Religious Desk, tajnews.in | Wednesday, May 20, 2026, 06:40:00 AM IST

आस्था और सनातन संस्कृति के वैश्विक केंद्र मथुरा-वृंदावन धाम की पावन मर्यादा को पूरी तरह तार-तार करने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक बंगाली वेब सीरीज ‘वृंदावनी वैराग्य’ में परोसी गई कथित अश्लीलता और बोल्ड कंटेंट को लेकर स्थानीय ब्रजवासियों, तीर्थ पुरोहितों और संतों में भारी रोष और गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। आरोप है कि इस फिल्म निर्माताओं ने धार्मिक स्थलों और पवित्र यमुना किनारों का दुरुपयोग करके करोड़ों सनातनी हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को गंभीर ठेस पहुंचाई है। इस विवादित सीरीज का करीब सत्तर प्रतिशत हिस्सा ऐतिहासिक मंदिरों के प्रतिबंधित क्षेत्रों और घाटों पर चोरी-छिपे शूट किया गया है। वर्तमान में इस एडल्ट सामग्री की क्लिपिंग्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे ब्रज की सांस्कृतिक छवि धूमिल हो रही है। इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए वृंदावन के प्रमुख संतों ने जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश पुलिस से दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़े दंडात्मक कदम उठाने की पुरजोर मांग की है।
पावन ब्रजभूमि की आध्यात्मिक साख को चोट पहुंचाने का घिनौना कृत्य
मथुरा और वृंदावन की पावन भूमि केवल भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए सर्वोच्च आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। यहां प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने मन की शांति और ठाकुर बांके बिहारी महाराज व राधा रमण लाल के दर्शनों की अभिलाषा लेकर ब्रज की रज में आते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से व्यावसायिक लाभ कमाने और सस्ते प्रचार के चक्कर में कुछ फिल्म निर्माताओं द्वारा इस पावन क्षेत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। ताजा मामला एक बंगाली भाषा की वेब सीरीज से जुड़ा है, जिसने ब्रजवासियों की धार्मिक भावनाओं को बुरी तरह आहत कर दिया है।
संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक बंगाली वेब सीरीज के कुछ बेहद आपत्तिजनक और बोल्ड दृश्य वायरल होने लगे। इन दृश्यों की पृष्ठभूमि में स्पष्ट रूप से वृंदावन के प्राचीन मंदिर, पवित्र गलियां और यमुना जी के ऐतिहासिक घाट दिखाई दे रहे थे। जैसे ही यह बात स्थानीय निवासियों और धार्मिक संगठनों के संज्ञान में आई, पूरे मथुरा जिले में विरोध की चिंगारी भड़क उठी। ब्रजवासियों का कहना है कि जहां लोग श्रद्धा से सिर झुकाते हैं, वहां इस तरह की अमर्यादित और कामुक फिल्मों की शूटिंग करना सनातन धर्म का खुला अपमान है।
ऐतिहासिक मंदिरों और यमुना घाटों पर चोरी-छिपे हुआ अश्लीलता का फिल्मांकन
इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फिल्म निर्माताओं ने स्थानीय प्रशासन या पुलिस से इस तरह के बोल्ड कंटेंट को फिल्माने की कोई वैध अनुमति बिल्कुल नहीं ली थी। प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों के दावों के अनुसार, एक घंटे तीस मिनट की इस पूरी बंगाली फिल्म का लगभग सत्तर प्रतिशत हिस्सा वृंदावन के संवेदनशील और पूजनीय स्थलों के आसपास ही फिल्माया गया है। कान्हा की नगरी के इन शांत और आध्यात्मिक स्थलों का उपयोग फिल्म की मुख्य कहानी के दृश्यों को दर्शाने के लिए किया गया है।
यह फिल्म मूल रूप से दो लड़कियों और एक लड़के के निजी जीवन की उलझनों, मानसिक अवसाद, भटकाव और उनके आपसी रिश्तों पर आधारित बताई जा रही है। लेकिन इस सामान्य कहानी के बीच में जानबूझकर दर्शकों को आकर्षित करने के लिए अत्यधिक अश्लील, न्यूडिटी और बोल्ड सीन डाले गए हैं। हद तो तब हो गई जब इन दृश्यों को इंटरनेट की विभिन्न एडल्ट और पायरेटेड साइट्स पर अपलोड कर दिया गया। स्थानीय दुकानदारों और घाटों पर रहने वाले पुरोहितों का आरोप है कि फिल्म की टीम ने खुद को सामान्य पर्यटक या डॉक्यूमेंट्री मेकर बताकर छोटे कैमरों से इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में चोरी-छिपे यह अवैध शूटिंग की है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है।
