Agra Desk, tajnews.in | Saturday, May 9, 2026, 11:35:00 PM IST


ताजनगरी आगरा की स्वास्थ्य सेवाओं को अब एक बड़ी और नई ताकत मिल गई है। ऐतिहासिक सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC) में 193 नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारियों की बंपर तैनाती की गई है। इन सभी नए अधिकारियों को अस्पताल के माहौल और कार्यप्रणाली से भलीभांति अवगत कराने के लिए कॉलेज परिसर में एक विशेष ‘इंडक्शन ट्रेनिंग’ (Induction Training) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस 6 दिवसीय सघन प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने सभी नए नर्सिंग अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके अलावा, उन्होंने सभी से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मरीजों की सेवा करने का आह्वान किया। इस ट्रेनिंग से अस्पताल की व्यवस्थाओं में भारी सुधार देखने को मिलेगा।
आगरा की स्वास्थ्य सेवाओं में नया मील का पत्थर
आगरा का सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC) पूरे ब्रज क्षेत्र का सबसे बड़ा और प्रमुख सरकारी अस्पताल है। यहां रोजाना हजारों की संख्या में मरीज अपना इलाज कराने आते हैं। मरीजों की इस भारी भीड़ को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। किसी भी बड़े अस्पताल की रीढ़ वहां का नर्सिंग स्टाफ ही होता है। नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण अक्सर मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। हालांकि, अब इस बड़ी समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया गया है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने 193 नए नर्सिंग अधिकारियों की एक साथ तैनाती करके एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इतनी बड़ी संख्या में ऊर्जावान नर्सिंग अधिकारियों के जुड़ने से वार्डों और आईसीयू (ICU) की व्यवस्थाएं पूरी तरह से बदल जाएंगी। मरीजों को अब समय पर दवाइयां और बेहतर देखभाल मिल सकेगी।
डॉ प्रशांत गुप्ता ने बढ़ाया नए अधिकारियों का हौसला
इस बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव को सुचारू रूप से लागू करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के लिए एक विशेष इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता ने की। उन्होंने सबसे पहले सभी 193 नए नर्सिंग अधिकारियों का मेडिकल कॉलेज परिवार में हार्दिक स्वागत किया। डॉ प्रशांत गुप्ता ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि नर्सिंग का पेशा केवल एक नौकरी नहीं है। यह असल में मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मरीजों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना ही अस्पताल का अंतिम और सर्वोच्च लक्ष्य है।

6 दिवसीय विशेष ट्रेनिंग: मरीजों की सुरक्षा है सर्वोपरि
अस्पताल की कार्यप्रणाली को समझना हर नए कर्मचारी के लिए बेहद जरूरी होता है। इंडक्शन ट्रेनिंग के आयोजन अध्यक्ष और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) प्रोफेसर गजेंद्र विक्रम सिंह ने इस 6 दिवसीय ट्रेनिंग के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रोफेसर गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह से व्यावहारिक और आधुनिक चिकित्सा मानकों पर आधारित है। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य इन युवा अधिकारियों को संस्थान की अंदरूनी कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। नए अधिकारियों को अस्पताल की नीतियों और बुनियादी नियमों के बारे में गहराई से बताया जा रहा है। इसके अलावा, मरीज की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) इस प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। वार्डों में साफ-सफाई कैसे रखनी है और मरीजों को संक्रमण से कैसे बचाना है, इसके स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
आपातकालीन प्रबंधन और आपातकालीन कोड (Emergency Codes)
मेडिकल प्रोफेशन में हर एक सेकंड बहुत कीमती होता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में ‘कोड प्रणाली’ का उपयोग किया जाता है। प्रोफेसर गजेंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को ‘कोड ब्लू’ (Code Blue) और ‘कोड रेड’ (Code Red) जैसे आपातकालीन कोड प्रबंधन के बारे में भी गहन जानकारी दी। जब किसी मरीज की धड़कन अचानक रुक जाती है, तो उसे तुरंत सीपीआर (CPR) देने के लिए पूरी टीम को कैसे सक्रिय करना है, यह सब विस्तार से समझाया गया। इसके साथ ही, नर्सिंग अधिकारियों को उनके नैतिक और व्यावसायिक दायित्वों का भी कड़ाई से बोध कराया गया है। मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना और उनकी निजता का सम्मान करना इस पेशे की पहली शर्त है।
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NABH मानकों और टीम वर्क पर विशेष जोर
अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कई विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। इन विशेषज्ञों ने एनएबीएच (NABH) मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। मरीजों के इलाज का सही और सटीक रिकॉर्ड संधारण (Record Maintenance) करना कितना आवश्यक है, यह भी नए अधिकारियों को समझाया गया। एक अच्छा मेडिकल रिकॉर्ड मरीजों के भविष्य के इलाज में बहुत काम आता है। इसके साथ ही, अस्पताल में टीम वर्क (Team Work) के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। डॉक्टर, नर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को एक यूनिट के रूप में कैसे काम करना है, इस पर जोर दिया गया। प्रभावी संचार कौशल (Communication Skills) के माध्यम से मरीजों और उनके परिजनों से कैसे बात करनी है, इसके बारे में भी उचित दिशा-निर्देश दिए गए।
सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचाएं
भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा गरीब मरीजों के लिए कई महत्वकांक्षी स्वास्थ्य परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। इंडक्शन ट्रेनिंग के आयोजन सचिव और विभागाध्यक्ष कम्युनिटी मेडिसिन डॉ रेनू अग्रवाल ने इन सभी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में नए नर्सिंग अधिकारियों को जागरूक किया। डॉ रेनू अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे इन सरकारी योजनाओं का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम गरीब और असहाय मरीजों को इन योजनाओं की जानकारी दें ताकि आम जनमानस को महंगे इलाज से राहत मिल सके। इस चर्चा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक नई और सामाजिक दिशा प्रदान की।
अनुशासन, समयबद्धता और समर्पण ही है असली सेवा
इस भव्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसएन मेडिकल कॉलेज के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्य डॉ टी.पी. सिंह, प्रमुख अधीक्षक डॉ ब्रजेश शर्मा और प्रधानाचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग डॉ. सीमा यादव ने भी अपनी अहम उपस्थिति दर्ज कराई। डॉ टी.पी. सिंह और डॉ ब्रजेश शर्मा ने सभी नए प्रतिभागियों को कड़े अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में समयबद्धता (Punctuality) का पालन करना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने सभी नर्सिंग अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूर्ण निष्ठा और समर्पित भाव से मेडिकल कॉलेज में आने वाले गरीब रोगियों की सेवा करें। एक नर्स की मुस्कान और अच्छी देखभाल किसी भी दवा से ज्यादा तेजी से असर करती है।
इन वरिष्ठ अधिकारियों का रहा विशेष योगदान
एसएन मेडिकल कॉलेज के इस पूरे इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम को सफल बनाने में नर्सिंग विभाग की भूमिका बेहद सराहनीय रही। कार्यक्रम की व्यवस्था और संचालन में डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट राकेश शर्मा ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उनके साथ नर्सिंग प्रभारी बी.एल. पाठक और सह प्रभारी श्रीमती सपना कक्कड़ ने भी आयोजन को सुचारू रूप से चलाने में अपना पूरा सहयोग दिया। इसके अलावा, कॉलेज ऑफ नर्सिंग से उपप्रधानाचार्या प्रोफेसर जसलीन जेम्स ने भी अपने विचार रखे। नर्सिंग शिक्षक शंकर गुणदैया और भगाराम चौधरी ने नए अधिकारियों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में पुराने नर्सिंग अधिकारियों ने भी अपना विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए एक औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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