Agra Desk, tajnews.in | Thursday, May 7, 2026, 09:45:00 PM IST

ताजनगरी आगरा के संजय प्लेस स्थित आयकर (Income Tax) विभाग के मुख्यालय में बृहस्पतिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। विभाग में रिकवरी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात 50 वर्षीय सुरेश चंद्र मौर्य ने विभागीय बहुमंजिला इमारत की सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इस खौफनाक घटना से पूरे परिसर में भारी हड़कंप मच गया। मृतक अधिकारी मूल रूप से लखनऊ के निवासी थे। वह शाम करीब सवा 5 बजे स्कूटर से अपने दफ्तर पहुंचे थे। उनके बिल्डिंग में प्रवेश करने के कुछ ही देर बाद उनका लहूलुहान शव इमारत के नीचे फर्श पर पड़ा मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में तनाव और मानसिक अवसाद की बात सामने आ रही है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की हर एंगल से गहन जांच शुरू कर दी गई है।
शाम का सन्नाटा और मौत की छलांग: खौफनाक था मंजर
आगरा शहर का संजय प्लेस इलाका हमेशा चहल-पहल और व्यावसायिक गतिविधियों से भरा रहता है। यहीं पर आयकर विभाग का आलीशान और बहुमंजिला दफ्तर स्थित है, जो थाना हरीपर्वत क्षेत्र के अंतर्गत आता है। बृहस्पतिवार का दिन भी अन्य दिनों की तरह ही सामान्य रूप से बीत रहा था। दफ्तर का नियमित कामकाज लगभग खत्म होने को था। शाम के सवा 5 बज चुके थे। इसी बीच, रिकवरी इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र मौर्य अपने स्कूटर से कार्यालय परिसर में प्रवेश करते हैं। ताज न्यूज़ की ग्राउंड रपट के अनुसार, उन्हें देखकर किसी को भी इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल यहां कोई बड़ी अनहोनी होने वाली है।
सुरेश चंद्र मौर्य ने बेहद शांत भाव से अपना स्कूटर विभाग की निर्धारित पार्किंग में खड़ा किया। इसके बाद वह सीधे बिल्डिंग के मुख्य द्वार की ओर चल दिए। गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने जब उनसे इतनी शाम को दफ्तर आने का कारण पूछा, तो उन्होंने सहजता से जवाब दिया कि उनका कुछ जरूरी काम बाकी है। अक्सर अधिकारी लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए देर शाम तक रुकते हैं या दोबारा दफ्तर आ जाते हैं, इसलिए गार्ड ने उन्हें अंदर जाने दिया। बताया जा रहा है कि सुरेश चंद्र सीधे लिफ्ट या सीढ़ियों के माध्यम से बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर जा पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी चप्पलें उतारीं और फिर अचानक इमारत की ऊंचाई से नीचे छलांग लगा दी।
तेज आवाज से गूंजा परिसर, लहूलुहान शव देख उड़े होश
इमारत के नीचे लिफ्ट और सीढ़ियों के पास का माहौल एकदम शांत था, तभी अचानक किसी भारी वस्तु के गिरने की बहुत तेज आवाज आई। इस खौफनाक आवाज ने पूरे परिसर का सन्नाटा चीर दिया। आवाज सुनकर मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड और कुछ अन्य कर्मचारी तुरंत उस दिशा की ओर दौड़े। जब वे लोग घटनास्थल पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक व्यक्ति खून से लथपथ हालत में ठंडे फर्श पर औंधे मुंह पड़ा हुआ था। जमीन पर खून तेजी से फैल रहा था।
पास जाकर जब लोगों ने चेहरे की तरफ देखा, तो मृतक की पहचान विभाग के ही वरिष्ठ रिकवरी इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र मौर्य के रूप में हुई। यह देखते ही कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। पलक झपकते ही वहां भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में पुलिस कंट्रोल रूम और विभागीय उच्चाधिकारियों को इस दर्दनाक घटना की सूचना दी गई। इस घटना ने सरकारी महकमे में बैठे हर व्यक्ति को अंदर तक हिला कर रख दिया है। एक जिम्मेदार और वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस तरह सरेआम अपने ही दफ्तर में जान दे देना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह: पुलिस जांच में हुए अहम खुलासे
घटना की जानकारी मिलते ही थाना हरीपर्वत पुलिस और डीसीपी सिटी (DCP City) सैयद अली अब्बास दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल को बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया। इसके साथ ही मृतक इंस्पेक्टर के परिवार को इस हृदयविदारक घटना की सूचना दी गई। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सुरेश चंद्र मौर्य पिछले कुछ समय से भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। उनका एक मनोचिकित्सक (Psychiatrist) से बाकायदा उपचार भी चल रहा था। पुलिस इस घटना के पीछे किसी पारिवारिक कलह या अवसाद को एक बड़ा कारण मानकर चल रही है। हालांकि, पुलिस को मौके या मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट (Suicide Note) बरामद नहीं हुआ है।
जांच अधिकारियों ने जब सातवीं मंजिल का मुआयना किया, तो वहां सीढ़ियों के पास सुरेश चंद्र की चप्पलें रखी हुई मिलीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने वहीं से छलांग लगाई थी। खबर सुनते ही ब्रज द्वारिका कॉलोनी से सुरेश चंद्र मौर्य के परिजन बदहवास हालत में रोते-बिलखते हुए इनकम टैक्स कार्यालय पहुंच गए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने परिजनों को ढांढस बंधाया और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शव का पंचनामा भरवाया। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए शव को पोस्टमार्टम के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर भेज दिया गया है।
सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स: हर पहलू की हो रही है जांच
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस कोई भी कोताही नहीं बरतना चाहती है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच हर एंगल से की जा रही है। फॉरेंसिक टीम (Field Unit) ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने इनकम टैक्स भवन में लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की डीवीआर (DVR) को अपने कब्जे में ले लिया है। सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हो सकेगा कि सुरेश चंद्र मौर्य किस समय अंदर आए, क्या उनके साथ कोई और भी था, और घटना से ठीक पहले उनकी मानसिक स्थिति कैसी प्रतीत हो रही थी।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मृतक इंस्पेक्टर के मोबाइल फोन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। साइबर सेल की मदद से उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाली जा रही है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि आत्महत्या करने से कुछ घंटे पहले उन्होंने किससे बात की थी। उनके साथ काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों से भी सघन पूछताछ की जा रही है। निष्कर्ष के तौर पर, सरकारी नौकरी में काम के अत्यधिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के गिरते स्तर पर यह घटना एक गंभीर बहस छेड़ती है। ‘ताज न्यूज़’ इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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