कमला नगर में 25 अगस्त की रात हुई थी तमंचे के बल पर लूट, कारोबारी की दिनचर्या की जानकारी रखने वाले व्यक्ति ने कराई थी रेकी; चौथा आरोपी फरार
क्राइम डेस्क, 🌐 tajnews.in | सोमवार, 31 अगस्त 2026, 06:51:55 AM IST

tajnews.in | आगरा: कमला नगर क्षेत्र में पोशाक कारोबारी आनंद गुप्ता से तमंचे के बल पर हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट की रकम में से 1 लाख 200 रुपये बरामद किए हैं। वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट की योजना कथित तौर पर आर्थिक तंगी और कर्ज के कारण बनाई गई थी। मुख्य आरोपी ने अपनी बाइक गिरवी रखी हुई थी और उसे छुड़ाने के लिए उसने साथियों के साथ मिलकर कारोबारी को निशाना बनाया। पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपियों की नजर आगे भी अन्य कारोबारियों पर थी।
25 अगस्त की रात तमंचा तानकर लूटा था बैग
घटना 25 अगस्त की रात की है। कमला नगर के जी ब्लॉक निवासी पोशाक कारोबारी आनंद गुप्ता अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे।
आरोप है कि थाना क्षेत्र के पीछे बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और तमंचा तानकर उनका बैग लूट लिया। कारोबारी के अनुसार बैग में करीब दो से ढाई लाख रुपये की नकदी, दो मोबाइल फोन और एक टैबलेट रखा हुआ था।
वारदात के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी एवं स्थानीय साक्ष्यों کے आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
आसपास के लोगों पर हुआ संदेह, तीन आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि वारदात को अंजाम देने वाले लोगों को कारोबारी की दिनचर्या और आने-जाने के समय की पहले से जानकारी थी।
इसके बाद पुलिस ने नगला ठिपुरी, बल्केश्वर निवासी सागर, तेज नगर गुम्मट निवासी कृष उर्फ रजत और भगवान नगर निवासी नीशू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल उनका एक अन्य साथी गोलू अभी फरार है। उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
कारोबारी की दिनचर्या की पहले से थी जानकारी
पुलिस जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह सामने आया है कि आरोपियों में शामिल एक व्यक्ति पहले आनंद गुप्ता की दुकान में काम कर चुका था। उसे कारोबारी की दिनचर्या और दुकान से घर जाने के समय کی जानकारी थी।
पुलिस के अनुसार इसी जानकारी का इस्तेमाल कर कारोबारी की पहले रेकी की गई और उसके बाद लूट की योजना को अंजाम दिया गया।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल भी खड़ा किया है कि किसी कारोबारी या व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों की अंदरूनी जानकारी अपराधियों तक पहुंचने पर सुरक्षा जोखिम कितना बढ़ सकता है।
बाइक छुड़ाने के लिए बनाई लूट की योजना
एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव के अनुसार मुख्य आरोपी सागर की पहले जगदीशपुरा क्षेत्र में कपड़े की दुकान थी। कारोबार में घाटा होने के बाद वह आर्थिक संकट और कर्ज में आ गया था।
पुलिस के मुताबिक उसने अपनी बाइक गिरवी रख दी थी। पूछताछ में सामने आया कि बाइक छुड़ाने और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ में जन्माष्टमी से पहले एक अन्य कारोबारी को निशाना बनाने کی तैयारी करने की बात भी बताई है। पुलिस इस जानकारी के आधार पर उस संभावित वारदात और उससे जुड़े तथ्यों کی भी जांच कर रही है।
टैबलेट चलाना नहीं आया तो बैग समेत यमुना में फेंका
पुलिस के अनुसार लूट के बाद आरोपी कारोबारी का टैबलेट इस्तेमाल नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने बताया कि टैबलेट चलाना नहीं आने के कारण उन्होंने उसे बैग समेत यमुना में फेंक दिया।
अब पुलिस फरार आरोपी गोलू کی तलाश के साथ-साथ लूटी गई शेष रकम और अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
अंदरूनी जानकारी ने आसान की वारदात?
इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू कारोबारी की दिनचर्या की कथित अंदरूनी जानकारी है। पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों को पहले से पता था कि कारोबारी किस समय दुकान से निकलते हैं और किस रास्ते से घर जाते हैं। इसी आधार पर रेकी कर वारदात کی योजना बनाई गई।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और एक लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद पुलिस इसे महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। हालांकि मामले का पूरा खुलासा फरार आरोपी की गिरफ्तारी, शेष लूटी गई रकम और अन्य सामान की बरामदगी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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