Agra Health News: समाज से भ्रांतियां दूर करेगी सूरज तिवारी की डाक्यूमेंट्री “नेत्रदान”, भव्य प्रीव्यू शो का हुआ आयोजन

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Agra Desk, tajnews.in | Tuesday, May 12, 2026, 02:21:11 AM IST

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Agra Desk | Health & Social Awareness

उत्तर प्रदेश के आगरा में समाज को एक नई और स्पष्ट दिशा देने के उद्देश्य से डाक्यूमेंट्री फिल्म “नेत्रदान” (कॉर्निया डोनेशन) का एक भव्य प्रीव्यू शो आयोजित किया गया। इस शानदार कार्यक्रम की शुरुआत प्रथम पूज्य भगवान गणेश को नमन करने के साथ हुई। इस महत्वपूर्ण फिल्म को जाने-माने निर्देशक सूरज तिवारी ने लिखा और निर्देशित किया है। फिल्म का मुख्य उद्देश्य नेत्रदान से जुड़ी तमाम भ्रांतियों और झूठे डर को जड़ से खत्म करना है। फिल्म में बहुत ही सरल और सहज तरीके से समझाया गया है कि कॉर्निया डोनेशन एक बहुत ही आसान और सुरक्षित प्रक्रिया है। इससे किसी के अंतिम संस्कार में कोई बाधा नहीं आती और न ही चेहरा खराब होता है। इस कार्यक्रम में शहर के कई बड़े नेताओं, समाजसेवी संगठनों और प्रमुख अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान मंच से फिल्म के पोस्टर का भी भव्य विमोचन किया गया।

Documentary Film Netradaan Preview Show in Agra
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु
  • भव्य प्रीव्यू शो: आगरा में सूरज तिवारी निर्देशित डाक्यूमेंट्री फिल्म “नेत्रदान” का भव्य और सफल प्रीव्यू शो आयोजित किया गया।
  • भ्रांतियां होंगी दूर: फिल्म का मूल संदेश यह है कि कॉर्निया डोनेशन से ना तो चेहरा खराब होता है और ना ही कोई समस्या आती है।
  • दिग्गज हस्तियों के विचार: फिल्म में सांसद एसपी सिंह बघेल और सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव सहित कई बड़े लोगों के विचार शामिल हैं।
  • नेत्रदानियों का सम्मान: कार्यक्रम में नेत्रदान करने वाले और नेत्र प्राप्त करने वाले परिवारों को मिमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

समाज से झूठ और डर दूर करेगी फिल्म ‘नेत्रदान’

भारतीय समाज में आज भी नेत्रदान को लेकर बहुत सारी झूठी भ्रांतियां और अनावश्यक डर फैला हुआ है। लोग सोचते हैं कि नेत्रदान करने से चेहरा खराब हो जाता है या अंतिम संस्कार में दिक्कतें आती हैं। इन सभी झूठे मिथकों को तोड़ने के लिए आगरा में एक बहुत ही सार्थक और रचनात्मक कदम उठाया गया है। प्रसिद्ध निर्देशक सूरज तिवारी ने ‘नेत्रदान’ (कॉर्निया डोनेशन) विषय पर एक अत्यंत प्रभावशाली डाक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण किया है। इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और उन्हें नेत्रदान के लिए प्रेरित करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए शहर में इस डाक्यूमेंट्री का एक भव्य प्रीव्यू शो आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फिल्म को देखते ही वहां मौजूद दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।

फिल्म में बहुत ही वैज्ञानिक और स्पष्ट तरीके से कॉर्निया डोनेशन की पूरी प्रक्रिया को समझाया गया है। फिल्म यह साफ करती है कि इस प्रक्रिया में पूरी आंख नहीं निकाली जाती है, बल्कि केवल आंख का ऊपरी हिस्सा (कॉर्निया) ही लिया जाता है। इसके अलावा, इस पूरी प्रक्रिया में महज 15 से 20 मिनट का समय लगता है। इसलिए, इससे शव के चेहरे पर कोई भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। फिल्म एक मजबूत संदेश देती है कि हमें मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने की पहल जरूर करनी चाहिए। हमारे इस छोटे से कदम से किसी ऐसे व्यक्ति की दुनिया रोशन हो सकती है, जिसने कभी रोशनी नहीं देखी।

