी नजर लगातार बनाए हुए है।

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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