Agra Desk, tajnews.in | Tuesday, May 12, 2026, 09:10:45 PM IST

उत्तर प्रदेश के आगरा में मदर्स डे के अवसर पर रविवार की शाम एक बेहद भक्तिमय नजारा देखने को मिला। रिवर कनेक्ट कैंपेन द्वारा यमुना आरती स्थल पर विशेष सेवा, पूजा और आरती का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धा और सेवा का एक अनूठा संगम घाट पर उमड़ा। यमुना की शांत लहरों और शीतल मंद बयार के बीच श्रद्धालुओं ने अपनी जीवनदायिनी नदी को मां का दर्जा देते हुए पूजना शुरू किया। आध्यात्मिक माहौल ने पूरे आयोजन को एक अलौकिक आभा प्रदान की। बड़ी संख्या में जुटे नागरिकों ने सामूहिक रूप से मां यमुना की आराधना की। इसके साथ ही उन्होंने शहरवासियों की ओर से पूरे उत्साह के साथ मदर्स डे मनाया। आयोजकों ने यमुना की गिरती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे बचाने का संकल्प भी लिया।

मां के रूप में पूजी गई जीवनदायिनी यमुना
पूरी दुनिया में मदर्स डे को अपनी माताओं के प्रति सम्मान और प्यार जताने के लिए मनाया जाता है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के आगरा में इस बार पर्यावरण प्रेमियों और श्रद्धालुओं ने इस दिन को एक व्यापक अर्थ दिया। रिवर कनेक्ट कैंपेन के तत्वावधान में यमुना के पावन तट पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। भक्तों का मानना है कि यमुना केवल एक जलधारा नहीं है, बल्कि वह करोड़ों लोगों की आध्यात्मिक और भौतिक माता है। यही कारण है कि रविवार शाम आरती स्थल पर उमड़ा जनसैलाब यमुना मैय्या के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने पहुंचा था। कार्यक्रम का वातावरण इतना पवित्र था कि हर कोई भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
आयोजन की शुरुआत यमुना मैय्या के विधिवत दुग्धाभिषेक के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित भक्तों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां यमुना की अर्चना की। प्रार्थनाओं के सुरों ने पूरे घाट को गुंजायमान कर दिया। इसके बाद दीपों की जगमगाहट और घंटों की मधुर गूंज के बीच भव्य यमुना आरती का आयोजन हुआ। आरती के समय भक्तों की श्रद्धा देखते ही बनती थी। पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से लबरेज हो गया था। सामूहिक आरती में शामिल होकर लोगों ने यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाने का मौन संकल्प भी लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि सामाजिक जागरूकता का एक बड़ा मंच भी साबित हुआ।

बृज खंडेलवाल ने दिया यमुना संरक्षण का संदेश
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने इस अवसर पर बेहद भावुक और प्रभावशाली संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि यमुना हमारी सांस्कृतिक आत्मा है। इसके बिना ब्रज की कल्पना करना भी असंभव है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मां की तरह यमुना सदियों से हमारे समाज का निस्वार्थ पालन-पोषण करती आई है। हालांकि, आज विडंबना यह है कि वही जीवनदायिनी नदी खुद प्रदूषण और मानवीय उपेक्षा का दर्द झेल रही है। बृज खंडेलवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है जब हमें केवल पूजा तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आगरा के प्रत्येक नागरिक से यमुना संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने की पुरजोर अपील की।
कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। सभी का एक ही स्वर था कि नदी की स्वच्छता के बिना पर्यावरण की रक्षा संभव नहीं है। वक्ताओं ने जल बचाने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि हमने आज अपनी नदियों को नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए भविष्य अंधकारमय होगा। इस दौरान नदी में गिरते गंदे नालों और कचरे को लेकर भी प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की गई। रिवर कनेक्ट कैंपेन पिछले कई वर्षों से लगातार यमुना की अविरलता के लिए संघर्ष कर रहा है। मदर्स डे के बहाने उन्होंने एक बार फिर समाज के हर वर्ग को इस गंभीर मुद्दे से जोड़ने का प्रयास किया है।

यह भी पढ़ें (आगरा की बड़ी खबरें)
भजन और कराओके प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गंभीर चर्चाओं के बाद कार्यक्रम ने सांगीतिक रूप ले लिया। विशाल झा के कुशल निर्देशन में भजनों की एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां हुईं। सामूहिक गायन और कराओके प्रस्तुतियों ने घाट के पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। संगीत की मधुर धुनें यमुना की लहरों के साथ मिलकर एक अलौकिक संगीत पैदा कर रही थीं। पंडित हरि दत्त शर्मा ने मां यमुना के सम्मान में ऐसे भजन गाए कि श्रोता भावविभोर हो उठे। उनके सुरीले कंठ से निकले शब्दों ने समां बांध दिया। श्रद्धालुओं ने भी उत्साह के साथ मां यमुना की महिमा के गीत गाए। यह सांगीतिक संध्या मां के प्रति समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक बन गई।
संगीत के माध्यम से भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। गीतों के बीच-बीच में गायकों ने नदी की सफाई को लेकर लोगों को प्रेरित किया। वहां मौजूद युवा वर्ग ने इस पहल की खूब सराहना की। कराओके के माध्यम से भक्तों को भी अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अवसर मिला। सामूहिक गान के दौरान घाट पर एक अलग ही ऊर्जा का संचार हो रहा था। यह आयोजन यह दर्शाने में सफल रहा कि कला और भक्ति के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है। उपस्थित जनों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और देर शाम तक भजनों का आनंद लिया।

गणमान्य नागरिकों की रही विशेष उपस्थिति
इस गरिमामय समारोह में उत्तर प्रदेश के आगरा की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम की सफलता में राज कुमार माहेश्वरी, डॉ मुकुल पांड्या और डॉ देवाशीष भट्टाचार्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके साथ ही डॉ हरेंद्र गुप्ता, डॉ मुनीश्वर गुप्ता और गोस्वामी नंदन श्रोतरीय ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। महिला शक्ति की ओर से डॉ ज्योति खंडेलवाल, मीरा खंडेलवाल और पद्मिनी अय्यर ने यमुना संरक्षण के संकल्प को मजबूती दी। चतुर्भुज तिवारी, सतीश गुप्ता, दीपक राजपूत और मुकेश चौधरी जैसे समाजसेवियों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। होतेंद्र सिंह और अमित लवानिया की उपस्थिति ने आयोजन के उत्साह को और अधिक बढ़ा दिया।
सभी उपस्थित अतिथियों ने एक स्वर में रिवर कनेक्ट कैंपेन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माना कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और प्राकृतिक संसाधनों से जोड़ने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं और आगंतुकों को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद लोग मां यमुना के जयकारे लगाते हुए विदा हुए। यह मदर्स डे उत्सव केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक नई जिम्मेदारी का शंखनाद बनकर उभरा। रिवर कनेक्ट कैंपेन ने सिद्ध कर दिया कि यदि नागरिक चाहें तो अपनी धरोहरों को संवारने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

Trending Tags

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777



