Lucknow Desk, tajnews.in | Wednesday, May 13, 2026, 10:15:20 AM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बुधवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन हो गया है। प्रतीक यादव की उम्र मात्र 38 साल थी। उनकी मौत की खबर ने राजनीतिक गलियारों और पूरे प्रदेश को भारी सदमे में डाल दिया है। बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत लखनऊ के सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने सघन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रतीक यादव भारतीय जनता पार्टी की नेता अपर्णा यादव के पति थे। फिलहाल पुलिस उनकी मौत का असली कारण नहीं जान पाई है। इसलिए, पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करके उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बुधवार की मनहूस सुबह और अस्पताल का खौफनाक दृश्य
बुधवार की सुबह यादव परिवार के लिए बहुत ही मनहूस और दुखद खबर लेकर आई। प्रतीक यादव की तबीयत अलसुबह अचानक बहुत तेजी से खराब होने लगी। उनके परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें पूरी तरह थम चुकी थीं। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे ने इस दुखद घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। डॉ. देवेश चंद्र पांडे ने बताया कि परिजनों ने प्रतीक को सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर इमरजेंसी में पहुंचाया था। उस समय उनके शरीर में कोई भी हलचल नहीं हो रही थी। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनकी सघन जांच पड़ताल शुरू कर दी। अंततः, डॉक्टरों ने उन्हें मृत अवस्था में लाया गया घोषित कर दिया।

इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इस भारी दुखद घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। पुलिस ने बिना कोई देरी किए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दरअसल, पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सबके सामने आ सकेगी। इस अचानक हुई मौत ने हर किसी को गहरी सोच और अचंभे में डाल दिया है। पूरा अस्पताल परिसर चंद मिनटों में ही भारी पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए आम लोगों का प्रवेश रोक दिया।
राजनीति से दूर रहे प्रतीक, बिजनेस में बनाई बड़ी पहचान
प्रतीक यादव देश के सबसे बड़े और प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक से ताल्लुक रखते थे। वे समाजवादी पार्टी के संस्थापक और दिग्गज नेता मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे। इसके बावजूद, उन्होंने राजनीति की चकाचौंध से हमेशा अपनी एक सुरक्षित दूरी बनाए रखी। उन्होंने कभी भी सक्रिय राजनीति में अपना कोई कदम नहीं रखा। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, प्रतीक ने अपनी उच्च शिक्षा ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पूरी की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने व्यापार की दुनिया में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई। वे लखनऊ में ‘फिटनेस प्लैनेट’ नाम के एक बहुत ही मशहूर और बड़े जिम के मालिक थे।
इसके अलावा, प्रतीक यादव अपना खुद का रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार भी सफलतापूर्वक संभालते थे। व्यापार के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी बहुत ज्यादा सक्रिय और संवेदनशील रहते थे। वे बेसहारा और बीमार जानवरों के लिए ‘जीव आश्रय’ नामक एक स्वयंसेवी संस्था का संचालन करते थे। उनकी संस्था ने कई घायल जानवरों को नया जीवन दिया था। नतीजतन, शहर के युवा और पशु प्रेमी उनका बहुत ज्यादा सम्मान करते थे। उनका यह शांत और सेवाभावी स्वभाव उन्हें एक अलग ही इंसान बनाता था। उनकी इस असमय मौत ने व्यापारिक और सामाजिक जगत को भी भारी ठेस पहुंचाई है।
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अपर्णा यादव के साथ प्रेम विवाह और बिखरा हुआ परिवार
प्रतीक यादव अपने पीछे अपनी पत्नी अपर्णा यादव और दो छोटी बेटियों को अकेला छोड़ गए हैं। प्रतीक और अपर्णा की प्रेम कहानी राजनीतिक हलकों में बहुत ही ज्यादा मशहूर रही है। दोनों के बीच शादी से पहले लगभग 10 सालों तक बहुत गहरा रिश्ता रहा था। उनकी यह दोस्ती स्कूली दिनों में शुरू हुई थी और बाद में अटूट प्यार में बदल गई। इसके बाद 4 दिसंबर 2011 को दोनों ने पवित्र अग्नि के सामने शादी रचा ली। यह शादी मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में एक बेहद भव्य समारोह में हुई थी। यह विवाह पूरे यादव परिवार और प्रदेश के लिए एक बहुत ही चर्चित और विशाल आयोजन था।