Suraj Tiwari Director of Netradaan Film with guests

सूरज तिवारी का कुशल निर्देशन और बेहतरीन टीम वर्क

इस शानदार डाक्यूमेंट्री फिल्म के निर्माण के पीछे एक पूरी टीम की बहुत बड़ी और अथक मेहनत छिपी हुई है। फिल्म को सूरज तिवारी ने खुद लिखा है और इसका शानदार निर्देशन भी उन्होंने ही किया है। सूरज तिवारी हमेशा से समाज से जुड़े गंभीर विषयों पर काम करने के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में कैमरा वर्क का काम कमाल लोखंडवाला और सुनील राज ने बहुत ही खूबसूरती से किया है। उन्होंने दृश्यों को बहुत ही सजीव और मार्मिक रूप दिया है। इसके अलावा, फिल्म में अभिनय की जिम्मेदारी ब्रज के मशहूर कलाकार रवि परिहार और ज्योति आदि ने बहुत ही संवेदनशीलता के साथ निभाई है। उनका अभिनय दर्शकों के दिलों को सीधे छू लेता है।

फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन का जिम्मा अंशु कुशवाह (सिनेमाफाई) ने संभाला है, जिन्होंने एडिटिंग में अपनी पूरी महारत दिखाई है। वहीं, प्रोडक्शन हेड की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी डॉ. राहत जहां खानम ने बहुत ही कुशलता से पूरी की। उनके साथ प्रोडक्शन टीम में पंकज शर्मा, बॉबी और विजय आदि ने भी दिन-रात काम करके अपना पूरा सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान इन सभी कलाकारों और टीम के सदस्यों को मंच पर बुलाकर उनका भव्य स्वागत किया गया। अतिथियों ने उन सभी को उनके इस नेक काम के लिए सम्मानित भी किया।

Dignitaries releasing the poster of the documentary film Netradaan

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समाज के दिग्गजों और प्रभावी व्यक्तित्वों के इंटरव्यू

इस डाक्यूमेंट्री फिल्म को और अधिक प्रामाणिक और प्रभावी बनाने के लिए इसमें कई प्रतिष्ठित हस्तियों के इंटरव्यू शामिल किए गए हैं। फिल्म के निर्माताओं ने ऐसे लोगों को चुना है, जिनकी बात का समाज पर एक गहरा और सीधा प्रभाव पड़ता है। फिल्म में आगरा के सांसद प्रोफेसर एस पी सिंह बघेल ने भी अपने विचार रखे हैं। इसके अलावा, विधायक योगेंद्र उपाध्याय और एमएलसी विजय शिवहरे ने भी नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डाला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव और एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता ने भी इस फिल्म में वैज्ञानिक और चिकित्सा संबंधी जानकारी साझा की है।

Audience and guests watching the documentary film Netradaan

राजनीतिक और प्रशासनिक चेहरों के अलावा, शहर के कई बड़े समाजसेवियों ने भी फिल्म में अपना अहम योगदान दिया है। सतीश अरोड़ा और पूरण डावर जैसे वरिष्ठ समाजसेवियों ने लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित किया है। प्रशांत ए सागर (मैक एनिमेशन्स), डॉ. अरुण शर्मा (मोशन एकेडमी) और समाजसेविका ज़ीनत ज़ीशान ने भी फिल्म में अपने-अपने विचार व्यक्त किए हैं। इसके साथ ही, डॉ. अशोक पचौरी, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, जी पी अग्रवाल और पी एल शर्मा जैसे गणमान्य लोगों ने भी इस पुण्य काम का खुले दिल से समर्थन किया है। इन सभी के मिले-जुले संदेशों से फिल्म बहुत ही ज्यादा दमदार बन गई है。

Felicitation of Netradaan families at the Agra event

नेत्रदानी परिवारों का हुआ सम्मान, भावुक हुआ माहौल

कार्यक्रम का सबसे ज्यादा भावुक और मार्मिक क्षण वह था, जब नेत्रदान करने वाले और नेत्र प्राप्त करने वाले परिवारों को एक साथ मंच पर बुलाया गया। यह एक बहुत ही अद्भुत दृश्य था। दरअसल, जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों की आंखें दान की थीं, उनकी उपस्थिति ने पूरे सभागार का माहौल भावुक कर दिया। कार्यक्रम में मनीष बंसल, गिर्राज किशोर सिंघल और जवाहर लाल अग्रवाल के परिजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा, जावेद हाशमी जैसे वे लोग भी मौजूद थे, जिन्हें इन दान की गई आंखों से नई रोशनी मिली है।