यह भी पढ़ें (ब्रजमंडल और देश की अन्य बड़ी खबरें)
महंत मोहिनी शरण और बिहारीलाल वशिष्ठ ने की सेंसर बोर्ड और कड़े एक्शन की मांग
वृंदावन की मर्यादा को धूमिल करने वाले इस कृत्य के सामने आने के बाद ब्रज के पूजनीय संतों और धर्माचार्यों ने इसे एक सोची-समझी सांस्कृतिक साजिश करार दिया है। इस विषय पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रसिद्ध संत महंत मोहिनी शरण महाराज ने कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBCC) और डिजिटल सेंसरशिप सेल को ऐसी अमर्यादित सीरीज बनाने और उन्हें इंटरनेट पर परोसने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि केवल बाहरी फिल्म मेकर्स ही नहीं, बल्कि ब्रज के जिन स्थानीय लोगों, गाइडों या लॉज मालिकों ने पैसों के लालच में आकर इन लोगों को ऐसे पवित्र स्थलों पर अश्लीलता फैलाने में मदद की है, उन्हें भी चिन्हित कर सह-आरोपी बनाया जाना चाहिए।
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, ब्रज के प्रबुद्ध विचारक और समाजसेवी बिहारीलाल वशिष्ठ ने इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन को घेरने की रणनीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सनातन धर्म की आस्था का मखौल उड़ाना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे बहुत जल्द समाज के अन्य गणमान्य लोगों के साथ मिलकर मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और संबंधित थाने में इन फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और इसे प्रसारित करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के मालिकों के खिलाफ नामजद आईपीसी और आईटी एक्ट की कडी धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने जा रहे हैं। संतों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में चौबीस घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर उचित कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो ब्रज के सभी अखाड़े और धार्मिक संस्थाएं सड़कों पर उतरकर उग्र जनआंदोलन करने के लिए पूरी तरह विवश होंगी।
धार्मिक पर्यटन स्थलों पर डिजिटल सर्विलांस और गश्त बढ़ाने की आवश्यकता
इस सनसनीखेज विवाद के बाद मथुरा-वृंदावन के नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की नींद भी टूट गई है। स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) ने उन सभी होटलों और धर्मशालाओं के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं जहां पिछले कुछ महीनों में कोलकाता और बंगाल से आई किसी फिल्म शूटिंग टीम ने स्टे किया था। स्थानीय निवासियों की मांग है कि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाओं को पूरी तरह से रोकने के लिए बांके बिहारी मंदिर मार्ग, केशी घाट, प्रेम मंदिर और अन्य सभी प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों पर डिजिटल सीसीटीवी सर्विलांस को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही, घाटों पर मुस्तैद रहने वाली जल पुलिस और स्थानीय थानों की चीता बाइकों को नियमित गश्त बढ़ाने के आदेश दिए जाने चाहिए ताकि कोई भी असामाजिक तत्व कैमरों का दुरुपयोग धार्मिक स्थलों की छवि खराब करने के लिए न कर सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पहले ही धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों में मांस, मदिरा और अनैतिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर ब्रज की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रही है। ऐसे में संतों को पूरा भरोसा है कि इस मामले की जांच सीधे उच्च स्तर पर होगी और दोषियों को कानून के तहत ऐसी कड़क सजा मिलेगी जो भविष्य के लिए एक नजीर साबित होगी। ताज न्यूज़ इस पूरी बड़ी सामाजिक और कानूनी जांच प्रक्रिया की हर एक बारीक अपडेट पर अपनी पैनी नजर लगातार बनाए हुए है।

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777