शादी के बाद दोनों पति-पत्नी लखनऊ के पॉश इलाके विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास में खुशी-खुशी रहते थे। हालांकि, बुधवार को घटी इस दुखद और मनहूस घटना के समय अपर्णा यादव राजधानी लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। यह भयावह खबर सुनते ही वे अपने सभी कार्यक्रम रद्द करके तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी भारी सदमे में अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। प्रतीक की दोनों छोटी बेटियों के सिर से अचानक पिता का साया उठ गया है। यह मंजर देखकर वहां मौजूद हर इंसान की आंखें पूरी तरह से नम हो गईं। पूरा परिवार इस समय एक गहरे और असहनीय दुख से गुजर रहा है।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर, बड़े नेताओं का जमावड़ा
प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन की खबर जंगल की आग की तरह पूरे प्रदेश में फैल गई। यह दुखद खबर मिलते ही लखनऊ के सिविल अस्पताल के बाहर बड़े नेताओं और समर्थकों का भारी जमावड़ा शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना पर अपना बहुत ही गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रतीक यादव के निधन को समाज और परिवार के लिए एक बहुत ही अपूरणीय और बड़ी क्षति बताया है। वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी खबर मिलते ही तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचे। अखिलेश यादव ने अपने छोटे भाई के निधन पर भारी दुख जताया है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतीक की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि दी। अखिलेश ने अपने संदेश में लिखा कि यह एक अत्यंत दुखद क्षण है और ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी इस घटना पर अपनी गहरी और सच्ची संवेदना प्रकट की है। शहर के बड़े व्यापारी, समाजसेवी और राजनेता लगातार अस्पताल और उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। हर कोई इस जवान मौत पर अपना गहरा दुख और अचरज जता रहा है। पूरे प्रदेश की राजनीति में एक अजीब सा सन्नाटा और मातम पसर गया है।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने दी सांत्वना, सिसक उठा परिवार
प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के अहम पद पर कार्यरत हैं। इस मुश्किल और दुखद घड़ी में कई बड़े नेता और अधिकारी उनके परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान सूचना मिलते ही तुरंत उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर पहुंचीं। उन्होंने वहां पहुंचकर शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें गले लगाकर अपना ढांढस बंधाया। बबीता सिंह चौहान ने अस्पताल के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए इस घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में प्रतीक का यूं चले जाना बहुत ही तकलीफदेह और दिल चीरने वाला है।
उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि ईश्वर इस मुश्किल समय में पूरे परिवार को यह असहनीय दुख सहने की असीम शक्ति प्रदान करे। उधर, समाजवादी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस घटना पर अपना गहरा दुख जताया गया है। पार्टी ने ट्वीट कर दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार के लिए हिम्मत की प्रार्थना की है। पूरे प्रदेश के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं और अपनी-अपनी संवेदनाएं भेज रहे हैं। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि एक हंसता-खेलता परिवार अचानक इस तरह कैसे बिखर गया। यह घटना जीवन की अनिश्चितता का एक बहुत ही क्रूर और कड़वा सच सबके सामने ले आई है।
स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर हमेशा जागरूक रहते थे प्रतीक
प्रतीक यादव अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर हमेशा बहुत ज्यादा सजग और जागरूक रहते थे। वे नियमित रूप से जिम जाते थे और घंटों जमकर पसीना बहाते थे। उनके जिम ‘फिटनेस प्लैनेट’ में शहर के कई बड़े और नामी लोग रोजाना वर्कआउट करने आते थे। प्रतीक खुद भी शहर के युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का बेहतरीन काम करते थे। इसलिए, उनके इस तरह अचानक हुए निधन ने मेडिकल विशेषज्ञों को भी भारी हैरत में डाल दिया है। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि इतने फिट इंसान को अचानक क्या हो गया। आमतौर पर 38 साल की उम्र में इस तरह की अचानक मौत बहुत ही दुर्लभ मानी जाती है।
कुछ लोगों और करीबियों का मानना है कि उन्हें शायद कोई गंभीर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया होगा। हालांकि, अभी तक किसी भी डॉक्टर ने मौत के कारण की कोई आधिकारिक पुष्टि बिल्कुल नहीं की है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया जाएगा। अंतिम संस्कार के सटीक समय और स्थान की आधिकारिक घोषणा परिवार द्वारा कुछ समय बाद की जाएगी। इस बीच, मुलायम सिंह यादव के पुराने चाहने वाले और पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उनके आवास के बाहर जुटना शुरू हो गए हैं। पूरे शहर का माहौल इस समय बहुत ही गमगीन, भारी और दर्दनाक हो गया है।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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