Special guests on the stage during the Netradaan preview show

सबसे खास बात यह रही कि नेत्रदान करने वाले परिवार यह बिल्कुल नहीं जानते थे कि उनकी दान की गई आंखें किसे लगाई गई हैं। ठीक इसी तरह, रोशनी पाने वाले लोगों को भी यह मालूम नहीं था कि उन्हें किसके द्वारा आंखें मिली हैं। यह सब एक निस्वार्थ और बेनाम सेवा का प्रतीक था। आयोजकों ने मंच पर सभी नेत्रदानी परिवारों और प्राप्तकर्ताओं को एक साथ खड़ा किया। उन सभी को पटका पहनाकर और मिमेंटो देकर बहुत ही आदर के साथ सम्मानित किया गया। इस पल को देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें भर आईं।

Social workers and politicians at the Netradaan film event

बिना किसी सरकारी सहायता के हुआ फिल्म का निर्माण

इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने भी अपना बहुत ही प्रेरक विचार रखा। उन्होंने कहा कि आज के इस कलयुग में अपनी मृत्यु के बाद आंखों का दान करने से बड़ा कोई भी महान दान दिखाई नहीं देता है। इसमें इंसान का कुछ भी खर्च नहीं होता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे अपने जीवित रहते हुए नेत्रदान का रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। विधायक के अलावा, कार्यक्रम में डॉ. रजनीश त्यागी, रणजीत समा और अन्य कई विशिष्ट जन मंचासीन रहे।

इस दौरान एक बहुत ही कड़वा सच भी सामने आया। फिल्म निर्माताओं ने बताया कि इस महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्री को बनाने में उन्हें किसी भी तरह की कोई सरकारी सहायता नहीं मिली है। इसके अलावा, शहर की कई बड़ी सामाजिक संस्थाओं ने शुरुआत में सहयोग करने का झूठा आश्वासन दिया, लेकिन बाद में उन्होंने भी पूरी तरह से अपने हाथ पीछे खींच लिए। निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी से भी पैसे की कोई मांग नहीं की थी। वे सिर्फ इतना चाहते थे कि जो लोग इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, वे उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराएं। हालांकि, वह छोटी सी मदद भी उन्हें नहीं मिली। लेकिन इन सभी मुश्किलों के बावजूद, टीम ने हार नहीं मानी और एक शानदार फिल्म का निर्माण कर दिखाया।

Local citizens showing support for eye donation in Agra

फिल्म देखकर समाजसेवी ने ली नेत्रदान की शपथ

फिल्म के लेखक और निर्देशक सूरज तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि अगर हम समाज से जुड़े ऐसे ही गंभीर विषयों पर लगातार काम करते रहेंगे, तो निश्चित रूप से समाज में व्याप्त तमाम भ्रांतियां एक दिन दूर हो जाएंगी। उनकी इस बात का असर तुरंत कार्यक्रम में ही देखने को मिल गया। फिल्म का प्रीव्यू देखने के ठीक बाद समाजसेवी नेता मधुकर अरोड़ा बहुत ज्यादा प्रेरित हो गए। उन्होंने मंच पर आकर खुलेआम घोषणा की कि वह आज ही स्वेच्छा से अपने नेत्रदान करने की शपथ लेते हैं। उनका यह कदम वहां मौजूद सभी लोगों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गया।

Director Suraj Tiwari addressing the media and audience

इस पूरे कार्यक्रम का संचालन रीनेश मित्तल ने बहुत ही सधे हुए और सहज तरीके से किया। उनकी बेहतरीन एंकरिंग ने पूरे कार्यक्रम को बहुत ही सुव्यवस्थित रखा। अंत में रीनेश को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जितेंद्र फौजदार, राकेश अवस्थी, अदिति कात्यानी, पल्लवी महाजन और अंशिका सक्सेना जैसी कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहीं। इसके अलावा, पी एस गीत, किरन तनेजा, अनामिका मिश्रा, वंदना तिवारी, धनंजय सिंह, प्रशांत रस्तोगी, संतोष सिकरवार और नीरज अग्रवाल आदि ने भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूनम अरोड़ा और रीमा अरोड़ा ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग दिया।

Group photo of the Netradaan film cast, crew and guests

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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